अमेरिकी सरकार की ओर से कालीनों की ज्वलनशीलता को लेकर मांगे गए प्रमाण पत्र के नए प्रावधानों से भारतीय कालीन निर्यातकों को आने वाले दिनों में होने वाली संभावित समस्याओं को देखते हुए बुधवार को कालीन भवन में जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें अमेरिकी सरकार के नए नियमों का निर्बाध रूप से अनुपालन करने के तरीकों की जानकारी दी गई और निर्यातकों का मार्गदर्शन किया गया। इंटरटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और ऑल इंडिया कारपेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेमिनार में इंटरटेक इंडिया के मोहित राठौर ने अमेरिका की ओर से लागू किए गए नए अनुपालन नियमों और उत्पाद सुरक्षा के आवश्यक प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमों का अनुपालन न करने पर कालीन उद्योग को नुकसान हो सकता है। उन्होंने विभिन्न बिंदुओं की जानकारी देते हुए कहा कि अब भारत से अमेरिका निर्यात किए जाने वाले कालीन की ज्वलनशीलता का प्रमाण पत्र भी साथ भेजना होगा।
एकमा अध्यक्ष उमेश कुमार गुप्ता मुन्ना ने कहा कि ज्वलनशीलता प्रमाण पत्र को लेकर कालीन उद्यमियों को समय रहते सजग और अभ्यस्त होना होगा। सबसे पहले सभी को नए अनुपालन नियमों की पूरी जानकारी रखनी होगी। उन्होंने कहा कि सभी कालीन उत्पादकों और निर्यातकों को इसके लिए पूरी तरह तैयार किया जाएगा, ताकि अमेरिका को माल भेजने में किसी तरह की परेशानी न हो।प्रश्नोत्तर सत्र में इंटरटेक के संजय कुमार और प्रसन्ना मिश्रा ने कालीन निर्यातकों के सवालों के जवाब दिए। एकमा के मानद संयुक्त सचिव शाहिद अंसारी, जयप्रकाश गुप्ता और रवि पाटोदिया ने भी विचार रखे। अरशद वजीरी, तनवीर हुसैन, अश्फाक अंसारी, इस्तियाक खां, भरत लाल मौर्य, अब्दुल सत्तार, अमित मौर्य, शाहिद जमाल, एजाज अंसारी और आरके बोथरा समेत अन्य निर्यातक मौजूद रहे।