फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Testing centers are showered with favors without doctors being caught, patients are being duped.

Basti News: बिना डॉक्टर पकड़े गए जांच सेंटरों पर बरस रही मेहरबानी, छले जा रहे मरीज

Tue, 10 Mar 2026 01:10 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 10 Mar 2026 01:10 AM IST
विज्ञापन
Testing centers are showered with favors without doctors being caught, patients are being duped.
सीएमओ कार्यालय।
बस्ती। जिले में स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी ने अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। सीलिंग की सख्त कार्रवाई के बजाय महज कागजी नोटिस थमाकर विभाग ने जिस तरह मामले को रफा-दफा किया, उसी का नतीजा है कि बंद किए गए सेंटर अब गुपचुप तरीके से फिर से संचालित हो रहे हैं। विभाग की इस ढिलाई से जहां माफिया मालामाल हो रहे हैं, वहीं भोले-भाले मरीज छले जा रहे हैं।
विज्ञापन

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कुदरहा बाजार, कुसौरा बाजार, दुबौलिया और बहादुरपुर, विशेषरगंज, जिलेबीगंज समेत हर्रैया में छापेमारी के दौरान कुल, आठ ऐसे अल्ट्रासाउंड पकड़े गए थे, जहां डॉक्टर नहीं थे। हालांकि, मामले में दो केंद्रों से मशीन जब्त कर लिए थे। मगर शेष छह सेंटरों को नोटिस देकर बंद कराया गया था। यहां से न तो मशीन मंगवाई गई, न ही आगे की कोई कार्रवाई हुई। जानकारों ने बताया कि ऐसे में यहां गुपचुप तरीके से जांच का खेल जारी है। विभाग, भी सेंटर बंद होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेता है, इसी का फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं।
विज्ञापन

इसी क्षेत्र में आठ माह पहले टीम ने छापा मारकर 10 से अधिक पैथोलॉजी की जांच की थी, जिसमें नौ अवैध पाए गए थे। यहां डॉक्टर भी नहीं थे। इन सेंटर संचालकों को मौखिक नोटिस देकर सीएमओ कार्यालय बुलाया गया था, मगर उसके बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। भानपुर, देईसाड़, जिला महिला अस्पताल के सामने भी बिना वैध डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहे हैं, जबकि पूर्व में यहां तीन से चार सेंटर अवैध तरीके से संचालित होते पकड़े गए थे। बताया गया कि विभाग के इस ढुलमुल रवैया के चलते अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथालॉजी के इस गिरोह पर कड़ी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी से अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथोलॉजी बिना पंजीयन सक्रिय हैं। बताते हैं कि अक्सर इन सेंटरों से गलत रिपोर्ट भी जारी कर दिया जाता है, इससे मरीज की जान आफत में पड़ जाती है। सूत्रों के अनुसार, इन सेंटरों पर डॉक्टर के बजाय अप्रशिक्षित ही कार्य करते हैं। पैथोलॉजी की बात करें तो 90 के करीब हैं।

सरकारी डॉक्टर ही चला रहे अपना अल्ट्रासाउंड सेंटर : सूत्रों ने बताया कि अल्ट्रासाउंड सेंटर व पैथोलॉजी में बड़ा झोल है। सरकारी डॉक्टर ही अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी संचालित करा रहे। सरकारी ड्यूटी से छूटने के बाद सीधे वह अपने निजी सेंटर पहुंच जाते हैं।
जिला अस्पताल और रोडवेज स्थित ऐसे सेंटर चल रहे हैं। बावजूद इसके विभाग इन सेंटरों पर जांच करने से बचता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed