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सरयू का जलस्तर बढ़ने से कटान का खतरा
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विक्रमजोत क्षेत्र में सरयू के तटीय इलाकों में हो रही कटान।
- फोटो : BASTI
सरयू का जलस्तर बढ़ने से कटान का खतरा
विक्रमजोत (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार से एक बार फिर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की सूचना के अनुसार शाम करीब चार बजे नदी का जलस्तर 92.430 मीटर रिकार्ड किया गया, जो कि खतरे के निशान 92.730 से 30 सेंटीमीटर नीचे है।
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से विक्रमजोत के तटबंध विहीन गांव भरथापुर व कल्यानपुर में गांव को कटने से बचाने के लिए बनाए गए डैंपनर क्षतिग्रस्त होकर बैठने लगा है। वहीं, पड़ाव क्षेत्र में हो रही कटान से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के बाद भी बाढ़ खंड की ओर से महज निरीक्षण कार्य करवाया जा रहा है। भरथापुर के जितेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार व मंगलवार को उनके घर के पीछे बना डैंपनर लगातार नदी में समाता जा रहा है। यदि ऐसा ही रहा तो जल्द ही डैंपनर नदी में समा जाएगा और गांव में भीषण कटान शुरू हो जाएगी।
गांव के हेमंत पांडेय, प्रधान के प्रतिनिधि अभिषेक शर्मा, फागू प्रसाद, जग्गी लाल, राम अवध सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल हुई तबाही के जख्म अभी भरे नहीं हैं और फिर से बाढ़ खंड की ओर से कराए गए बचाव के कार्य क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। ऐसे में गांव को बचाने के लिए शासन-प्रशासन को ठोस व्यवस्था करनी चाहिए। एसडीएम हर्रैया सुखबीर सिंह ने कहा कि बाढ़ खंड के अधिकारियों को निरीक्षण कर कटान रोकने के लिए कार्य आरंभ करने को कहा गया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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विक्रमजोत (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार से एक बार फिर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की सूचना के अनुसार शाम करीब चार बजे नदी का जलस्तर 92.430 मीटर रिकार्ड किया गया, जो कि खतरे के निशान 92.730 से 30 सेंटीमीटर नीचे है।
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से विक्रमजोत के तटबंध विहीन गांव भरथापुर व कल्यानपुर में गांव को कटने से बचाने के लिए बनाए गए डैंपनर क्षतिग्रस्त होकर बैठने लगा है। वहीं, पड़ाव क्षेत्र में हो रही कटान से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के बाद भी बाढ़ खंड की ओर से महज निरीक्षण कार्य करवाया जा रहा है। भरथापुर के जितेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार व मंगलवार को उनके घर के पीछे बना डैंपनर लगातार नदी में समाता जा रहा है। यदि ऐसा ही रहा तो जल्द ही डैंपनर नदी में समा जाएगा और गांव में भीषण कटान शुरू हो जाएगी।
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गांव के हेमंत पांडेय, प्रधान के प्रतिनिधि अभिषेक शर्मा, फागू प्रसाद, जग्गी लाल, राम अवध सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल हुई तबाही के जख्म अभी भरे नहीं हैं और फिर से बाढ़ खंड की ओर से कराए गए बचाव के कार्य क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। ऐसे में गांव को बचाने के लिए शासन-प्रशासन को ठोस व्यवस्था करनी चाहिए। एसडीएम हर्रैया सुखबीर सिंह ने कहा कि बाढ़ खंड के अधिकारियों को निरीक्षण कर कटान रोकने के लिए कार्य आरंभ करने को कहा गया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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