ज्ञानपुर। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में बुधवार को पूर्वांचल क्रांतिदल की ओर से सभा का आयोजन किया गया। इसमें पूर्वांचल राज्य के गठन को लेकर आवाज बुलंद की गई। कहा कि जब तक पूर्वांचल राज्य का गठन नहीं होगा, तब तक पूर्वांचल का विकास संभव नहीं है। सपा बसपा और भाजपा पूर्वांचल राज्य का गठन नहीं करना चाहते। अगर पूर्वांचल का गठन हो गया तो इनकी दुकानदारी खत्म हो जाएगी। पूर्वांचल क्रांतिदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामसखा त्रिपाठी कार्यक्रम की अगुआई करते हुए कहा कि जिस दिन पूर्वांचल प्रदेश बन जाएगा, उस दिन से करोड़ों रुपये लेकर टिकट काटने और बेचने की दुकान बंद हो जाएगी। कहा कि पूर्वांचल प्रदेश न बनने में बाधक बड़े दलों के नेता हैं। कहा कि पूर्वांचल प्रदेश बना तो इसकी राजधानी कैलाशपति की नगरी काशी को बताया। कहा कि प्रदेश के प्रशासनिक दक्षता और विकास के लिए छोटे छोटे प्रांतों का गठन जरूरी है। कहा कि बढ़ती बेरोजगारी, औद्योगिक शून्यता और भारत के अन्य प्रांतोें में नौकरी के लिए पूर्वांचल के नौजवानों का अपमान किया जाता है। संविधान के अनुसार राज्यों का आकार जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर होना चाहिए, ताकि उसका विकास हो सके। कहा कि दस जिलों का तेलंगाना प्रांत बन सकता है, तो पूर्वांचल क्यों नहीं। आज उत्तर प्रदेश में 75 जिले 22 करोड़ आबादी और जिसमें पूर्वांचल में 30 सांसद 150 विधानसभा सीटें, नौ करोड़ आबादी और 27 जिले हैं, जो पूर्वांचल राज्य बनने के लिए पर्याप्त हैं। कहा कि आज पूर्वांचल में न तो कोई नेता और न कोई उद्योग है। केवल मात्र दो उद्योग चल रहे हैं पहला अपहरण दूसरा फिरौती विधायक और सांसद कुर्सी कमीशन की राजनीति कर रहें हैं। इस मौके पर बृजराज सिंह, संतोष पांडेय, चंद्रमणि तिवारी, जवाहर लाल दलित, कमल शंकर मौर्य, रामशिरोमणी यादव, अमरजीत यादव, केदार सिंह, सूबेदार सिंह, तरीराम पांडेय, मुन्ना तिवारी, चंद्रबली उपाध्याय, राकेश दूबे, गामा पटेल, अवधेश दूबे, रामराज चौहान, संजय उपाध्याय अशोक बिंद उपस्थित रहे।