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Basti News: तेजी से बदल रहा मौसम, कोहरे के बीच स्मॉग की धुंध

Wed, 13 Nov 2024 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 13 Nov 2024 12:51 AM IST
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Rapidly changing weather, smog amid fog
फोरलेन पर स्मॉग की वजह से छाई घुंध,घटी दृष्यता
- हानिकारक स्तर 186 पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक
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- धुंध के कारण दिन के तापमान में आई एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में वायु प्रदूषण से लोगों को अभी राहत नहीं मिल रही है। रात में स्मॉग छाया रहा और सुबह को धुंध छायी रही। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 186 रहा। उधर, अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा।

दिवाली के बाद से जिले में वायु प्रदूषण बढ़ा था, जिससे अभी लोगों को राहत नहीं मिली है। सोमवार रात को भी स्मॉग का धुआं छाया रहा, जिससे आंखों में जलन की समस्या बनी रही। मंगलवार सुबह तक स्मॉग का असर रहा। इसके बाद सुबह तक कोहरे जैसी धुंध छायी रही। इसके बाद मौसम साफ हुआ लेकिन धुंध बनी रही।
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विशेषज्ञों ने बताया कि वायुमंडल में प्रदूषण के कारण सूरज की किरणें धरती तक नहीं पहुंच पा रही हैं। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से लोगों की आंख में जलन व सांस लेने में दिक्कत होती रही। शाम होते ही स्मॉग का असर कम हो गया। लेकिन, कोहरे की तरह वह छाया रहा। दिन में स्मॉग छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
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सोमवार को 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से महज 0.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। हालांकि, आर्द्रता में कमी आने के चलते सुबह शाम अब ठंड का अहसास होने लगा है।

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बच कर रहे दिल के मरीज
- जिला अस्पताल के रामजी सोनी ने बताया कि वायु प्रदूषण के कारण सांस के रोगियों को ज्यादा परेशानी होती है। हर रोज 200 से अधिक मरीज जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं। प्रदूषण के कारण दिल के मरीजों को भी परेशानी होती है। ऐसे मौसम में इस तरह के मरीजों को घर में ही रहना चाहिए। घर के अंदर ही टहलें और व्यायाम करें। बच्चे और बुजुर्गों के लिए भी घर पर रहना ही बेहतर है। लोगों को घर से बाहर निकलते समय फेस मास्क लगाना चाहिए। आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनना चाहिए। आंखों में जलन हो तो साफ पानी से साफ करना चाहिए। डा. अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि प्रदूषित वातावरण का असर बच्चों और बड़ी उम्र के लोगों पर ज्यादा पड़ता है। इनकी इम्यूनिटी पावर कम होने और फेफड़े छोटे होने के कारण संक्रमण बढ़ने का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समय घर के अंदर ही रहना चाहिए।
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