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संकट : जलापूर्ति व्यवस्था बदहाल घरों में पहुंच रहा मटमैला पानी
Sun, 18 Jan 2026 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 18 Jan 2026 01:16 AM IST
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टोटी से निकल रहा मटमैला पानी व झाग संवाद
बस्ती। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर नगर पालिका के दावेे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। जहां मंडलीय प्रयोगशाला पानी की गुणवत्ता को लेकर आश्वस्त दिख रही है, वहीं शहरवासी टोंटी से आ रहे दूषित पानी की शिकायत लगातार कर रहे हैं। शनिवार को जब घरों में मटमैला पानी पहुंचा तो लोग परेशान हो गए। लोगों ने उस पानी को पीने से इन्कार करते हुए उससे फर्श की धुलाई की।
मंडलीय प्रयोगशाला के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष अप्रैल से अब तक प्रयोगशाला में पानी के लगभग 16 हजार नमूनों की जांच की गई है। इनमें से केवल कुछ नमूनों में टीडीएस का अंतर पाया गया था, लेकिन वह भी पीने लायक बताया गया था। बाकी अन्य सैंपल मानक पर मिले थे। बायोलॉजिकल जांच भी हुई थी, जिसमें कोई कमी नहीं दिखाई गई है। जहां सभी की गुणवत्ता सही पाई गई थी।
प्रयोगशाला के प्रभारी व अधिशासी अभियंता योगेंद्र कुमार ने बताया कि 16 हजार से अधिक सैंपल की जांच हुई थी। कोई कमी नहीं थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिले में शुद्ध पानी की आपूर्ति हो रही है। जिसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, आयरन और जिंक जैसे सभी पोषण तत्व मानक के अनुरूप पाए गए हैं। मगर, शहर के कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां लीकेज के जरिये अभी भी गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। ऐसे में लोग जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठा रहे हैं। बभनगांवा मोहल्ले में शनिवार को लीकेज के चलते घरों तक मटमैला पानी पहुंच गया। यह देख लोग परेशान हो गए। मोहल्ले के रहने वाले अभिषेक, राहुल और संगीता ने बताया कि टोंटी खोलते ही मटमैला पानी आने लगा। काफी देर तक ऐसे ही पानी आया। कुछ देर तक जलापूर्ति ठप रहा। वहीं, सुबह 11 बजे के बाद जलापूर्ति शुरू हुई और वह भी कम प्रेशर का था। शिकायत के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी। रमेश्वरपुरी में भी गंदा पानी पहुंचने की शिकायत आई।
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मंडलीय प्रयोगशाला के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष अप्रैल से अब तक प्रयोगशाला में पानी के लगभग 16 हजार नमूनों की जांच की गई है। इनमें से केवल कुछ नमूनों में टीडीएस का अंतर पाया गया था, लेकिन वह भी पीने लायक बताया गया था। बाकी अन्य सैंपल मानक पर मिले थे। बायोलॉजिकल जांच भी हुई थी, जिसमें कोई कमी नहीं दिखाई गई है। जहां सभी की गुणवत्ता सही पाई गई थी।
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प्रयोगशाला के प्रभारी व अधिशासी अभियंता योगेंद्र कुमार ने बताया कि 16 हजार से अधिक सैंपल की जांच हुई थी। कोई कमी नहीं थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिले में शुद्ध पानी की आपूर्ति हो रही है। जिसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, आयरन और जिंक जैसे सभी पोषण तत्व मानक के अनुरूप पाए गए हैं। मगर, शहर के कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां लीकेज के जरिये अभी भी गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। ऐसे में लोग जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठा रहे हैं। बभनगांवा मोहल्ले में शनिवार को लीकेज के चलते घरों तक मटमैला पानी पहुंच गया। यह देख लोग परेशान हो गए। मोहल्ले के रहने वाले अभिषेक, राहुल और संगीता ने बताया कि टोंटी खोलते ही मटमैला पानी आने लगा। काफी देर तक ऐसे ही पानी आया। कुछ देर तक जलापूर्ति ठप रहा। वहीं, सुबह 11 बजे के बाद जलापूर्ति शुरू हुई और वह भी कम प्रेशर का था। शिकायत के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी। रमेश्वरपुरी में भी गंदा पानी पहुंचने की शिकायत आई।
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