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स्वाइन फ्लू : फाइलों में सतर्कता, अस्पताल में नदारद
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जिला अस्पताल में बिना मास्क के मरीज व तीमारदार संवाद
बस्ती। जिले में चार मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बावजूद सरकारी अस्पतालों में संक्रमण से बचाव के इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं। ओपीडी, पर्ची काउंटर और दवा काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों के साथ कई चिकित्सक और कर्मचारी भी बिना मास्क के नजर आए। वहीं नमूनों के जांच की भी सुविधा शुरू नहीं हुई है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को 1103 मरीज पहुंचे। मरीजों की जांच कर दवाएं दी गईं। अस्पताल के एसआईसी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि हृदय रोग विभाग के वार्ड में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। यहां ऑक्सीजन, नेबुलाइजर और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था है। संदिग्ध मरीज को दवा के साथ मास्क भी दिया जा रहा है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा अभी शुरू नहीं हुई है। संदिग्ध मरीजों के नमूने आरटीपीसीआर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजे जा रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जांच सुविधा शुरू कराने के लिए शासन को अवगत कराया गया है। सर्दी-जुकाम और बुखार वाले मरीजों की सीबीसी जांच कराई जा रही है। पड़ताल के दौरान ओपीडी और पर्ची काउंटर पर मरीजों की लंबी कतारें लगी मिलीं। इनमें अधिकांश लोग बिना मास्क के थे। सर्दी-जुकाम और बुखार वाले मरीजों के लिए अलग कतार की व्यवस्था भी नजर नहीं आई। इससे अस्पतालों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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10 बेड का आइसोलेशन वार्ड, लेकिन तैयारी अधूरी : स्वाइन फ्लू के संक्रमित मरीजों को अलग रखने के लिए जिला अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। वार्ड में ऑक्सीजन, नेबुलाइजर और जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि, निरीक्षण के दौरान कुछ उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। संक्रमण से बचाव के लिए वार्ड के बाहर डस्टबिन समेत अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
सीएमओ ने आइसोलेशन वार्ड का किया निरीक्षण : शासन के निर्देश पर सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने जीवनरक्षक उपकरण, दवाओं और संक्रमण से बचाव के इंतजामों की जानकारी ली। कमियां मिलने पर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए। वार्ड के बाहर डस्टबिन रखने और आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करने को कहा। सीएमओ ने कहा कि स्वाइन फ्लू के लक्षण वाला कोई मरीज सामने आए तो उसकी तत्काल जांच कराई जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज बस्ती में जांच की सुविधा उपलब्ध है। एसएनसीयू और वन स्टॉप सेंटर भी देखा : सीएमओ ने जिला महिला अस्पताल परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण किया। महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संबंध में सूचना बोर्ड भी देखा। इसके बाद उन्होंने एसएनसीयू का निरीक्षण कर नवजातों के उपचार और उनकी बीमारियों की जानकारी ली। यहां 14 नवजात भर्ती मिले। सीएमओ ने कर्मचारियों को फ्लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को 1103 मरीज पहुंचे। मरीजों की जांच कर दवाएं दी गईं। अस्पताल के एसआईसी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि हृदय रोग विभाग के वार्ड में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। यहां ऑक्सीजन, नेबुलाइजर और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था है। संदिग्ध मरीज को दवा के साथ मास्क भी दिया जा रहा है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा अभी शुरू नहीं हुई है। संदिग्ध मरीजों के नमूने आरटीपीसीआर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजे जा रहे हैं।
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अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जांच सुविधा शुरू कराने के लिए शासन को अवगत कराया गया है। सर्दी-जुकाम और बुखार वाले मरीजों की सीबीसी जांच कराई जा रही है। पड़ताल के दौरान ओपीडी और पर्ची काउंटर पर मरीजों की लंबी कतारें लगी मिलीं। इनमें अधिकांश लोग बिना मास्क के थे। सर्दी-जुकाम और बुखार वाले मरीजों के लिए अलग कतार की व्यवस्था भी नजर नहीं आई। इससे अस्पतालों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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10 बेड का आइसोलेशन वार्ड, लेकिन तैयारी अधूरी : स्वाइन फ्लू के संक्रमित मरीजों को अलग रखने के लिए जिला अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। वार्ड में ऑक्सीजन, नेबुलाइजर और जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि, निरीक्षण के दौरान कुछ उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। संक्रमण से बचाव के लिए वार्ड के बाहर डस्टबिन समेत अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
सीएमओ ने आइसोलेशन वार्ड का किया निरीक्षण : शासन के निर्देश पर सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने जीवनरक्षक उपकरण, दवाओं और संक्रमण से बचाव के इंतजामों की जानकारी ली। कमियां मिलने पर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए। वार्ड के बाहर डस्टबिन रखने और आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करने को कहा। सीएमओ ने कहा कि स्वाइन फ्लू के लक्षण वाला कोई मरीज सामने आए तो उसकी तत्काल जांच कराई जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज बस्ती में जांच की सुविधा उपलब्ध है। एसएनसीयू और वन स्टॉप सेंटर भी देखा : सीएमओ ने जिला महिला अस्पताल परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण किया। महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संबंध में सूचना बोर्ड भी देखा। इसके बाद उन्होंने एसएनसीयू का निरीक्षण कर नवजातों के उपचार और उनकी बीमारियों की जानकारी ली। यहां 14 नवजात भर्ती मिले। सीएमओ ने कर्मचारियों को फ्लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए।