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Basti News: रिंग रोड पर अंडरपास और सर्विस लेन की अड़चन
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रैदासपुर के पास रिंग रोड का चल रहा काम संवाद
विक्रमजोत (बस्ती)। अयोध्या रिंग रोड का निर्माण कार्य विक्रमजोत ब्लॉक के 13 गांवों में तेजी से चल रहा है। रामहटिया से रैदासपुर के समीप बीडी तटबंध तक कई स्थानों पर रिंग रोड के दोनों ओर बसे गांवों को जोड़ने के लिए अंडरपास और सर्विस लेन प्रस्तावित नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण पूरा होने के बाद आवागमन के रास्ते सीमित हो जाएंगे और घर व खेत तक पहुंचने के लिए तीन से पांच किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
अयोध्या के चारों तरफ करीब 70 किलोमीटर लंबाई में बन रहे रिंग रोड का 20 किलोमीटर हिस्सा बस्ती जिले में बनाया जा रहा है। विक्रमजोत ब्लॉक में सरयू नदी के उस पार स्थित माझाकिता अव्वल गांव से इसे गोरखपुर-लखनऊ हाईवे (एनएच-27) से जोड़ा जा रहा है। शंकरपुर गांव के पास रिंग रोड पर अंडरपास का निर्माण चल रहा है। एनएचएआई के अनुसार, इस अंडरपास का 63 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। सड़क निर्माण के लिए मिट्टी भराई का काम भी जारी है। रिंग रोड को जोड़ने के लिए सरयू नदी पर पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है।
यह रिंग रोड हर्रैया तहसील क्षेत्र के रामहटिया, मझौवा दूबे, एकमा हरदिया, पड़रिया, घिरौली पांडेय, रैदासपुर, बड़ागांव, चौरा, मलौली दुबे, पिकौरा चौबे, एलिया जुग्गाराम, एकमा हिरमिया और रायपुर गांव से होकर गुजरेगा। परियोजना की कुल लागत 3,935 करोड़ रुपये है। बस्ती जिले में इसके लिए 41 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है।
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बीडी तटबंध के पास अंडरपास की मांग, एनएचएआई को भेजा पत्र
रामहटिया से रैदासपुर के पास बीडी तटबंध तक बन रहे रिंग रोड को लेकर ग्रामीणों की मुख्य आपत्ति पर्याप्त अंडरपास और संपर्क मार्ग नहीं होने को लेकर है। ग्रामीणों ने चिह्नित स्थानों पर अंडरपास, सर्विस लेन और लिंक मार्ग बनाने की मांग की है। इस संबंध में एनएचएआई को 15 सितंबर को पत्र भेजा गया है। ग्रामीणों के अनुसार रिंग रोड की ऊंचाई अधिक होने के कारण सड़क के दोनों ओर बसे गांवों के बीच आवागमन प्रभावित होगा। धिरौली पांडेय, उड़गईया, रैदासपुर, मलौली गोसाईं, त्रिलोकपुर, लकड़ी दूबे, खेमराजपुर, भौसिया, नई दुनिया और शंभूपुर समेत करीब दो दर्जन गांवों के लोगों को इससे परेशानी हो सकती है। निर्माण पूरा होने के बाद खेतों तक पहुंचने के लिए किसानों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। वहीं मरीजों, स्कूली बच्चों और आम राहगीरों के लिए भी आवागमन मुश्किल होने की आशंका है। ग्रामीणों ने निर्माण पूरा होने से पहले समस्या का समाधान करने की मांग की है।
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ग्रामीण बोले- तीन से पांच किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी
निर्माण पूरा होने के बाद आवागमन के रास्ते सीमित हो जाएंगे। घर और खेत तक पहुंचने में तीन से पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। नईदुनिया ग्राम मार्ग को फ्लाईओवर से जोड़ने के लिए लिंक मार्ग बनाया जाना चाहिए।
-रवींद्र सिंह, नईदुनिया
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अंडरपास और लिंक मार्ग की सुविधा नहीं मिलने पर करीब छह से आठ हजार ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होगी। किसानों के साथ मरीजों, स्कूली बच्चों और अन्य राहगीरों को भी दिक्कत होगी।
-कुलदीप सिंह, नईदुनिया
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एनएचएआई अयोध्या को पत्र भेजकर अंडरपास और लिंक मार्ग की मांग की गई है। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। डूब क्षेत्र में रिंग रोड बड़ी सुविधा साबित हो सकता है, लेकिन चिह्नित गांवों के आसपास पर्याप्त अंडरपास और संपर्क मार्ग जरूरी हैं।
-देव कुमार शुक्ला, धिरौली पांडेय
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रिंग रोड की ऊंचाई अधिक होने के बावजूद कई स्थानों पर पर्याप्त अंडरपास और संपर्क मार्ग नहीं बनाए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को परेशानी होगी। रिंग रोड पर पहुंचकर अयोध्या की ओर जाना भी आसान नहीं रहेगा।
