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तीन महीने में 70 फीसदी गिर गया कपड़े का कारोबार
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भदोही। लॉकडाउन खुलने के एक पखवारे बाद भी बाजार अपनी रफ्तार नहीं पकड़ सका है। बाजार में भीड़ है। दुकानों में चहल पहल है, लेकिन खरीदारी जोर नहीं पकड़ रही है। वस्त्रोद्योग और रेडीमेड गारमेंट्स का बाजार ईद जैसे त्योहार पर भी ठंडा था और आज भी है। कारोबारियों का कहना है कि खरीदारी 70 प्रतिशत तक गिर चुकी है। इसका मुख्य कारण है ढाई महीने तक कोई कारोबार न हो पाना। लोगों की जेब खाली है। काम शुरू हुआ है तो धीरे धीरे अपने मुकाम तक पहुंचेगा। सप्ताह में तीन दिन की दुकानदारी से भी बाजार पर असर है।
सप्ताह में तीन दिन दुकानें खुल रही हैं। दुकानें किस दिन खुलेंगी जब हम लोगों में भ्रम है तो ग्राहक भी भ्रमित होंगे ही। ग्राहक आते हैं तो बंदी का दिन होता है। जब से दुकानें सप्ताह के सातों दिन नहीं खुलेंगी तब तक लाभ नहीं होगा।-सुनील गुप्ता, रेडिमेड गारमेंट विक्रेता
लॉकडाउन से भारी नुकसान हुआ है। इससे सभी व्यवसाय प्रभावित हुए हैं। काम धंधे ठप रहने से लोगों के दाल रोटी के लाले पड़ गए तो लोग कपड़ा कहां से खरीदेंगे। सरकार को सप्ताह के सातों दिन दुकानें खुलवानें चाहिए।-ओम प्रकाश गुप्ता, रेडिमेड गारमेंट विक्रेता
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मेरा माल अधिकतर सूरत और अहमदाबाद से आता है। चार महीने से दौरा नहीं कर सका हूं। माल नहीं आने से वेरायटी नहीं है, जिससे खरीदारी प्रभावित हुई है। लोगों की जेबें खाली होने का भी असर कारोबार पर पड़ा है। -जावेद अंसारी, वस्त्र विक्रेता
दुकान में वेरायटी है, लेकिन आमदनी प्रभावित होने से कपड़ा बाजार डांवाडोल है। दुकान पर आने वाले लोग महंगाई की शिकायत करते हैं। जब से दुकानें खोलने का नियम सुचारु नहीं होगा दिक्कत रहेगी। जुलाई में सुधार की आस है।-रमेश गुप्ता गारमेंट विक्रेता
स्कूल ड्रेस के लिए भारी मात्रा में कपड़े मंगा कर रख लिए थे। लेकिन स्कूल बंद होने से घाटा हो रहा है। स्कूल कब खुलेंगे यह भी स्पष्ट नहीं है। जब तक स्कूल नहीं खुल जाते तब तक मेरा कारोबार ठप रहेगा।-संतोश गुप्ता, कपड़ा विक्रेता
ईद के बाद वैवाहिक सीजन भी बीत रहा। खरीदारी सीमित है। प्रतिस्पर्धा की मार भी पड़ रही है। 30 प्रतिशत बिक्री रह गई है। केवल 3 दिन दुकानें खुलने से खरीदारी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। अभी कोई त्योहार भी नहीं है।-अजय गुप्ता, कपड़ा विक्रेता
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सप्ताह में तीन दिन दुकानें खुल रही हैं। दुकानें किस दिन खुलेंगी जब हम लोगों में भ्रम है तो ग्राहक भी भ्रमित होंगे ही। ग्राहक आते हैं तो बंदी का दिन होता है। जब से दुकानें सप्ताह के सातों दिन नहीं खुलेंगी तब तक लाभ नहीं होगा।-सुनील गुप्ता, रेडिमेड गारमेंट विक्रेता
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लॉकडाउन से भारी नुकसान हुआ है। इससे सभी व्यवसाय प्रभावित हुए हैं। काम धंधे ठप रहने से लोगों के दाल रोटी के लाले पड़ गए तो लोग कपड़ा कहां से खरीदेंगे। सरकार को सप्ताह के सातों दिन दुकानें खुलवानें चाहिए।-ओम प्रकाश गुप्ता, रेडिमेड गारमेंट विक्रेता
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मेरा माल अधिकतर सूरत और अहमदाबाद से आता है। चार महीने से दौरा नहीं कर सका हूं। माल नहीं आने से वेरायटी नहीं है, जिससे खरीदारी प्रभावित हुई है। लोगों की जेबें खाली होने का भी असर कारोबार पर पड़ा है। -जावेद अंसारी, वस्त्र विक्रेता
दुकान में वेरायटी है, लेकिन आमदनी प्रभावित होने से कपड़ा बाजार डांवाडोल है। दुकान पर आने वाले लोग महंगाई की शिकायत करते हैं। जब से दुकानें खोलने का नियम सुचारु नहीं होगा दिक्कत रहेगी। जुलाई में सुधार की आस है।-रमेश गुप्ता गारमेंट विक्रेता
स्कूल ड्रेस के लिए भारी मात्रा में कपड़े मंगा कर रख लिए थे। लेकिन स्कूल बंद होने से घाटा हो रहा है। स्कूल कब खुलेंगे यह भी स्पष्ट नहीं है। जब तक स्कूल नहीं खुल जाते तब तक मेरा कारोबार ठप रहेगा।-संतोश गुप्ता, कपड़ा विक्रेता
ईद के बाद वैवाहिक सीजन भी बीत रहा। खरीदारी सीमित है। प्रतिस्पर्धा की मार भी पड़ रही है। 30 प्रतिशत बिक्री रह गई है। केवल 3 दिन दुकानें खुलने से खरीदारी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। अभी कोई त्योहार भी नहीं है।-अजय गुप्ता, कपड़ा विक्रेता