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पेपरलेस होगी सातवीं आर्थिक गणना, मोबाइल एप से होंगे काम
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ज्ञानपुर। जिले में सातवीं आर्थिक गणना की तैयारी तेज कर दी गई है। अबकी बार गणना पेपरलेस होगी। मोबाइल एप में परिवारों का पूरा लेखा जोखा फीड किया जाएगा। इसमें परिवार की स्थिति, उद्योग, रोजगार, बेरोजगार समेत अन्य स्थितियों को अंकित किया जाएगा। वैसे तो जून से ही गणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन सितंबर से घर-घर जाकर गणना की जाएगी।
देश की आर्थिक स्थिति का अवलोकन करने के लिए सरकार हर छह वर्ष में जनगणना की तर्ज पर आर्थिक गणना कराती है। पहली बार 1977 में इसकी शुरुआत हुई थी। 2019 में होने वाली आर्थिक गणना कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से कराई जा रही है। गणना इस बार पूरी तरह से पेपरलेस होगी। इस गणना को एक मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। इस एप को चलाने को लेकर कॉमन सर्विस सेंटर को जिम्मेदारी दी गई है। भदोही जिले में 561 ग्राम पंचायतों के लिए 525 प्रगणक लगाए जाएंगे, जिन्हें पेपरलेस गणना के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि इस गणना को तीन तरीके से किया जाएगा। रेजीडेंटल, कॉमर्शियल और रेजीडेंटल-कॉमर्शियल में होगा। इसमें परिवार की वर्तमान स्थिति, बेरोजगारों की संख्या, रोजगार, उद्यम को देखा जाएगा।
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देश की आर्थिक स्थिति का अवलोकन करने के लिए सरकार हर छह वर्ष में जनगणना की तर्ज पर आर्थिक गणना कराती है। पहली बार 1977 में इसकी शुरुआत हुई थी। 2019 में होने वाली आर्थिक गणना कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से कराई जा रही है। गणना इस बार पूरी तरह से पेपरलेस होगी। इस गणना को एक मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। इस एप को चलाने को लेकर कॉमन सर्विस सेंटर को जिम्मेदारी दी गई है। भदोही जिले में 561 ग्राम पंचायतों के लिए 525 प्रगणक लगाए जाएंगे, जिन्हें पेपरलेस गणना के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि इस गणना को तीन तरीके से किया जाएगा। रेजीडेंटल, कॉमर्शियल और रेजीडेंटल-कॉमर्शियल में होगा। इसमें परिवार की वर्तमान स्थिति, बेरोजगारों की संख्या, रोजगार, उद्यम को देखा जाएगा।
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