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जांता गांव में कोटे की दुकान निरस्त
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जांता गांव में कोटे की दुकान निरस्त
भानपुर(बस्ती)। राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने को लेकर एसडीएम आशाराम वर्मा ने अपने तेवर सख्त कर लिये हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस की महामारी से गरीबों को बचाने के लिये सरकार की ओर से दिये जाने वाले राशन के वितरण मेें गड़बड़ी करने वाले कोटेदार किसी भी कीमत पर छोड़े नहीं जाएंगे। जिसके चलते छह माह से निलंबित चल रही सल्टौवा ब्लाक के जांता गांव के कोटे की दुकान को डीएम के अनुमोदन पर निरस्त कर दिया।
उन्होंने बताया कि कोटेदार पर कम राशन देकर अधिक मूल्य वसूल करने सहित ग्रामीणों की ओर से कई आरोप लगाये गये थे। जिसकी जांच की गई थी, जिसमेें आरोपों की पुष्टि होने के साथ ही 52 क्विंटल खाद्यान्न भी कम पाया गया था। दुकान को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुये कोठली की दुकान से संबद्ध कर दिया गया था। एसडीएम ने बताया कि अब जांता गांव की कोटेदार प्रेमलता चौधरी की दुकान को निरस्त कर दिया गया है।
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भानपुर(बस्ती)। राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने को लेकर एसडीएम आशाराम वर्मा ने अपने तेवर सख्त कर लिये हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस की महामारी से गरीबों को बचाने के लिये सरकार की ओर से दिये जाने वाले राशन के वितरण मेें गड़बड़ी करने वाले कोटेदार किसी भी कीमत पर छोड़े नहीं जाएंगे। जिसके चलते छह माह से निलंबित चल रही सल्टौवा ब्लाक के जांता गांव के कोटे की दुकान को डीएम के अनुमोदन पर निरस्त कर दिया।
उन्होंने बताया कि कोटेदार पर कम राशन देकर अधिक मूल्य वसूल करने सहित ग्रामीणों की ओर से कई आरोप लगाये गये थे। जिसकी जांच की गई थी, जिसमेें आरोपों की पुष्टि होने के साथ ही 52 क्विंटल खाद्यान्न भी कम पाया गया था। दुकान को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुये कोठली की दुकान से संबद्ध कर दिया गया था। एसडीएम ने बताया कि अब जांता गांव की कोटेदार प्रेमलता चौधरी की दुकान को निरस्त कर दिया गया है।
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