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Basti News: सीडीओ व एसडीएम समेत छह अधिकारियों को नोटिस
Thu, 22 Jun 2023 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 22 Jun 2023 12:46 AM IST
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बस्ती। आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम प्रियंका निरंजन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति व एसडीएम हर्रैया गुलाब समेत छह अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इन्हें तीन दिन में स्वयं प्रस्तुत होकर स्पष्टीकरण देना होगा।
डीएम बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा कर रही थीं। समीक्षा में पाया गया कि 38 प्रकरण डिफाल्टर श्रेणी में हैं। इनमें सीडीओ के छह, एक्सईएन विद्युत के पांच, एसडीएम हरैया के तीन, बीडीओ के दो, प्रभारी चिकित्साधिकारी/अधीक्षक गौर के दो तथा सहायक विकास अधिकारी दुबौलिया के दो प्रकरण डिफाल्टर श्रेणी में हैं। डीएम ने इन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तीन कार्यदिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण उनके सम्मुख स्वयं प्रस्तुत होकर दें। यह भी स्पष्ट करें ऐसा क्यों हुआ? क्यों न आपके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाए? डीएम ने पाया कि प्रकरणों के निस्तारण में गुणवत्ताविहीन आख्या भेजी जा रही हैं। यह जिले की लगातार खराब रैंकिंग का मुख्य कारण है। डीएम ने समय-समय पर शासन की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रकरणों के निस्तारण में गुणवत्तापरक सुधार की चेतावनी दी गई थी, बावजूद इसके कोई सुधार नहीं किया गया। डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
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डीएम बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा कर रही थीं। समीक्षा में पाया गया कि 38 प्रकरण डिफाल्टर श्रेणी में हैं। इनमें सीडीओ के छह, एक्सईएन विद्युत के पांच, एसडीएम हरैया के तीन, बीडीओ के दो, प्रभारी चिकित्साधिकारी/अधीक्षक गौर के दो तथा सहायक विकास अधिकारी दुबौलिया के दो प्रकरण डिफाल्टर श्रेणी में हैं। डीएम ने इन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तीन कार्यदिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण उनके सम्मुख स्वयं प्रस्तुत होकर दें। यह भी स्पष्ट करें ऐसा क्यों हुआ? क्यों न आपके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाए? डीएम ने पाया कि प्रकरणों के निस्तारण में गुणवत्ताविहीन आख्या भेजी जा रही हैं। यह जिले की लगातार खराब रैंकिंग का मुख्य कारण है। डीएम ने समय-समय पर शासन की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रकरणों के निस्तारण में गुणवत्तापरक सुधार की चेतावनी दी गई थी, बावजूद इसके कोई सुधार नहीं किया गया। डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
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