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गर्मी : ओपीडी पहुंची 1000 पार
basti
Updated Mon, 11 Jun 2018 11:48 PM IST
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ओपीडी में अपनी बारी का इंतजार करते मरीज।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। रूठे मौसम का प्रकोप आमजन पर भारी बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में सामान्यता एक हजार लोग पहुंचते थे लेकिन सोमवार को यह संख्या बढ़कर 1200 पहुंच गई। करीब 250 मरीज उल्टी-दस्त व बुखार पीड़ित आए थे। फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने मरीजों की संख्या में इजाफे का एक मात्र कारण तल्ख मौसम मानते हैं।
पिछले तीन दिनों से अधिकतम तापमान 40 तो न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है। रात का तापमान बढ़ने से लोगों को अन्य परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर है। मौसम जनित बीमारियों की जद में आकर लोग जिला अस्पताल और निजी चिकित्सकों के यहां पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा हाईग्रेड फीवर, पेट दर्द व उल्टी-दस्त के हैं। आमतौर पर 750 तक की ओपीडी अब 1000 से 1200 तक पहुंच गई है। सोमवार को करीब 1200 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे जिसमें से 200 से 250 तक उल्टी-दस्त, पेट दर्द और बुखार के थे।
क्या कहते हैं डॉक्टर
फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि सोमवार को 150 से ज्यादा मरीजों की जांच की जिसमें से अधिकतर उल्टी-दस्त, पेट दर्द व तेज बुखार से पीड़ित थे। डॉक्टर सोनी कहते हैं कि धूप में रहने या गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी आ जाती है, ऐसे में उल्टी-दस्त की संभावना बढ़ जाती है। शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखना आवश्यक है। मौसम का उतार-चढ़ाव ही बीमारियों का मुख्य कारण हैं।
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शिशु एवं बाल रोग डॉ. पंकज शुक्ल का कहना है कि तेज धूप व गर्मी का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ता है, ऐसे में छोटे बच्चों पर विषेश ध्यान देने की जरूरत है। छह माह तक के बच्चों को सिर्फ मां का ही दुध ही पिलाएं क्योंकि मां के दुध में ही सारे तत्व होते हैं। ज्यादा देर तक भूखे न रहें। तेज धूप में घर से बाहर निकलते समय चेहरे को जरूर ढक लें। बुखार या जी मचलाने पर तत्काल डॉक्टरों की सलाह लें।
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पिछले तीन दिनों से अधिकतम तापमान 40 तो न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है। रात का तापमान बढ़ने से लोगों को अन्य परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर है। मौसम जनित बीमारियों की जद में आकर लोग जिला अस्पताल और निजी चिकित्सकों के यहां पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा हाईग्रेड फीवर, पेट दर्द व उल्टी-दस्त के हैं। आमतौर पर 750 तक की ओपीडी अब 1000 से 1200 तक पहुंच गई है। सोमवार को करीब 1200 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे जिसमें से 200 से 250 तक उल्टी-दस्त, पेट दर्द और बुखार के थे।
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क्या कहते हैं डॉक्टर
फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि सोमवार को 150 से ज्यादा मरीजों की जांच की जिसमें से अधिकतर उल्टी-दस्त, पेट दर्द व तेज बुखार से पीड़ित थे। डॉक्टर सोनी कहते हैं कि धूप में रहने या गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी आ जाती है, ऐसे में उल्टी-दस्त की संभावना बढ़ जाती है। शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखना आवश्यक है। मौसम का उतार-चढ़ाव ही बीमारियों का मुख्य कारण हैं।
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शिशु एवं बाल रोग डॉ. पंकज शुक्ल का कहना है कि तेज धूप व गर्मी का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ता है, ऐसे में छोटे बच्चों पर विषेश ध्यान देने की जरूरत है। छह माह तक के बच्चों को सिर्फ मां का ही दुध ही पिलाएं क्योंकि मां के दुध में ही सारे तत्व होते हैं। ज्यादा देर तक भूखे न रहें। तेज धूप में घर से बाहर निकलते समय चेहरे को जरूर ढक लें। बुखार या जी मचलाने पर तत्काल डॉक्टरों की सलाह लें।