फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   अधूरी परियोजना: कारपेट एक्सपो मार्ट

अधूरी परियोजना: कारपेट एक्सपो मार्ट

Sun, 16 Jun 2019 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jun 2019 12:28 AM IST
विज्ञापन
अधूरी परियोजना: कारपेट एक्सपो मार्ट
भदोही। बीते वित्तीय वर्ष में भारत का कुल कालीन निर्यात 10,500 करोड़ रहा। इसमें 60 प्रतिशत उत्पादन जनपद में ही होते हैं। लेकिन, जब आयातकों को भारत बुलाना होता है तो उनके लिए नई दिल्ली अथवा वाराणसी में इंडिया कारपेट एक्सपो का आयोजन होता है। सैकड़ों की संख्या में विदेशी भारत आते भी हैं तो वाराणसी या नई दिल्ली ही होकर लौट जाते हैं। यही कारण है कि वर्षों से भदोही के कालीन उत्पादक कारपेट एक्सपो का आयोजन भदोही में कराने की मांग करते रहे हैं।
विज्ञापन

वर्ष 2015 में तत्कालीन सपा सरकार ने भदोही में एक्सपो का आयोजन कराने के लिए 200 करोड़ की लागत से कारपेट एक्सपो मार्ट की सौगात दी और उसी वर्ष अप्रैल में इसका शिलान्यास भी हो गया। उप्र राजकीय निर्माण निगम को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई, जिसमें जून 2017 तक निर्माण लगभग पूरा कर लिया। कालीन उद्यमियों ने उसी वर्ष अक्टूबर में यहां एक्सपो आयोजन के लिए जोर लगाया, लेकिन तब तक एक्सपो मार्ट संचालन की रूपरेखा नहीं बनने से इसका आयोजन लटक गया।
विज्ञापन

इसके बाद टेंडर के माध्यम से प्रदेश सरकार ने मार्ट संचालन की जिम्मेदारी जब तक कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) को दी तब तक वर्ष 2018 के एक्सपो का समय निकल चुका था। तब कहा जाने लगा कि अगले वर्ष (2019) अक्टूबर का कारपेट एक्सपो इसमें कराया जाएगा। लेकिन, गत मार्च से आयोजक इसका तीन बार निरीक्षण कर चुके हैं और कई कमियों के चलते इस बार भी अक्टूबर में यहां एक्सपो आयोजन खटाई में पड़ गया है। कुल मिलाकर 200 करोड़ की लागत से बने कारपेट मार्ट में कालीन मेला आयोजन का सपना आज भी अधूरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन



भदोही (ब्यूरो)। भदोही में एक्सपो मार्ट निर्माण के पीछे यहां के मझोले कालीन उत्पादकों और लघु उद्यमियों को लाभ पहुंचाने की सरकार की मंशा थी। लेकिन, मार्ट के बन जाने के दो साल बाद भी यहां कोई आयोजन न होना निर्यातकों की चिंता का सबब बना हुआ है। अ खिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) चाहती है कि एक्सपो भदोही में ही हो, लेकिन आयोजकों सीईपीसी का कहना है कि जब तक मार्ट परियोजना के अनुरूप हमें बनाकर नहीं मिलेगा तब तक हम इसे नहीं ले सकते।
इस वर्ष अक्टूबर में तीसरा साल होगा जब 200 करोड़ खर्च कर बने मार्ट में फेयर नहीं लगेगा। इसको लेकर कालीन नगरी में तरह तरह की बातें की जा रही हैं। एकमा के पूर्व कोषाध्यक्ष शमीम अंसारी ने कहा कि इसमें सरकार की लापरवाही तो है ही आयोजक भी नहीं चाहते कि यहां कालीन मेला हो। कहा कि परिषद चुनाव में आधे से अधिक संख्या उप्र के मतदाताओं की है। जब चुनाव होता है तो लोग तमाम वादे करते हैं लेकिन चुनाव बाद वादों से मुकर जाते हैं। कहा जब तक हम गुटों में बंट कर परिषद में जनप्रतिनिधि भेजते रहेंगे तब तक भदोही कालीन नगरी का भला होने वाला नहीं है।

सीधे सीधे निर्माण एजेंसी जिम्मेदार निर्माण एजेंसी को कुछ बिंदुओं पर कार्य पूरा करने को निर्देशित किया गया था। उन्होंने आश्वासन भी दिया था, लेकिन अपने वादे पर खरे नहीं उतरे। शासन इसको लेकर गंभीर है। सीधे सीधे निर्माण एजेंसी की लापरवाही प्रतीत होती है। इसकी रिपोर्ट मैं शासन को प्रेषित कर रहा हूं।

उमेश सिंह, संयुक्त आयुक्त (उद्योग), वाराणसी-मिर्जापुर


कुारपेट एक्सपो मार्ट में छिटपुट कमियों का दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया है। यहां कारपेट मेला आयोजित करने को लेकर बातचीत गंभीरता से चल रही है। उम्मीद है कि इसी वर्ष इस भवन में मेले का आयोजन किया जाएगा।
राजेंद्र प्रसाद, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed