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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   The ringleader of the cyber fraud gang was based in Rajasthan, while his accomplices were active in the district.

Basti News: साइबर ठग गिरोह का सरगना बैठा था राजस्थान में, जिले में सक्रिय थे गुर्गे

Sat, 29 Aug 2026 12:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 12:48 AM IST
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The ringleader of the cyber fraud gang was based in Rajasthan, while his accomplices were active in the district.
बस्ती। जिले में सामने आए 15 लाख रुपये के साइबर ठगी के मामले की जांच अब अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंच गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सरगना राजस्थान में बैठकर नेटवर्क संचालित कर रहा था, जबकि बस्ती में अलग टीम स्थानीय स्तर पर सक्रिय थी। पुलिस अब राजस्थान में बैठे सरगना और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
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पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपितों ने साइबर ठगी के लिए सुनियोजित तरीके से नेटवर्क तैयार किया था। इसके लिए किराये के बैंक खाते, सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपित परिचित बनकर लोगों को पहले विश्वास में लेते थे। इसके बाद कम दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर उनके मोबाइल की गैलरी और कॉन्टैक्ट लिस्ट का एक्सेस हासिल कर लेते थे।
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मोबाइल से तस्वीरें और अन्य निजी जानकारी हासिल करने के बाद आरोपित तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें अश्लील बना देते थे। इसके बाद नाम और पते का इस्तेमाल करते हुए पीड़ितों को ब्लैकमेल कर रकम वसूलते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में फोटो किसी व्यक्ति की और नाम-पता किसी दूसरे का इस्तेमाल किया जाता था। इससे पीड़ित और उनके परिचित भ्रमित हो जाते थे और आरोपियों की मांग पूरी करने को तैयार हो जाते थे।
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बड़े कारोबारियों को निशाना बनाने की थी तैयारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपित बस्ती में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी में थे। स्थानीय स्तर पर अपनी पैठ बढ़ाने के बाद बड़े कारोबारियों तक पहुंच बनाने की योजना थी। इससे पहले ही कोतवाली पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी योजना पर पानी फेर दिया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ और बरामद मोबाइल फोन व सिम कार्ड की जांच के आधार पर गिरोह की अन्य कड़ियां जोड़ रही है। गोपनीय तरीके से जांच करते हुए राजस्थान में बैठे मुख्य सरगना समेत अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

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ये है मामला
27 अगस्त को कोतवाली पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर लोगों के मोबाइल की गैलरी और कॉन्टैक्ट लिस्ट का एक्सेस लेकर उनकी तस्वीरों को अश्लील बनाकर ब्लैकमेल करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक सिम विक्रेता भी शामिल है। एसपी डॉ. यशवीर सिंह के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हर्रैया क्षेत्र के मनिकारपुर निवासी निखिल सिंह और गौरव सिंह, पैकोलिया क्षेत्र के पिकौरा निवासी अफरोज तथा कलवारी मुस्तकहम निवासी प्रद्युम्न चौरसिया के रूप में हुई। आरोपितों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, सात नए सिम कार्ड और तीन बाइक बरामद की गईं। गिरोह के तीन अन्य सदस्यों लकी सिंह, अश्वनी सिंह और पीयूष सिंह की तलाश की जा रही है। जांच में महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, झारखंड, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश में एनसीसीआरपी पोर्टल पर 12 शिकायतें दर्ज मिली हैं। इनमें पीड़ितों से 35,725 रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों ने अब तक करीब 12 से 15 लाख रुपये की ठगी करने की बात स्वीकार की है। चारों आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की जांच के साथ गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
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