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Basti News: प्रशासन का शिकंजा... नजूल भूमि के 10 कब्जेदारों को नोटिस

Tue, 02 Apr 2024 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 02 Apr 2024 12:41 AM IST
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Notice to 10 occupants of Nazul land
पीडीएफ- फाइल की फोटो
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सिविल लाइंस क्षेत्र में नजूल भूमि पर कब्जा जमाए लोगों से मांगा गया स्पष्टीकरण
कब्जेदारों में शहर के बड़े व्यवसायी भी शामिल, अभी और किए जा रहे सूचीबद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नजूल की जमीन पर कब्जा करने वालों पर प्रशासन सख्त हो गया है। 100 से अधिक ऐसे नजूल भूखंडों को चिह्नित किया गया है जिन पर दूसरों का कब्जा है। तहसील प्रशासन की तरफ से कब्जेदारों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रथम चरण में सिविल लाइंस क्षेत्र के दस भूखंडों पर कब्जा करने का मामला उजागर हुआ है। संबंधित को एसडीएम सदर स्तर से नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
नजूल की भूमि पर कार्रवाई शुरू होने से हड़कंप मच गई है। शुरुआत में जिन दस कब्जेदारों को नोटिस दिया गया उनमें बड़े व्यवसायियों के नाम शामिल हैं। सबसे ज्यादा नजूल की भूमि राजस्व अभिलेख में दर्ज सिविल लाइन गांव में है। यहां प्रशासनिक अनुमान के मुताबिक 100 एकड़ से अधिक नजूल की बेशकीमती भूमि पर लोगों का कब्जा है। इन भूखंडों पर आवासीय एवं कामर्शियल निर्माण हुए हैं। लंबे समय से यह भूखंड निजी उपयोग में लाए जा रहे हैं।
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अब इन जमीनों को राज्य सरकार के अधीन लाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन ने सबसे पहले शहर के महत्वपूर्ण एवं अधिक मालियत की नजूल की जमीनों पर शिकंजा कसना शुरू किया गया है। पहली बार दस बड़े कब्जेदारों को नोटिस दी गई है। इसमें टेंट व्यवसायी, मैरेज हॉल कारोबारी, रसोई गैस के एजेंसीधारक तक शामिल किए गए हैं। इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी नजूल की जमीन पर कब्जा जमाए लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। तहसील प्रशासन के अनुसार सौ से अधिक कब्जेदारों को चिह्नित कर लिया गया है। जिन्हें सिलसिलेवार नोटिस जारी की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
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एसडीएम ने जारी की इन कब्जेदारों को नोटिस
एसडीएम सदर शत्रुहन पाठक ने पहले नजूल की भूमि पर कब्जा करने वालों की छानबीन कराई। इसके बाद सिविल लाइन गॉव से संबंधित कब्जेदारों को 31 मार्च को नोटिस जारी किया है। इसमें कंपनीबाग के बब्लू उर्फ हरि सिंह पर नजूल भूमि गाटा संख्या 3 रकबा 0.165 हेक्टेयर क्षेत्रफल को आवास एवं व्यवसायिक उपयोग में लाए जाने का आरोप है। वहीं कमल टेंट हाउस पर नजूल भूमि गाटा संख्या 8 रकबा 0.101 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अवैध रूप से कब्जा कर आवास एवं व्यवसायिक उपयोग में लाने का आरोप है। इसी तरह मोहम्मद रईस नजूल भूमि गाटा संख्या 17/4 मि रकबा 0.006 हेक्टेयर, जमील अहमद पर नजूल भूमि गाटा संख्या 3 रकबा 0.010 हेक्टेयर, कनक बिहारी भारत गैस एजेंसी कबीर तिराहा पर नजूल भूमि गाटा संख्या 164 मि. रकबा 0.015 हेक्टेयर, न्याय मार्ग स्थित किराना स्टोर संचालक रामरती पर नजूल भूमि गाटा संख्या 3 रकबा 0.011 हेक्टेयर, न्याय मार्ग स्थित नूर मेंस पार्लर के संचालक अमीउल्लाह पर नजूल भूमि गाटा संख्या 3 रकबा 0.010 हेक्टेयर, ज्ञानेंद्र जायसवाल पर नजूल भूमि गाटा संख्या 3 रकबा 0.013 हेक्टेयर, इसी गाटे में महरीपुर के महेश सिंह पर 0.020 हेक्टेयर एवं परमात्मा प्रसाद गुप्ता पर 0.013 हेक्टेयर क्षेत्रफल की नजूल भूमि कब्जा कर आवास एवं व्यवसायिक उपयोग में लाए जाने का आरोप है। जिन दस नजूल की भूखंडों पर अवैध कब्जा बताया गया है उसमें सिविल लाइन के गाटा संख्या तीन में सर्वाधिक कब्जेदार है। इन सभी कब्जेदारों से सात दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
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डीएम हुए थे सख्त, तब शुरू हुई कार्रवाई
नजूल की जमीन को राज्य सरकार के अधीन करने के लिए शासन ने निर्देश दिए। इसके बाद डीएम अंद्रा वामसी ने सख्त रूख अख्तियार किया। उन्होंने सभी एसडीएम को नजूल की जमीनों की जॉच के निर्देश दिए। इसके बाद तहसील प्रशासन की तरफ से कार्रवाई शुरू की गई। हालांकि अभी बस्ती सदर तहसील में ही केवल कब्जेदारों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू हो पाई है।
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नजूल भूमि का चिह्नांकन लगातार कराया जा रहा है। कितने भूखंड पर किसका किस तरह का कब्जा है उसका विवरण भी तैयार किया जा रहा है। प्रथम दृष्टया कब्जेदारों को नोटिस दी जा रही है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं प्रस्तुत किया गया तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित ने नजूल भूमि पर जबरन कब्जा किया है। इसके बाद 14 मार्च 2024 को जारी उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति अध्यादेश के तहत एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा।
शत्रुहन पाठक, एसडीएम सदर।
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