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Basti News: ऑपरेशन कन्विक्शन का वार, नौ महीने में 227 दोषी सलाखों के पार

Thu, 17 Sep 2026 12:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 12:15 AM IST
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'Operation Conviction' strikes: 227 convicts put behind bars in nine months.
बस्ती। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन में पुलिस की पैरवी का असर दिखाई दे रहा है। इसकी बदौलत महज नौ महीने में ही 227 दोषियों को अदालत ने सलाखों के पार किया है। लगातार पैरवी से कई पुराने मुकदमों में भी अदालत के फैसले सामने आए हैं।
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वह गुजरे दिनों की बात हो गई, जब अपराधी जरायम की दुनिया में कदम रखने के बाद भी वर्षों तक खुलेआम घूमते थे। उनके भय के आगे या तो लोग गवाही नहीं देते थे या फिर लचर कानून प्रणाली का उन्हें लाभ मिल जाता था। इन तमाम वजहों से लंबे समय तक समाज में उनका वर्चस्व रहता था और पीड़ितों को न्याय की उम्मीद धूमिल हो जाती थी।
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पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने व अपराधियों के मन में कानून का भय स्थापित करने के लिए सरकार ने ऑपरेशन कन्विक्शन की नींव रखी। इसके तहत संबंधित थानों से मुकदमों की जानकारी जुटाकर उनकी प्रगति की निगरानी की गई। गवाहों की पेशी, साक्ष्यों की उपलब्धता और अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय स्थापित करके गंभीर मामलों का सामान्य से तेज ट्रायल किया गया, जिसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं।
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इसकी बदौलत में मौजूदा वर्ष में 227 दोषियों को सजा सुनाई गई। इनमें 26 दोषियों को आजीवन कारावास हुआ। वहीं आठ दोषियों को 20 साल तक की सजा मिली। इसके अलावा 46 दोषियों को सात से 14 साल और 147 दोषियों को सात साल तक की जेल हुई। संवाद
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महिला संबंधी अपराध पर गंभीर रही पुलिस
महिला संबंधी अपराध को लेकर भी पुलिस गंभीर दिखी। कई मामलों में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत ट्रायल किया गया, जिससे 37 बहन-बेटियों के आंसुओं को इंसाफ मिला। दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास हुआ। आठ अभियुक्तों को 20 साल व 19 लोगों को सात से 14 साल की सजा सुनाई गई। जबकि पांच मामलों में आठ लोगों को सात साल से कम की सजा हुई।

वर्जन...
ऑपरेशन कनविक्शन के तहत गंभीर अपराधों के मामले चुने जाते हैं। इनकी समयबद्ध तरीके से जांच की जाती है। फोरेंसिक रिपोर्ट, मजबूत साक्ष्य आदि के आधार पर जल्द ही आरोप पत्र दाखिल किया जाता है। इसके बाद समय पर गवाही आदि कराकर ट्रायल आगे बढ़ाया जाता है। यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर है।
-डाॅ. यशवीर सिंह, एसपी
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