{"_id":"6abac16c8a9d3494d50d0550","slug":"saryu-crosses-danger-mark-for-the-third-time-hardships-mount-in-flood-affected-villages-basti-news-c-207-1-bst1005-168033-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: सरयू तीसरी बार खतरे के निशान से पार, बाढ़ प्रभावित गांवों में बढ़ी दुश्वारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: सरयू तीसरी बार खतरे के निशान से पार, बाढ़ प्रभावित गांवों में बढ़ी दुश्वारियां
विज्ञापन
कटरिया-चांदपुर तटबंध से सट कर बहती सरयू की धारा संवाद
बस्ती। तीन दिन से हो रही बारिश और नेपाल के पहाड़ों से आए पानी के कारण सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को नदी तीसरी बार इस सीजन में खतरे के निशान को पार कर गई। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित गांवों में एक बार फिर दुश्वारियां बढ़ गई हैं। 20 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं, जबकि पांच गांवों के घरों तक पानी पहुंच गया है। पशुपालकों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है। विक्रमजोत, दुबौलिया और कुदरहा क्षेत्र में कटान का खतरा भी बढ़ गया है।
केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के अनुसार सोमवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.85 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से 12 सेंटीमीटर अधिक है। जलस्तर बढ़ने से सुविका बाबू समेत कई गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीण मोटरबोट और नाव के सहारे रोजमर्रा के काम निपटा रहे हैं। बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी परेशानी हो रही है।
आंशिक टेढ़वा, सतहा, बलुईया, भुवरिया, विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, श्रीराम पुरवा और बरदियालोहार समेत अन्य गांवों की ओर बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। माझा क्षेत्र की फसलें दोबारा जलमग्न होने लगी हैं। पशुपालकों को पशुओं के चारे की चिंता सताने लगी है।
विज्ञापन
कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में नदी का दबाव बना हुआ है। बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और बाढ़ खंड के अधिकारी संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रहे हैं।
-- -- -- --
तटबंध से सटकर बह रही नदी, कटान ने बढ़ाई चिंता
विक्रमजोत। सरयू का जलस्तर बढ़ने के साथ नदी का दबाव तटबंध और तटवर्ती आबादी की ओर बढ़ गया है। विक्रमजोत क्षेत्र में बीडी तटबंध के दुधौरा और काशीपुर के पास नदी तटबंध से सटकर बह रही है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कन्हईपुर, खेमराजपुर, शंभूपुर, संग्रामपुर, बेतावा, लकड़ी दूबे, लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम और पकड़ी सूर्यवंश समेत कई गांवों के आसपास बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस वर्ष तीसरी बार बाढ़ का पानी गांवों और खेतों तक पहुंचा है। बार-बार जलभराव से खेतों की जमीन दलदली हो गई है। नदी के कटान ने भी नई चिंता खड़ी कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर नदी खेतों को काटते हुए अपना प्रवाह क्षेत्र बदल रही है। इससे कृषि भूमि के साथ आबादी पर भी खतरा बढ़ रहा है। तेज नरायन, बब्लू, रामबरन, विजय बहादुर और श्यामकला ने बताया कि बाढ़, कटान और बारिश से हुए नुकसान के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
-- -- -- -- -
कोटतटबंध और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। दुधौरा के पास मरम्मत कार्य तेज कराया गया है। जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
-बृजेश सोनी, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड
विज्ञापन
केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के अनुसार सोमवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.85 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से 12 सेंटीमीटर अधिक है। जलस्तर बढ़ने से सुविका बाबू समेत कई गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीण मोटरबोट और नाव के सहारे रोजमर्रा के काम निपटा रहे हैं। बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
आंशिक टेढ़वा, सतहा, बलुईया, भुवरिया, विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, श्रीराम पुरवा और बरदियालोहार समेत अन्य गांवों की ओर बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। माझा क्षेत्र की फसलें दोबारा जलमग्न होने लगी हैं। पशुपालकों को पशुओं के चारे की चिंता सताने लगी है।
विज्ञापन
कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में नदी का दबाव बना हुआ है। बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और बाढ़ खंड के अधिकारी संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रहे हैं।
तटबंध से सटकर बह रही नदी, कटान ने बढ़ाई चिंता
विक्रमजोत। सरयू का जलस्तर बढ़ने के साथ नदी का दबाव तटबंध और तटवर्ती आबादी की ओर बढ़ गया है। विक्रमजोत क्षेत्र में बीडी तटबंध के दुधौरा और काशीपुर के पास नदी तटबंध से सटकर बह रही है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कन्हईपुर, खेमराजपुर, शंभूपुर, संग्रामपुर, बेतावा, लकड़ी दूबे, लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम और पकड़ी सूर्यवंश समेत कई गांवों के आसपास बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस वर्ष तीसरी बार बाढ़ का पानी गांवों और खेतों तक पहुंचा है। बार-बार जलभराव से खेतों की जमीन दलदली हो गई है। नदी के कटान ने भी नई चिंता खड़ी कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर नदी खेतों को काटते हुए अपना प्रवाह क्षेत्र बदल रही है। इससे कृषि भूमि के साथ आबादी पर भी खतरा बढ़ रहा है। तेज नरायन, बब्लू, रामबरन, विजय बहादुर और श्यामकला ने बताया कि बाढ़, कटान और बारिश से हुए नुकसान के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कोटतटबंध और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। दुधौरा के पास मरम्मत कार्य तेज कराया गया है। जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
-बृजेश सोनी, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड