{"_id":"6ab8239aa282ce48f9081045","slug":"incessant-rain-disrupts-normal-life-crops-flattened-in-the-fields-basti-news-c-207-1-bst1005-167836-2026-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, खेतों में बिछीं फसलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, खेतों में बिछीं फसलें
विज्ञापन
बहादुरपुर क्षेत्र में गिरी गन्ना फसल संवाद
बस्ती। जिले में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रात-दिन बारिश के चलते लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। खेतों में खड़ी धान, गन्ना और दलहनी फसलें तेज हवा और बारिश के कारण जमीन पर गिर गईं। खेतों में जलभराव होने से किसानों को फसल खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है।
बारिश के कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई स्थानों पर जलभराव हो गया। इससे आवागमन प्रभावित रहा। तेज हवा के चलते कई जगह पेड़, बिजली के पोल और तार गिर गए। टीनशेड और दीवारें भी गिरने की सूचना है। इससे रास्ते बाधित हुए और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार शाम करीब आठ बजे मौसम बदला। ठंडी हवा चलने के बाद रात करीब 11 बजे बारिश शुरू हुई, जो पूरी रात जारी रही। शुक्रवार सुबह कुछ देर बारिश हल्की हुई, लेकिन बाद में फिर तेज हो गई। शनिवार को भी सुबह से दिनभर बारिश होती रही। तीन दिनों में जिले में करीब 150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. बाबूराम मौर्य ने बताया कि बारिश से दलहनी फसलों को अधिक नुकसान हुआ है। धान की जो फसल अभी गिरी है, उसे एक-दो दिन में बहुत ज्यादा नुकसान नहीं होगा। हालांकि खेतों में पानी लंबे समय तक भरा रहा तो फसल प्रभावित हो सकती है और पैदावार कम हो सकती है। अधिक समय तक फसल पानी में पड़ी रहने पर उसके सड़ने का भी खतरा है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात का असर जिले में भी दिखाई दिया है। फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें लगाई गई हैं। जिले में इस बार 1.31 लाख हेक्टेयर में धान समेत कुल 1.47 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की फसल बोई गई है।
जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल का बीमा कराया है, वे 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर फसल नुकसान की सूचना दे सकते हैं। कंपनी के प्रतिनिधि नुकसान का सर्वे कर नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया पूरी करेंगे। जिले में इस बार करीब 55 हजार किसानों ने फसल बीमा कराया है।
-- -- -- -- -- --
कोट
बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें लगाई गई हैं। फसल क्षति के साथ मकान और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का भी सर्वे कराया जा रहा है।
-ज्ञानचंद, एडीएम, बस्ती।
विज्ञापन
बारिश के कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई स्थानों पर जलभराव हो गया। इससे आवागमन प्रभावित रहा। तेज हवा के चलते कई जगह पेड़, बिजली के पोल और तार गिर गए। टीनशेड और दीवारें भी गिरने की सूचना है। इससे रास्ते बाधित हुए और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार शाम करीब आठ बजे मौसम बदला। ठंडी हवा चलने के बाद रात करीब 11 बजे बारिश शुरू हुई, जो पूरी रात जारी रही। शुक्रवार सुबह कुछ देर बारिश हल्की हुई, लेकिन बाद में फिर तेज हो गई। शनिवार को भी सुबह से दिनभर बारिश होती रही। तीन दिनों में जिले में करीब 150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
विज्ञापन
जिला कृषि अधिकारी डॉ. बाबूराम मौर्य ने बताया कि बारिश से दलहनी फसलों को अधिक नुकसान हुआ है। धान की जो फसल अभी गिरी है, उसे एक-दो दिन में बहुत ज्यादा नुकसान नहीं होगा। हालांकि खेतों में पानी लंबे समय तक भरा रहा तो फसल प्रभावित हो सकती है और पैदावार कम हो सकती है। अधिक समय तक फसल पानी में पड़ी रहने पर उसके सड़ने का भी खतरा है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात का असर जिले में भी दिखाई दिया है। फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें लगाई गई हैं। जिले में इस बार 1.31 लाख हेक्टेयर में धान समेत कुल 1.47 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की फसल बोई गई है।
जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल का बीमा कराया है, वे 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर फसल नुकसान की सूचना दे सकते हैं। कंपनी के प्रतिनिधि नुकसान का सर्वे कर नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया पूरी करेंगे। जिले में इस बार करीब 55 हजार किसानों ने फसल बीमा कराया है।
कोट
बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें लगाई गई हैं। फसल क्षति के साथ मकान और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का भी सर्वे कराया जा रहा है।
-ज्ञानचंद, एडीएम, बस्ती।