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वन स्टॉप सेंटर : काउंसिलिंग से सुलझ रहे विवाद, हर महीने 40 महिलाओं को राहत

Mon, 05 Oct 2026 01:27 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:27 AM IST
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One-Stop Centre: Disputes resolved through counseling; 40 women find relief every month.
बस्ती। मानसिक, शारीरिक और अन्य प्रकार की हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर सहारा बना है। हर माह सेंटर में 30 से 40 मामले पंजीकृत हो रहे हैं। इनमें घरेलू उत्पीड़न के अधिक हैं। वन स्टॉप सेंटर में काउंसिलिंग के जरिये 60 प्रतिशत विवाद सुलझाए जा रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार, 28 सितंबर तक वन स्टॉप सेंटर पर कुल 29 मामले आए। इनमें 10 आवासित यानी की पुलिस के जरिये दाखिल किए गए जबकि 19 केस सीधे आए। 19 महिलाओं की साइकोसोशल काउंसिलिंग की गई और उन्हें घर भेजा गया। ये महिलाएं घरेलू उत्पीड़न से परेशान थीं। इस समय 19 साल की युवती की काउंसिलिंग चल रही है। सेंटर के अनुसार, अगस्त में 57 मामले दर्ज हुए थे। जुलाई में सिर्फ 22 मामले पंजीकृत हुए थे।
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वन स्टॉप सेंटर में हिंसा से प्रभावित महिलाओं को जरूरत के अनुसार पुलिस, चिकित्सा, कानूनी, मनोवैज्ञानिक और परामर्श सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। आपात स्थिति में पुलिस सहायता के साथ प्राथमिक उपचार, कानूनी सहायता और अस्थायी आश्रय की सुविधा भी दी जाती है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दूरस्थ कानूनी और चिकित्सा परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित वन स्टॉप सेंटर योजना का उद्देश्य निजी और सार्वजनिक स्थानों, परिवार, समुदाय तथा कार्यस्थल पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को तत्काल सहायता और सहयोग उपलब्ध करवाना है। योजना के तहत 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं सहित हिंसा से प्रभावित महिलाओं को भी सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना किशोर न्याय अधिनियम-2015 और पॉक्सो अधिनियम-2012 से भी जुड़ी है।
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कमजाेर हो रही रिश्तों की डोर
समाज में पारिवारिक संबंध लगातार कमजोर हो रहे हैं। परिवार के मुखिया का नियंत्रण और प्रभाव भी पहले से कम होता जा रहा है। लोगों में सहनशीलता भी कमजोर हो रही है। इसमें सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका से इन्कार नहीं किया जा सकता। लोग आपस में संवाद और विमर्श के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। सोशल मीडिया से सूचनाएं तो मिलती हैं लेकिन किसी मुद्दे पर गंभीर और सार्थक विमर्श की जगह कई बार बेवजह की बातों पर विवाद होने लगता है। इससे पारिवारिक रिश्तों में भी शिथिलता आती है। ऐसे मामलों से बचने के लिए जरूरी है कि परिवार के हर रिश्ते को पर्याप्त समय दिया जाए और आपस में खुलकर संवाद हो। इससे पारिवारिक विवादों और ऐसे मामलों को कम करने में मदद मिल सकती है। - डॉ. रघुवर पांडेय, समाजशास्त्री, बस्ती


कोट-
महिला अस्पताल में वन स्टॉप सेंटर स्थापित है। किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की शिकार महिला यहां मदद के लिए संपर्क कर सकती हैं। -राकेश कुमार, जिला प्रोवेशन अधिकारी


सेंटर पर एक नजर
बेड की संख्या पांच
भोजन, आवास, कपड़े व दवा की सुविधा
प्रबंधक, काउंसलर, केस वर्कर, स्टाफ नर्स, कंप्यूटर ऑपरेटर, एमटीएस, गार्ड, महिला कांस्टेबल तैनात हैं।
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