{"_id":"61608e898ebc3e05e6219a67","slug":"upgradation-of-kasturba-schools-basti-news-gkp4122347136","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साल में नहीं हो पाया कस्तूरबा विद्यालयों का उच्चीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक साल में नहीं हो पाया कस्तूरबा विद्यालयों का उच्चीकरण
विज्ञापन
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय परिसर बन रहा छात्रावास अधूरा पड़ा।
- फोटो : BASTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक साल में नहीं हो पाया कस्तूरबा विद्यालयों का उच्चीकरण
कुदरहा, कप्तानगंज और रुधौली में बनना है छात्रावास एवं एकेडेमिक ब्लॉक
निगरानी व गुणवत्ता की जांच के लिए बाराबंकी अवर अभियंता जांच
बस्ती। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार तमाम कोशिश कर रही हैं। इसमें कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं की आगे की शिक्षा के लिए विद्यालय परिसर में छात्रावास एवं एकेडेमिक ब्लॉक का निर्माण कराने का आदेश एक वर्ष पहले दिया गया था। प्रथम चरण में जिले के तीन कस्तूरबा विद्यालयों में छात्रावास के साथ एकेडेमिक ब्लॉक निर्माण के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है, लेकिन विभागीय लापरवाही से रुधौली, कप्तानगंज और कुदरहा ब्लॉक में कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है।
जिले के 14 विकास खंडों में 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का निर्माण कराया गया है। इनमें कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं को मुफ्त आवासीय शिक्षा दी जाती है। आठवीं उत्तीर्ण करने के बाद रहने की समस्या के कारण कई छात्राएं आगे की शिक्षा से वंचित हो जाती थीं। उनकी इस समस्या को शासन ने गंभीरता से लेते हुए इंटर तक की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों का उच्चीकरण कराने का फैसला किया था। इसके तहत जिले के कप्तानगंज, रुधौली और कुदरहा ब्लॉक के कस्तूरबा विद्यालयों में छात्रावास और एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण होना था। इससे 10 बेड का छात्रावास, वार्डेन एवं गार्ड रूम के अलावा पानी की टंकी, शौचालय एवं मेस का निर्माण एक करोड़ 77 लाख की लागता से होना है। इसके लिए 40 प्रतिशत की धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। इन विद्यालयों में 100-100 सीटें निर्धारित की गई हैं, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण रुधौली में टेंडर होने के बाद काम नहीं शुरू हुआ। जबकि कप्तानगंज में टेंडर ही नहीं हुआ।
कुदरहा में आधा निर्माण कराके छोड़ दिया गया है। इन विद्यालयों में 75 प्रतिशत सीटें पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं के प्रवेश के लिए आरक्षित हैं। जबकि 25 प्रतिशत सीटें सामान्य वर्ग की गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की बालिकाओं के लिए है।
विज्ञापन
शासन की मंशा है कि बालिकाओं की पढ़ाई आगे जारी रखने के लिए तीन ब्लॉकों के कस्तूरबा विद्यालय का उच्चीकरण कराने की शासन से मंजूरी मिल गई है। कार्यदायी संस्था नामित की जा चुकी है। निर्माण कार्य की निगरानी व गुणवत्ता की जांच के लिए बाराबंकी के अवर अभियंता अनिल कुमार शुक्ला को नामित किया गया है।
जगदीश शुक्ला, बीएसए, बस्ती
विज्ञापन
कुदरहा, कप्तानगंज और रुधौली में बनना है छात्रावास एवं एकेडेमिक ब्लॉक
निगरानी व गुणवत्ता की जांच के लिए बाराबंकी अवर अभियंता जांच
बस्ती। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार तमाम कोशिश कर रही हैं। इसमें कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं की आगे की शिक्षा के लिए विद्यालय परिसर में छात्रावास एवं एकेडेमिक ब्लॉक का निर्माण कराने का आदेश एक वर्ष पहले दिया गया था। प्रथम चरण में जिले के तीन कस्तूरबा विद्यालयों में छात्रावास के साथ एकेडेमिक ब्लॉक निर्माण के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है, लेकिन विभागीय लापरवाही से रुधौली, कप्तानगंज और कुदरहा ब्लॉक में कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है।
जिले के 14 विकास खंडों में 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का निर्माण कराया गया है। इनमें कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं को मुफ्त आवासीय शिक्षा दी जाती है। आठवीं उत्तीर्ण करने के बाद रहने की समस्या के कारण कई छात्राएं आगे की शिक्षा से वंचित हो जाती थीं। उनकी इस समस्या को शासन ने गंभीरता से लेते हुए इंटर तक की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों का उच्चीकरण कराने का फैसला किया था। इसके तहत जिले के कप्तानगंज, रुधौली और कुदरहा ब्लॉक के कस्तूरबा विद्यालयों में छात्रावास और एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण होना था। इससे 10 बेड का छात्रावास, वार्डेन एवं गार्ड रूम के अलावा पानी की टंकी, शौचालय एवं मेस का निर्माण एक करोड़ 77 लाख की लागता से होना है। इसके लिए 40 प्रतिशत की धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। इन विद्यालयों में 100-100 सीटें निर्धारित की गई हैं, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण रुधौली में टेंडर होने के बाद काम नहीं शुरू हुआ। जबकि कप्तानगंज में टेंडर ही नहीं हुआ।
विज्ञापन
कुदरहा में आधा निर्माण कराके छोड़ दिया गया है। इन विद्यालयों में 75 प्रतिशत सीटें पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं के प्रवेश के लिए आरक्षित हैं। जबकि 25 प्रतिशत सीटें सामान्य वर्ग की गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की बालिकाओं के लिए है।
विज्ञापन
शासन की मंशा है कि बालिकाओं की पढ़ाई आगे जारी रखने के लिए तीन ब्लॉकों के कस्तूरबा विद्यालय का उच्चीकरण कराने की शासन से मंजूरी मिल गई है। कार्यदायी संस्था नामित की जा चुकी है। निर्माण कार्य की निगरानी व गुणवत्ता की जांच के लिए बाराबंकी के अवर अभियंता अनिल कुमार शुक्ला को नामित किया गया है।
जगदीश शुक्ला, बीएसए, बस्ती