फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   जिंदगी की जंग हारने वाले बच्चों के घर नहीं जले चूल्हे

जिंदगी की जंग हारने वाले बच्चों के घर नहीं जले चूल्हे

Sat, 19 Jan 2019 11:14 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jan 2019 11:14 PM IST
विज्ञापन
जिंदगी की जंग हारने वाले बच्चों के घर नहीं जले चूल्हे

विज्ञापन

ज्ञानपुर। शिवरामपुर गांव निवासी रानी (5) अपनी दादी की बेहद प्यारी थी। वह जब तब दादी की गोद में बैठकर उन्हें कभी प्यार करती थी तो कभी अपनी नटखट अदाओं से परेशान भी करती थीं। शुक्रवार को रानी की मौत की खबर पाने के बाद से दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह अपनी रानी को याद कर उसकी प्यार-दुलार को अपने विलाप में पुकार रही है। वह भगवान से भी खासी नाराज हैं। कहती हैं ये भगवान मुझे उठा लिया होता, मेरी प्यारी रानी को क्या उठा दिया। दादी के विलाप के स्वर से हर आंखें गमजदा हैं।

दो दिनों में तीन मासूमों की मौत से शिवरामपुर और भगवास गांव में सन्नाटा पसरा है। अगर कुछ सुनाई दे रहा है तो वह विलाप का करुण क्रंदन है। बच्चों की मौत के गम में दूसरे दिन भी दोनों गांव शोक में डूबा है। हर किसी की आंखें नम हैं। लखनो गांव में 12 जनवरी को हुए स्कूली वैन हादसे में झुलसे 19 बच्चों में से अब तक तीन बच्चे जिंदगी की जंग हार चुके हैं। शिवरामपुर गांव निवासी रानी (5) पुत्री राजन मिश्रा की मौत का गम उसकी दादी इंद्रावती नहीं भूूला पा रही हैं। वह पौत्री को याद कर बिलख पड़ रही हैं। रानी का एक भाई गोविंद मिश्रा (11) अब भी आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। दादी इंद्रावती किसी बच्चे को देखती हैं तो रानी की मौत के जिम्मेदार स्कूल को ही फूंकने की जिद पर अड़ जाती हैं, हालांकि थोड़ी ही देर में वह बेसूूध होकर अचेत हो जाती हैं। उनका यह दर्द देखकर घर पहुंचने वाले हर किसी की आंखें भर आती हैं। मृत बच्चों के घर हादसे के बाद से इस कदर की मायूसी है कि शुक्रवार और शनिवार को चूल्हे नहीं जले। दुनियां देखने से पहले ही दुनिया को अलविदा कहने वाले बच्चों की मौत के जिम्मेदार विद्यालय संचालक समेत जिम्मेदार विभागों पर कार्रवाई की मांग भी अभिभावक कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed