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Basti News: दिन में छह घंटे बिजली कटाैती, सिंचाई के लिए रतजगा करना मजबूरी
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बभनान। कस्बे के उपकेंद्र से जुड़े ग्रामीण इलाके में बिजली आपूर्ति दिन में न होने से किसानों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। एक तरफ सरकार ने कृषि कार्य के लिए बिजली फ्री कर रखी हैं, वहीं विभागीय उदासीनता के चलते किसानों को इसका लाभ नहीं पा रहा है। किसानों का कहना है कि दिन में छह घंटे बिजली कटाैती हो रही है। ऐसे में खेतों की सिंचाई के लिए रतजगा करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, बभनान उपकेंद्र से जुड़े पर पैकोलिया, बेदीपुर व गौर फीडर से करीब दो सौ गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। दिन में छह घंटे रोस्टिंग व कटौती के चलते किसानों को ठंड में रतजगा कर खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है। भटहा जंगल के किसान विजय कुमार वर्मा, रमेश कुमार, संजय गौड़, प्रमोद चौधरी आदि ने बताया कि सरकार की ओर से भले ही कृषि कार्य के लिए बिजली फ्री में दी जाती हो, मगर इसका फायदा उठाने के लिए जद्दोजहद करना पड़ता है।
किसानों का कहना है कि फसल को सिंचाई की सख्त जरूरत है। सुबह छह बजे आपूर्ति ठप होती है और सीधे शाम को आपूर्ति बहाल होती है। अधिकतर किसान दिन में निजी पंपिंग सेट से सिंचाई करते हैं। पंपिंग सेट से सिंचाई करने पर लागत बढ़ जाती है। इस संबंध में उपकेंद्र के उपखंड अधिकारी अमित कुमार का कहना है दिन में करीब छह घंटे कंट्रोल के निर्देश पर रोस्टिंग की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार, बभनान उपकेंद्र से जुड़े पर पैकोलिया, बेदीपुर व गौर फीडर से करीब दो सौ गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। दिन में छह घंटे रोस्टिंग व कटौती के चलते किसानों को ठंड में रतजगा कर खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है। भटहा जंगल के किसान विजय कुमार वर्मा, रमेश कुमार, संजय गौड़, प्रमोद चौधरी आदि ने बताया कि सरकार की ओर से भले ही कृषि कार्य के लिए बिजली फ्री में दी जाती हो, मगर इसका फायदा उठाने के लिए जद्दोजहद करना पड़ता है।
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किसानों का कहना है कि फसल को सिंचाई की सख्त जरूरत है। सुबह छह बजे आपूर्ति ठप होती है और सीधे शाम को आपूर्ति बहाल होती है। अधिकतर किसान दिन में निजी पंपिंग सेट से सिंचाई करते हैं। पंपिंग सेट से सिंचाई करने पर लागत बढ़ जाती है। इस संबंध में उपकेंद्र के उपखंड अधिकारी अमित कुमार का कहना है दिन में करीब छह घंटे कंट्रोल के निर्देश पर रोस्टिंग की जा रही है।
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