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डीजे संचालक निरंकुश
Updated Fri, 14 Dec 2018 12:23 AM IST
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लालानगर। ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जिले में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। लिहाजा कई स्थानों पर बिना अनुमति के मानक से कई गुना तेज आवाज में डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाए जा रहे हैं। इससे लोगों में रोष है।
कुछ महीनों पहले हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर आदेश जारी करते हुए वैवाहिक समारोहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बजने वाले डीजे और लाउडस्पीकर की ध्वनि की सीमा निर्धारित की थी। इसके लिए विधिवत उपजिलाधिकारी और संबंधित थाने को मानक के अनुरूप ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने के लिए अनुमति लेने का आदेश भी दिया गया था। लेकिन, जिले में इस आदेश का कोई पालन नहीं हो रहा है। गोपीगंज नगर में कुछ एक जाने-माने डीजे संचालक कंपटीशन के चलते अपने डीजे पर हाई फ्रीक्वेंसी साउंड लगाकर फुल वॉल्यूम में अपने डीजे को बगैर अंकुश बजाते हैं। इसी तरह अन्य डीजे संचालक और ध्वनि विस्तारक यंत्र भी बजाए जा रहे हैं। समाजसेवी धर्मेंद्र द्विवेदी ने कहा कि मानक के विपरीत कुछ डीजे संचालक इतनी तेज आवाज में अपने डीजे को बजाते हैं कि हृदय गति के मरीज खतरे में पड़ सकते हैं। उदित दुबे ने कहा कि जिला प्रशासन ने हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सख्ती तो की, लेकिन अब मौन साध लिया गया है। इससे डीजे संचालकों में अनुशासनहीनता बढ़ रही है।
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