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Basti News: नहीं मिला हिंसक जानवर, वन विभाग ने रोका सर्च अभियान
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बभनान (बस्ती)। गौर थाना क्षेत्र के मेंहदिया राम दत्त गांव के वृद्ध की जिस जंगली जानवर के हमले में मौत के कयास लगाए जा रहे हैं, उसका चौथे दिन भी पता नहीं चल पाया। वन विभाग के तीन दिन चले सघन सर्च अभियान में उसे पकड़ने की बात तो दूर, टीम उसकी परछाई तक भी नहीं छू पाई। सोमवार शाम को सर्च अभियान रोक दिया गया।
रेंजर सोनल वर्मा ने बताया कि सर्च अभियान को रोककर जंगली जानवर पर नजर रखने की जिम्मेदारी उस क्षेत्र के फॉरेस्टर हरिओम पांडेय, वन रक्षक धर्मेंद्र कुमार यादव व वाचरों को दे दी गई है। यदि उन्हें जंगली जानवर के कहीं देखे जाने या मौजूदगी के कोई संकेत मिलते हैं, तो पुनः सर्च अभियान चालू कर दिया जाएगा। उधर, वहीं ग्रामीण अभी भी मान रहे हैं कि मुनव्वर की मौत तेंदुए के हमले में ही हुई, जिसके कारण गांव में दहशत बरकरार है।
गौर थाना क्षेत्र के मेंहदिया राम दत्त गांव निवासी मुनव्वर हुसैन (60) शुक्रवार को दोपहर करीब 12:30 बजे पैदल ही नमाज पढ़ने के लिए जा रहे थे। एक घंटे बाद घर से लगभग सात सौ मीटर आगे खड़ंजे के किनारे खून से सना उनका शव पड़ा मिला था। दिवंगत के चेहरे व गर्दन पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे। अंदाजा लगाया गया कि किसी जंगली जानवर ने उसके गर्दन पर हमला कर उसे मार डाला। ग्रामीणों का कहना था कि कुछ दिन पूर्व टिनिच क्षेत्र के एक गांव के आसपास तेंदुआ जैसा जानवर दिखाई पड़ा था। ग्रामीण अंदाजा लगा रहे हैं कि तेंदुए ने ही मनौवर पर हमला किया। मौके पर पहुंचे परिजन ने शव को घर उठा ले गए थे।
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जंगली जानवर की मौजूदगी से इनकार
रविवार तक डॉग फैमिली के जानवर का हमला बताने वाले वन विभाग के अधिकारी सोमवार को यह भी मानने से कन्नी काटने लगे कि वहां कोई जंगली जानवर मौजूद है। वन विभाग का तर्क है कि किसी हिंसक जंगली जानवर की मौजूदगी यदि क्षेत्र में होती तो निश्चित रूप से वह अब तक किसी न किसी पशु पक्षी को भी अपना आहार बन चुका होता। किंतु सघन सर्च अभियान के दौरान अभी तक ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। रेंजर ने बताया कि यदि शव का पोस्टमार्टम न कराना बड़ी चूक है। पोस्टमार्टम में यह पता चल जाता कि वह कौन सा जंगली जानवर था।
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रेंजर सोनल वर्मा ने बताया कि सर्च अभियान को रोककर जंगली जानवर पर नजर रखने की जिम्मेदारी उस क्षेत्र के फॉरेस्टर हरिओम पांडेय, वन रक्षक धर्मेंद्र कुमार यादव व वाचरों को दे दी गई है। यदि उन्हें जंगली जानवर के कहीं देखे जाने या मौजूदगी के कोई संकेत मिलते हैं, तो पुनः सर्च अभियान चालू कर दिया जाएगा। उधर, वहीं ग्रामीण अभी भी मान रहे हैं कि मुनव्वर की मौत तेंदुए के हमले में ही हुई, जिसके कारण गांव में दहशत बरकरार है।
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गौर थाना क्षेत्र के मेंहदिया राम दत्त गांव निवासी मुनव्वर हुसैन (60) शुक्रवार को दोपहर करीब 12:30 बजे पैदल ही नमाज पढ़ने के लिए जा रहे थे। एक घंटे बाद घर से लगभग सात सौ मीटर आगे खड़ंजे के किनारे खून से सना उनका शव पड़ा मिला था। दिवंगत के चेहरे व गर्दन पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे। अंदाजा लगाया गया कि किसी जंगली जानवर ने उसके गर्दन पर हमला कर उसे मार डाला। ग्रामीणों का कहना था कि कुछ दिन पूर्व टिनिच क्षेत्र के एक गांव के आसपास तेंदुआ जैसा जानवर दिखाई पड़ा था। ग्रामीण अंदाजा लगा रहे हैं कि तेंदुए ने ही मनौवर पर हमला किया। मौके पर पहुंचे परिजन ने शव को घर उठा ले गए थे।
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जंगली जानवर की मौजूदगी से इनकार
रविवार तक डॉग फैमिली के जानवर का हमला बताने वाले वन विभाग के अधिकारी सोमवार को यह भी मानने से कन्नी काटने लगे कि वहां कोई जंगली जानवर मौजूद है। वन विभाग का तर्क है कि किसी हिंसक जंगली जानवर की मौजूदगी यदि क्षेत्र में होती तो निश्चित रूप से वह अब तक किसी न किसी पशु पक्षी को भी अपना आहार बन चुका होता। किंतु सघन सर्च अभियान के दौरान अभी तक ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। रेंजर ने बताया कि यदि शव का पोस्टमार्टम न कराना बड़ी चूक है। पोस्टमार्टम में यह पता चल जाता कि वह कौन सा जंगली जानवर था।