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एमएसएमई औद्योगिक प्रदर्शनी
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भदोही। एमएसएमई विकास संस्थान नैनी द्वारा भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) में आयोजित तीन दिवसीय उद्यम समागम व औद्योगिक प्रदर्शनी के दूसरे दिन हस्तशिल्प, हैंडलूम उत्पादों को देखने के लिए काफी लोग पहुंचे। लघु शिल्पकारों के प्रोत्साहन के लिए यह प्रदर्शनी आयोजित की गई है। दूसरे दिन प्रदर्शनी में हिस्सा लेने वाले शिल्पकारों के साथ साथ आने वाले अतिथियों को जीएसटी, डिजिटल मार्केटिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रदर्शनी में एमएसएमई विकास संस्थान के प्रभारी निदेशक आईबी सिंह ने कहा कि भविष्य डिजिटल मार्केटिंग का है। इसे अपनाने वालों के लिए विकास के कई रास्त खुले हैं। दूसरे दिन पद्मश्री डा.रजनीकांत ने भदोही के कालीनों को मिले जीआई टैग पर विस्तार से चर्चा की। टैग की उपयोगिता के बारे में लोगों को बताया उन्हें यह भी बताया कि यह टैग पूर्ण रूप से लागू हो जाने के बाद इसका लाभ लोगों को दिखेगा। उधर उपायुक्त जीएसटी, सीमा रानी ने लोगों को जीएसटी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बताया कि उद्यमियों के कामकाज को और बेहतर बनाने के लिए जीएसटी लागू किया गया है। कुछ लोग या तो इसे समझ नहीं पा रहे हैं अथना जान बूझ कर समझना नहीं चाह रहे हैं। जबकि पूरे देश के व्यापारियों ने इसे सहजता से अपना लिया है।
इस मौके पर व्यापारियों और लघु उद्यमियों ने जीएसटी के बारे में अपनी कुछ अड़चनों के बारे में भी सवाल करते हुए जानकारी ली। एसपी सिंह सहायक निदेशक एमएसएमई ने संचालित कुछ और योजनाओं की जानकारी दी। आईआईसीटी के डा.एसके पांडेय और सिद्धार्थ शुक्ला, तरुण बुडाल ने भी शिल्पियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई। गुरूवार को शिविर का समापन होगा।
प्रदर्शनी में एमएसएमई विकास संस्थान के प्रभारी निदेशक आईबी सिंह ने कहा कि भविष्य डिजिटल मार्केटिंग का है। इसे अपनाने वालों के लिए विकास के कई रास्त खुले हैं। दूसरे दिन पद्मश्री डा.रजनीकांत ने भदोही के कालीनों को मिले जीआई टैग पर विस्तार से चर्चा की। टैग की उपयोगिता के बारे में लोगों को बताया उन्हें यह भी बताया कि यह टैग पूर्ण रूप से लागू हो जाने के बाद इसका लाभ लोगों को दिखेगा। उधर उपायुक्त जीएसटी, सीमा रानी ने लोगों को जीएसटी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बताया कि उद्यमियों के कामकाज को और बेहतर बनाने के लिए जीएसटी लागू किया गया है। कुछ लोग या तो इसे समझ नहीं पा रहे हैं अथना जान बूझ कर समझना नहीं चाह रहे हैं। जबकि पूरे देश के व्यापारियों ने इसे सहजता से अपना लिया है।
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इस मौके पर व्यापारियों और लघु उद्यमियों ने जीएसटी के बारे में अपनी कुछ अड़चनों के बारे में भी सवाल करते हुए जानकारी ली। एसपी सिंह सहायक निदेशक एमएसएमई ने संचालित कुछ और योजनाओं की जानकारी दी। आईआईसीटी के डा.एसके पांडेय और सिद्धार्थ शुक्ला, तरुण बुडाल ने भी शिल्पियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई। गुरूवार को शिविर का समापन होगा।
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