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प्रधानमंत्री आवास में आठ लाभार्थी मिले अपात्र, रिकवरी
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:16 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। शासन की तमाम सख्ती के बाद भी भ्रष्टाचार और धांधली पर विराम नहीं लग पा रहा है। योजनाएं भ्रष्टाचार के घुन से बेदम हो जा रहीं हैं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में भी भ्रष्टाचार के दीमक लग गए हैं।
सुविधा शुल्क लेकर अपात्रों को आवास देने का मामला सुरियावां ब्लॉक के बहुता चकडाही गांव में सामने आया है। यहां पर आठ अपात्र लाभार्थियों को आवास दे दिया गया। आईजीआरएस पर शिकायत के बाद बीडीओ ऊषा पाल ने जांच की तो मामला सही निकला। जांच आख्या पर सीडीओ ने सवा तीन लाख की रिकवरी का आदेश देते हुए सेक्रेटरी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि सेकेटरी पर निलंबन की गाज गिर सकती है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में ऐसे लोगों को आवास मुहैया कराया जाना है, जिनके पास पक्की छत नहीं है। ब्लॉक स्तर पर लाभार्थियों के चयन में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की गई। कई गांवों से शिकायतों की आवाज उठी, लेकिन जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई। सुरियावां विकास खंड के बहुता चकडाही गांव निवासी विक्रमादित्य, सुशीला देवी, शारदा, लोदई, लालजी, चिंतामणि, सीता देवी, रमेसरा के खिलाफ पिछले दिनों आईजीआरएस पर शिकायत की थी। डीएम विशाख जी ने मामले की जांच बीडीओ सुरियावां ऊषा पाल को दी। बीडीओ की जांच में गांव में आठ लाभार्थी अपात्र पाए गए। खास बात यह रही कि अपात्रों को पहली किस्त के नाम पर 40-40 हजार भेज भी दिए गए थे। बीडीओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद सीडीओ हरिशंकर सिंह ने सभी लाभार्थियों से तीन लाख 20 हजार रुपये की रिकवरी का आदेश दे दिया। सीडीओ ने कहा कि मामला गंभीर है। इस मामले में सेक्रेटरी ही नहीं कई ग्राम प्रधान समेत कई अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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फर्जी जांच रिपोर्ट दी तो नपेंगे अफसर
ज्ञानपुर। हैलो! मैं मुख्य विकास अधिकारी बोल रहा हूं। आईजीआरएस की शिकायत पर कोई जांच करने के लिए गया था या नहीं...। जल्द ही शिकायकर्ताओं के फोन पर सीडीओ साहब की आवाज सुनाई देगी। फर्जी जांच रिपोर्ट को लेकर प्रशासन गंभीर हो गया है। पिछले दिनों एक फर्जी जांच रिपोर्ट के मामले में तत्कालीन सीडीओ पर कार्रवाई के बाद प्रशासन कोई ढिलाई नहीं बरतना चाह रहा है। सीडीओ हरिशंकर सिंह ने बताया कि जिस अधिकारी को जांच दी जाएगी, उसका भौतिक सत्यापन के साथ जांच करनी होगी। बिना जांच के रिपोर्ट देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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सुविधा शुल्क लेकर अपात्रों को आवास देने का मामला सुरियावां ब्लॉक के बहुता चकडाही गांव में सामने आया है। यहां पर आठ अपात्र लाभार्थियों को आवास दे दिया गया। आईजीआरएस पर शिकायत के बाद बीडीओ ऊषा पाल ने जांच की तो मामला सही निकला। जांच आख्या पर सीडीओ ने सवा तीन लाख की रिकवरी का आदेश देते हुए सेक्रेटरी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि सेकेटरी पर निलंबन की गाज गिर सकती है।
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में ऐसे लोगों को आवास मुहैया कराया जाना है, जिनके पास पक्की छत नहीं है। ब्लॉक स्तर पर लाभार्थियों के चयन में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की गई। कई गांवों से शिकायतों की आवाज उठी, लेकिन जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई। सुरियावां विकास खंड के बहुता चकडाही गांव निवासी विक्रमादित्य, सुशीला देवी, शारदा, लोदई, लालजी, चिंतामणि, सीता देवी, रमेसरा के खिलाफ पिछले दिनों आईजीआरएस पर शिकायत की थी। डीएम विशाख जी ने मामले की जांच बीडीओ सुरियावां ऊषा पाल को दी। बीडीओ की जांच में गांव में आठ लाभार्थी अपात्र पाए गए। खास बात यह रही कि अपात्रों को पहली किस्त के नाम पर 40-40 हजार भेज भी दिए गए थे। बीडीओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद सीडीओ हरिशंकर सिंह ने सभी लाभार्थियों से तीन लाख 20 हजार रुपये की रिकवरी का आदेश दे दिया। सीडीओ ने कहा कि मामला गंभीर है। इस मामले में सेक्रेटरी ही नहीं कई ग्राम प्रधान समेत कई अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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फर्जी जांच रिपोर्ट दी तो नपेंगे अफसर
ज्ञानपुर। हैलो! मैं मुख्य विकास अधिकारी बोल रहा हूं। आईजीआरएस की शिकायत पर कोई जांच करने के लिए गया था या नहीं...। जल्द ही शिकायकर्ताओं के फोन पर सीडीओ साहब की आवाज सुनाई देगी। फर्जी जांच रिपोर्ट को लेकर प्रशासन गंभीर हो गया है। पिछले दिनों एक फर्जी जांच रिपोर्ट के मामले में तत्कालीन सीडीओ पर कार्रवाई के बाद प्रशासन कोई ढिलाई नहीं बरतना चाह रहा है। सीडीओ हरिशंकर सिंह ने बताया कि जिस अधिकारी को जांच दी जाएगी, उसका भौतिक सत्यापन के साथ जांच करनी होगी। बिना जांच के रिपोर्ट देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।