-मनीष कुमार सिंह, धिरौली पांडेय
कोट
अयोध्या रिंग रोड परियोजना में करीब 60 अंडरपास, फ्लाईओवर आदि बनाए जा रहे हैं। डिमांड पर कुछ जगहों पर 25 नए अंडरपास स्वीकृत किए गए हैं। नियमों के विपरीत अंडरपास नहीं बनाए जा सकते। ग्रामीणों की मांग पर विचार किया जाएगा।
-अवनीत सिद्धार्थ, पीडी एनएचएआई, अयोध्या
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अयोध्या के चारों तरफ करीब 70 किलोमीटर लंबाई में बन रहे रिंग रोड का 20 किलोमीटर हिस्सा बस्ती जिले में बनाया जा रहा है। विक्रमजोत ब्लॉक में सरयू नदी के उस पार स्थित माझाकिता अव्वल गांव से इसे गोरखपुर-लखनऊ हाईवे (एनएच-27) से जोड़ा जा रहा है। शंकरपुर गांव के पास रिंग रोड पर अंडरपास का निर्माण चल रहा है। एनएचएआई के अनुसार, इस अंडरपास का 63 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। सड़क निर्माण के लिए मिट्टी भराई का काम भी जारी है। रिंग रोड को जोड़ने के लिए सरयू नदी पर पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है।
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यह रिंग रोड हर्रैया तहसील क्षेत्र के रामहटिया, मझौवा दूबे, एकमा हरदिया, पड़रिया, घिरौली पांडेय, रैदासपुर, बड़ागांव, चौरा, मलौली दुबे, पिकौरा चौबे, एलिया जुग्गाराम, एकमा हिरमिया और रायपुर गांव से होकर गुजरेगा। परियोजना की कुल लागत 3,935 करोड़ रुपये है। बस्ती जिले में इसके लिए 41 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है।
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बीडी तटबंध के पास अंडरपास की मांग, एनएचएआई को भेजा पत्र
रामहटिया से रैदासपुर के पास बीडी तटबंध तक बन रहे रिंग रोड को लेकर ग्रामीणों की मुख्य आपत्ति पर्याप्त अंडरपास और संपर्क मार्ग नहीं होने को लेकर है। ग्रामीणों ने चिह्नित स्थानों पर अंडरपास, सर्विस लेन और लिंक मार्ग बनाने की मांग की है। इस संबंध में एनएचएआई को 15 सितंबर को पत्र भेजा गया है। ग्रामीणों के अनुसार रिंग रोड की ऊंचाई अधिक होने के कारण सड़क के दोनों ओर बसे गांवों के बीच आवागमन प्रभावित होगा। धिरौली पांडेय, उड़गईया, रैदासपुर, मलौली गोसाईं, त्रिलोकपुर, लकड़ी दूबे, खेमराजपुर, भौसिया, नई दुनिया और शंभूपुर समेत करीब दो दर्जन गांवों के लोगों को इससे परेशानी हो सकती है। निर्माण पूरा होने के बाद खेतों तक पहुंचने के लिए किसानों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। वहीं मरीजों, स्कूली बच्चों और आम राहगीरों के लिए भी आवागमन मुश्किल होने की आशंका है। ग्रामीणों ने निर्माण पूरा होने से पहले समस्या का समाधान करने की मांग की है।
ग्रामीण बोले- तीन से पांच किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी
निर्माण पूरा होने के बाद आवागमन के रास्ते सीमित हो जाएंगे। घर और खेत तक पहुंचने में तीन से पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। नईदुनिया ग्राम मार्ग को फ्लाईओवर से जोड़ने के लिए लिंक मार्ग बनाया जाना चाहिए।
-रवींद्र सिंह, नईदुनिया
अंडरपास और लिंक मार्ग की सुविधा नहीं मिलने पर करीब छह से आठ हजार ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होगी। किसानों के साथ मरीजों, स्कूली बच्चों और अन्य राहगीरों को भी दिक्कत होगी।
-कुलदीप सिंह, नईदुनिया
एनएचएआई अयोध्या को पत्र भेजकर अंडरपास और लिंक मार्ग की मांग की गई है। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। डूब क्षेत्र में रिंग रोड बड़ी सुविधा साबित हो सकता है, लेकिन चिह्नित गांवों के आसपास पर्याप्त अंडरपास और संपर्क मार्ग जरूरी हैं।
-देव कुमार शुक्ला, धिरौली पांडेय
रिंग रोड की ऊंचाई अधिक होने के बावजूद कई स्थानों पर पर्याप्त अंडरपास और संपर्क मार्ग नहीं बनाए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को परेशानी होगी। रिंग रोड पर पहुंचकर अयोध्या की ओर जाना भी आसान नहीं रहेगा।
-मनीष कुमार सिंह, धिरौली पांडेय
कोट
अयोध्या रिंग रोड परियोजना में करीब 60 अंडरपास, फ्लाईओवर आदि बनाए जा रहे हैं। डिमांड पर कुछ जगहों पर 25 नए अंडरपास स्वीकृत किए गए हैं। नियमों के विपरीत अंडरपास नहीं बनाए जा सकते। ग्रामीणों की मांग पर विचार किया जाएगा।
-अवनीत सिद्धार्थ, पीडी एनएचएआई, अयोध्या