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Basti News: 580 पीआरडी स्वयंसेवकों को बढ़े भत्ते का मिलेगा लाभ
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बस्ती। जिले में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने से लेकर अस्पतालों और अन्य सरकारी संस्थानों में ड्यूटी कर रहे 580 पीआरडी स्वयंसेवकों को बढ़े हुए ड्यूटी भत्ते का लाभ मिलेगा। शासन स्तर पर ड्यूटी भत्ता बढ़ाने के साथ स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
अब पीआरडी स्वयंसेवकों को ड्यूटी भत्ते के रूप में 500 रुपये के स्थान पर 600 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। इससे जिले में तैनात सभी 580 स्वयंसेवकों को लाभ मिलेगा। शासनादेश जारी होने के बाद बढ़े हुए भत्ते का भुगतान किया जाएगा।
पीआरडी स्वयंसेवक ट्रैफिक व्यवस्था के साथ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा, थानों, अस्पतालों और विभिन्न सरकारी संस्थानों में ड्यूटी कर रहे हैं। लंबे समय से स्वयंसेवक ड्यूटी भत्ता बढ़ाने और नियमित किए जाने की मांग कर रहे हैं। भत्ता बढ़ाए जाने से उनमें खुशी है, लेकिन नियमितीकरण की मांग अभी बनी हुई है।
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स्वयंसेवकों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में जितने दिन ड्यूटी मिलती है, उतने ही दिन का भुगतान होता है। नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश समेत अन्य सुविधाएं नहीं मिलती हैं। हालांकि कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू होने से स्वयंसेवकों और उनके परिवार के सदस्यों को इलाज में राहत मिलने की उम्मीद है।
जिला युवा कल्याण अधिकारी राम प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में 580 पीआरडी स्वयंसेवक तैनात हैं। नियमानुसार उन्हें ड्यूटी दी जा रही है। शासनादेश जारी होने के बाद बढ़े हुए पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा।
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अब पीआरडी स्वयंसेवकों को ड्यूटी भत्ते के रूप में 500 रुपये के स्थान पर 600 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। इससे जिले में तैनात सभी 580 स्वयंसेवकों को लाभ मिलेगा। शासनादेश जारी होने के बाद बढ़े हुए भत्ते का भुगतान किया जाएगा।
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पीआरडी स्वयंसेवक ट्रैफिक व्यवस्था के साथ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा, थानों, अस्पतालों और विभिन्न सरकारी संस्थानों में ड्यूटी कर रहे हैं। लंबे समय से स्वयंसेवक ड्यूटी भत्ता बढ़ाने और नियमित किए जाने की मांग कर रहे हैं। भत्ता बढ़ाए जाने से उनमें खुशी है, लेकिन नियमितीकरण की मांग अभी बनी हुई है।
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स्वयंसेवकों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में जितने दिन ड्यूटी मिलती है, उतने ही दिन का भुगतान होता है। नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश समेत अन्य सुविधाएं नहीं मिलती हैं। हालांकि कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू होने से स्वयंसेवकों और उनके परिवार के सदस्यों को इलाज में राहत मिलने की उम्मीद है।
जिला युवा कल्याण अधिकारी राम प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में 580 पीआरडी स्वयंसेवक तैनात हैं। नियमानुसार उन्हें ड्यूटी दी जा रही है। शासनादेश जारी होने के बाद बढ़े हुए पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा।