{"_id":"6355830c1d802c1ec76949b9","slug":"villagers-upset-due-to-erosion-after-flood-basti-news-gkp4550765164","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ के बाद कटान से ग्रामीण परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ के बाद कटान से ग्रामीण परेशान
विज्ञापन
विक्रमजोत क्षेत्र में सरयू नदी में हो रहा कटान।
- फोटो : BASTI
बाढ़ के बाद कटान से ग्रामीण परेशान
विक्रमजोत। जलस्तर कम होने के बाद से सरयू नदी लगातार कटान कर रही है। इससे तटवर्ती गांवों के लोग परेशान हैं। बाढ़ खंड की ओर से कटानरोधी कार्य नहीं कराया जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार रविवार को जलस्तर खतरे के निशान 92.73 से नीचे और वार्निंग लेबल 91.73 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर यानी 91.88 मीटर दर्ज किया गया।
क्षेत्र के आपदा प्रभावित गांव भरथापुर व संदलपुर गांव कटान का केंद्र बना हुआ है। गांव में हो रही कटान से ग्रामीण सहमे हुए हैं। संदलपुर गांव के बच्चूलाल, अनिल, अरविंद, कांशीराम, राजेंद्र कुमार, बसंतराम और भरथापुर के जितेंद्र कुमार सिंह, श्याम सुंदर, जग्गी लाल, सीताराम, रामपति आदि ने बताया कि गांव में रुक-रुककर कटान हो रही है।
बाढ़ के दौरान हुई कटान व क्षतिग्रस्त ठोकरों की मरम्मत अब तक नहीं कराई गई, जिससे गांव में खतरा बना हुआ है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता राघवेंद्र कुमार नायक ने बताया कि नदी अब अपने गर्भ में वापस जा रही और बाढ़ के दौरान जमा हुई सिल्ट को काट रही है। इससे गांवों को कोई नुकसान नहीं होगा। विभाग की ओर से आपदा ग्रस्त गांवों को सुरक्षित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विक्रमजोत। जलस्तर कम होने के बाद से सरयू नदी लगातार कटान कर रही है। इससे तटवर्ती गांवों के लोग परेशान हैं। बाढ़ खंड की ओर से कटानरोधी कार्य नहीं कराया जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार रविवार को जलस्तर खतरे के निशान 92.73 से नीचे और वार्निंग लेबल 91.73 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर यानी 91.88 मीटर दर्ज किया गया।
क्षेत्र के आपदा प्रभावित गांव भरथापुर व संदलपुर गांव कटान का केंद्र बना हुआ है। गांव में हो रही कटान से ग्रामीण सहमे हुए हैं। संदलपुर गांव के बच्चूलाल, अनिल, अरविंद, कांशीराम, राजेंद्र कुमार, बसंतराम और भरथापुर के जितेंद्र कुमार सिंह, श्याम सुंदर, जग्गी लाल, सीताराम, रामपति आदि ने बताया कि गांव में रुक-रुककर कटान हो रही है।
विज्ञापन
बाढ़ के दौरान हुई कटान व क्षतिग्रस्त ठोकरों की मरम्मत अब तक नहीं कराई गई, जिससे गांव में खतरा बना हुआ है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता राघवेंद्र कुमार नायक ने बताया कि नदी अब अपने गर्भ में वापस जा रही और बाढ़ के दौरान जमा हुई सिल्ट को काट रही है। इससे गांवों को कोई नुकसान नहीं होगा। विभाग की ओर से आपदा ग्रस्त गांवों को सुरक्षित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन