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स्वस्थ होने के बावजूद रोजा छोड़ने वाला गुनाहगार : नसीरुद्दीन
Sun, 16 Mar 2025 12:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 16 Mar 2025 12:17 AM IST
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नगर बाजार(बस्ती)। रमजान का दूसरा अशरा चल रहा है। इसमें लोग इबादत कर अल्लाह से मगफिरत की दुआ तलब कर रहे हैं। रमजान के 30 रोजों को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहला दस दिन रहमत का, दूसरा दस दिन मगफिरत का और आखिरी दस दिन जहन्नम की आग से मुक्ति का माना जाता है।
जामा मस्जिद नगर बाजार के इमाम हाफिज नसीरुद्दीन ने बताया कि इस्लाम में रोजा रखना फर्ज है। यह सभी के लिए जरूरी है। सिर्फ बीमार और यात्रा कर रहे लोगों को छूट दी गई है। लेकिन स्वस्थ होने और यात्रा पूरी होने के बाद छूटे हुए रोजे पूरे करना जरूरी है। ऐसे में साल भर में एक महीने का रोजा आता है। इसे जानबूझकर न छोड़े। स्वस्थ होने के बाद भी रोजा छोड़ने वाला गुनाहगार होता है।
उन्होंने दूसरे अशरे की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि यह मगफिरत का दस दिन है। इन दस दिनों में अल्लाह अपने रोजेदार बंदों के बड़े से बड़े गुनाह को माफ करते हैं। उन्होंने मुस्लिम समाज से आग्रह किया कि वे इस अवधि का महत्व समझें। उन्होंने कहा कि रोजा रखें और पांच वक्त की नमाज अदा करें। कुरआन पाक की तिलावत करें और अधिक से अधिक समय अल्लाह की इबादत में बिताएं। अल्लाह से अपने पिछले गुनाहों की माफी मांगें। अल्लाह आप सबके पिछले गुनाहों को माफ करेगा।
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जामा मस्जिद नगर बाजार के इमाम हाफिज नसीरुद्दीन ने बताया कि इस्लाम में रोजा रखना फर्ज है। यह सभी के लिए जरूरी है। सिर्फ बीमार और यात्रा कर रहे लोगों को छूट दी गई है। लेकिन स्वस्थ होने और यात्रा पूरी होने के बाद छूटे हुए रोजे पूरे करना जरूरी है। ऐसे में साल भर में एक महीने का रोजा आता है। इसे जानबूझकर न छोड़े। स्वस्थ होने के बाद भी रोजा छोड़ने वाला गुनाहगार होता है।
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उन्होंने दूसरे अशरे की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि यह मगफिरत का दस दिन है। इन दस दिनों में अल्लाह अपने रोजेदार बंदों के बड़े से बड़े गुनाह को माफ करते हैं। उन्होंने मुस्लिम समाज से आग्रह किया कि वे इस अवधि का महत्व समझें। उन्होंने कहा कि रोजा रखें और पांच वक्त की नमाज अदा करें। कुरआन पाक की तिलावत करें और अधिक से अधिक समय अल्लाह की इबादत में बिताएं। अल्लाह से अपने पिछले गुनाहों की माफी मांगें। अल्लाह आप सबके पिछले गुनाहों को माफ करेगा।
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