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Bhadohi News: एक्सईएन के खिलाफ दो लाख की वसूली का अधिपत्र जारी
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने 17 साल पुराने मामले में अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड ज्ञानपुर के खिलाफ 2.68 लाख रुपये का वसूली अधिपत्र जारी किया है।
धनराशि को भू-राजस्व की भांति वसूल कर आयोग में जमा कराने के लिए जिलाधिकारी भदोही को वसूली प्रमाण-पत्र भेजा गया है।
औराई के अमवामाफी जगन्नाथपुर निवासी प्रेमशंकर ने वर्ष 2009 में अधिवक्ता के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया था।
इसमें आरोप लगाया गया था कि बिजली के जर्जर और लटकते तार की चपेट में आने से उनके परिवार के एक सदस्य की मौत हो गई। उन्होंने बिजली निगम पर मुआवजा नहीं देने का आरोप लगाया था।
आयोग ने परिवाद स्वीकार करते हुए बिजली निगम को हर्जाना देने का आदेश दिया। इसके खिलाफ विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की, जिसे निरस्त कर दिया गया।
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इसके बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने आदेश के अनुपालन में धनराशि की वसूली के लिए अधिपत्र जारी किया।
आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि 2.68 लाख रुपये की वसूली के लिए प्रमाण-पत्र ऑनलाइन राजस्व पोर्टल पर दर्ज कर जिलाधिकारी को भेजा गया है।
धनराशि भू-राजस्व की भांति वसूल कर जिला उपभोक्ता आयोग में जमा कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई आयोग को प्राप्त शक्तियों के आधार पर की गई है। मामले की अगली सुनवाई 16 अक्तूबर 2026 को होगी।
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धनराशि को भू-राजस्व की भांति वसूल कर आयोग में जमा कराने के लिए जिलाधिकारी भदोही को वसूली प्रमाण-पत्र भेजा गया है।
औराई के अमवामाफी जगन्नाथपुर निवासी प्रेमशंकर ने वर्ष 2009 में अधिवक्ता के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया था।
इसमें आरोप लगाया गया था कि बिजली के जर्जर और लटकते तार की चपेट में आने से उनके परिवार के एक सदस्य की मौत हो गई। उन्होंने बिजली निगम पर मुआवजा नहीं देने का आरोप लगाया था।
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आयोग ने परिवाद स्वीकार करते हुए बिजली निगम को हर्जाना देने का आदेश दिया। इसके खिलाफ विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की, जिसे निरस्त कर दिया गया।
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इसके बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने आदेश के अनुपालन में धनराशि की वसूली के लिए अधिपत्र जारी किया।
आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि 2.68 लाख रुपये की वसूली के लिए प्रमाण-पत्र ऑनलाइन राजस्व पोर्टल पर दर्ज कर जिलाधिकारी को भेजा गया है।
धनराशि भू-राजस्व की भांति वसूल कर जिला उपभोक्ता आयोग में जमा कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई आयोग को प्राप्त शक्तियों के आधार पर की गई है। मामले की अगली सुनवाई 16 अक्तूबर 2026 को होगी।