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फिर बढ़ने लगा सरयू का जलस्तर, नदी लाल निशान से चार सेमी ऊपर
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अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने बताया कि शुक्रवार सुबह सात बजे जलस्तर लाल निशान पर पहुंच कर स्थित हो गया था। दोपहर तीन बजे जलस्तर लाल निशान 92.73 से चार सेमी मीटर ऊपर 92.77 मीटर पर दर्ज किया गया। वहीं नदी के जलस्तर में परिवर्तन में लगातार कटान हो रहा है। नदी पांचवीं बार घटने के बाद बढ़ रही है।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार जलस्तर बढ़ने से बांध व सरयू के बीच बसे सुविकाबाबू, टेढ़वा आदि गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। भनखरपुर, गौरा, टकटकवा, दिलाशपुर, सुबिकाबाबू, कटरिया, बंजरिया, बिसुनदासपुर, खजांचीपुर, खलवा गांव के पास तेज कटान हो रहा है। खजांचीपुर गांव के पास पानी तटबंध के करीब पहुंच चुका है। टकटकवा गांव के पास धारा कटान करते हुए गौरा-सैफाबाद तटबंध की तरफ बढ़ रही है। अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद तटबंध के ठोकरों पर पानी का तेज दबाव बना हुआ है। ग्राम पंचायत बैरागल का भरपुरवा मजरे के निवासी अपना रिहायशी मकान तोड़ रहे हैं। कई ग्रामीणों ने गौरा-सैफाबाद तटबंध पर शरण ले लिया है।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार, एक माह में दो बार नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों की हालत बेहद खराब है। शुक्रवार को धारा बाघानाीला से संदलपुर, छतौना तक खेती की जमीनों को काट रही थी। नदी धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ रही है। बाढ़ खंड ने बाघानाला, भरथापुर व कल्यानपुर में पांच कटर और तीन डैंपनर बनाने का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन जलस्तर बढ़ने से डैंपनर के लिए खोदेकर छोड़े गए गड्ढे अब कटान की वजह बन रहे हैं। बाघानाला स्थित अंत्येष्टि स्थल के पास करीब दस मीटर कटान हो चुका है। भरथापुर व कल्यानपुर में कटान रोकने के लिए लगाया गया बंबू बेस व मिट्टी भरी बोरियां नदी में बह चुकी हैं। प्राथमिक विद्यालय के पूरब नदी कटान करते हुए गांव की ओर बढ़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर कटान रोकने के कोई प्रभावी इंतजाम न करने का आरोप लगाया है। एडीएम रमेश चंद्र ने बताया कि आपदा प्रभावित गांवों में राजस्वकर्मियों की मदद से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
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बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने बताया कि शुक्रवार सुबह सात बजे जलस्तर लाल निशान पर पहुंच कर स्थित हो गया था। दोपहर तीन बजे जलस्तर लाल निशान 92.73 से चार सेमी मीटर ऊपर 92.77 मीटर पर दर्ज किया गया। वहीं नदी के जलस्तर में परिवर्तन में लगातार कटान हो रहा है। नदी पांचवीं बार घटने के बाद बढ़ रही है।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार जलस्तर बढ़ने से बांध व सरयू के बीच बसे सुविकाबाबू, टेढ़वा आदि गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। भनखरपुर, गौरा, टकटकवा, दिलाशपुर, सुबिकाबाबू, कटरिया, बंजरिया, बिसुनदासपुर, खजांचीपुर, खलवा गांव के पास तेज कटान हो रहा है। खजांचीपुर गांव के पास पानी तटबंध के करीब पहुंच चुका है। टकटकवा गांव के पास धारा कटान करते हुए गौरा-सैफाबाद तटबंध की तरफ बढ़ रही है। अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद तटबंध के ठोकरों पर पानी का तेज दबाव बना हुआ है। ग्राम पंचायत बैरागल का भरपुरवा मजरे के निवासी अपना रिहायशी मकान तोड़ रहे हैं। कई ग्रामीणों ने गौरा-सैफाबाद तटबंध पर शरण ले लिया है।
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विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार, एक माह में दो बार नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों की हालत बेहद खराब है। शुक्रवार को धारा बाघानाीला से संदलपुर, छतौना तक खेती की जमीनों को काट रही थी। नदी धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ रही है। बाढ़ खंड ने बाघानाला, भरथापुर व कल्यानपुर में पांच कटर और तीन डैंपनर बनाने का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन जलस्तर बढ़ने से डैंपनर के लिए खोदेकर छोड़े गए गड्ढे अब कटान की वजह बन रहे हैं। बाघानाला स्थित अंत्येष्टि स्थल के पास करीब दस मीटर कटान हो चुका है। भरथापुर व कल्यानपुर में कटान रोकने के लिए लगाया गया बंबू बेस व मिट्टी भरी बोरियां नदी में बह चुकी हैं। प्राथमिक विद्यालय के पूरब नदी कटान करते हुए गांव की ओर बढ़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर कटान रोकने के कोई प्रभावी इंतजाम न करने का आरोप लगाया है। एडीएम रमेश चंद्र ने बताया कि आपदा प्रभावित गांवों में राजस्वकर्मियों की मदद से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
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