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पीपा पुल का बुरा हाल, चलना मुश्किल
Updated Sun, 24 Dec 2017 01:01 AM IST
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गोपीगंज। प्रदेश सरकार ने पीपा पुलों की ठेका व्यवस्था समाप्त करते हुए आवागमन नि:शुल्क कर यात्रियों को तो सहूलियत दी है, लेकिन समुचित ध्यान न देने के चलते गंगा घाटों की डगर कठिन हो गई है। लोग जान जोखिम में डाल कर आवागमन करने के लिए विवश हैं। अपने शासन काल के अंतिम समय में प्रदेश की सपा सरकार ने पीपा पुल से गंगा पार का आवागमन शुल्क मुक्त कर दिया था। शुल्क मुक्त घोषित कर देने से ठेकेदार बोरिया विस्तर समेट कर निकल गए। लेकिन, आवागमन की व्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग की शिथिलता अब लोगों के लिए भारी पड़ रही है। विभाग गंगा में बाढ़ के दौरान स्टीमर की व्यवस्था भी नहीं कर सका था। लोग पहले से ज्यादा पैसा देकर आवागमन करते रहे। विभाग की मिलीभगत से निजी नाव चालक ओवरलोड नाव चलाकर मनमानी वसूली करते रहे। गंगा में पानी कम हो जाने पर पीपा पुल का निर्माण कराकर लोक निर्माण विभाग अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो गया, लेकिन पुल मार्ग की न तो दशा सुधारी गई, न ही पुल पर चकर प्लेटें बिछाई गईं। रामपुर घाट पर बनाए गए पुल से गंगा पार आवागमन करना मुश्किल हो गया है। पुल पर चढ़ते-उतरते समय गंगा के किनारे फंस जाने पर वाहन चालकों के साथ पैदल यात्रियों के भी पसीने छूट जाते हैं। मजबूरन लोग जान जोखिम में डालकर व्यवस्था को कोसते हुए आवागमन कर रहे हैं। यह पुल भदोही जिले को मिर्जापुर से जोड़ता है। क्षेत्र के लोगों ने पीपा पुल संपर्क मार्ग की दशा सुधारने की मांग की है। कहा कि शीघ्र संपर्क मार्ग ठीक नहीं कराया गया, तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
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