{"_id":"5956ac414f1c1bd9388b479e","slug":"51498852417-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टेक्सटाइल्स इंडिया-2017 का आगाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टेक्सटाइल्स इंडिया-2017 का आगाज
Updated Sat, 01 Jul 2017 01:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भदोही। शुक्रवार से गांधीनगर (गुजरात) में शुरू हुए तीन दिवसीय टेक्सटाइल्स इं डिया 2017 के उद्घाटन से कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) को काफी आशाएं हैं। टेक्सटाइल्स के क्षेत्र में भारत में अब तक का यह सबसे बड़ा आयोजन है, जिसमें दुनियां भर के सौ से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
ये बातें परिषद के चेयरमैन महावीर प्रताप उर्फ राजा शर्मा ने गांधीनगर से फोन पर कही।
चेयरमैन ने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति भर से दुनिया भर की नजरें इस मेगा शो पर टिकी हुई हैं। टेक्सटाइल्स और हस्तशिल्प उत्पादों को एक साथ इस फेयर के माध्यम से विश्व के समक्ष प्रदर्शित करना अपने आप में बड़ा प्रयास है। यहां अलग अलग राज्यों के टेक्सटाइल्स उत्पाद निर्माता, निर्यातकों के शामिल होने से भारत के लिए यह बड़ी संभावना के रूप में उभर कर आ रहा है। चेयरमैन ने बताया कि सीईपीसी और आईआईसीटी को एक साथ इस मेगा शो में भाग लेने का अवसर मिला है। इस अवसर को हमने जाया नहीं होने दिया और यहां परंपरागत लूमों, औजारों के साथ साथ कालीन बुनाई की पूरी प्रक्रिया लोगों के सामने रखी। जो विश्वभर से आने वाले प्रतिनिधियों के लिए एकदम नई चीज थी। लोगाें नेहमारे लूमों को न केवल कौतूहलवश देखा बल्कि कालीन बुनाई में प्रयोग में लाए जाने वाले औजारों का भी अवलोकन किया। उधर वहां मौजूद आईआईसीटी निदेशक प्रो. केके गोस्वामी ने कहा कि चूंकि इसमें भारत सरकार और प्रधानमंत्री स्वयं लगे हुए हैं पूरे सेक्टर के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
विज्ञापन
ये बातें परिषद के चेयरमैन महावीर प्रताप उर्फ राजा शर्मा ने गांधीनगर से फोन पर कही।
चेयरमैन ने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति भर से दुनिया भर की नजरें इस मेगा शो पर टिकी हुई हैं। टेक्सटाइल्स और हस्तशिल्प उत्पादों को एक साथ इस फेयर के माध्यम से विश्व के समक्ष प्रदर्शित करना अपने आप में बड़ा प्रयास है। यहां अलग अलग राज्यों के टेक्सटाइल्स उत्पाद निर्माता, निर्यातकों के शामिल होने से भारत के लिए यह बड़ी संभावना के रूप में उभर कर आ रहा है। चेयरमैन ने बताया कि सीईपीसी और आईआईसीटी को एक साथ इस मेगा शो में भाग लेने का अवसर मिला है। इस अवसर को हमने जाया नहीं होने दिया और यहां परंपरागत लूमों, औजारों के साथ साथ कालीन बुनाई की पूरी प्रक्रिया लोगों के सामने रखी। जो विश्वभर से आने वाले प्रतिनिधियों के लिए एकदम नई चीज थी। लोगाें नेहमारे लूमों को न केवल कौतूहलवश देखा बल्कि कालीन बुनाई में प्रयोग में लाए जाने वाले औजारों का भी अवलोकन किया। उधर वहां मौजूद आईआईसीटी निदेशक प्रो. केके गोस्वामी ने कहा कि चूंकि इसमें भारत सरकार और प्रधानमंत्री स्वयं लगे हुए हैं पूरे सेक्टर के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
विज्ञापन