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सात साल बाद भी नहीं हो सका दुकानों का आवंटन
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सात साल बाद भी नहीं हो सका दुकानों का आवंटन
- 2014-15 में 4.93 करोड़ से हुआ नवीन सब्जी मंडी का निर्माण
- व्यवसायियों के लिए अनुपयोगी साबित हो रही योजना
राम ललित यादव
गौर। आदर्श नगर पंचायत बभनान के व्यवसायियों को आज भी रोजगार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वर्ष 2014-15 में कस्बे में रोजगार बढ़ाने के लिए 4.93 करोड़ से शासन स्तर से नवीन सब्जी मंडी का निर्माण कराया गया। तब लोगों में उम्मीद जगी कि अब रोजगार मुहैया होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, सात साल बीत गए मगर अभी तक दुकानों का आवंटन न होने से सब्जी मंडी व्यवसायियों के लिए अनुपयोगी साबित हो रही है।
वर्ष 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने बभनान को नगर पंचायत बनाए जाने की घोषणा की। उसके बाद वर्ष 2006 में नगर पंचायत का पहला चुनाव हुआ। तब बभनान की जनता को उम्मीद जगी कि कस्बा शहर जैसा गुलजार होगा और हर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। व्यवसायियों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन स्थिति बदतर है। व्यवसायियों को न तो रोजगार मुहैया हुआ और न ही कस्बे की सूरत बदली। नवीन सब्जी मंडी के कांप्लेक्स में कुल 66 दुकानें बनाई गई हैं। साथ ही एक बड़ा टीन शेड भी बनाया गया है, जहां लाइट का भी भरपूर प्रबंध किया गया है। सारी सुविधाओं से युक्त सब्जी मंडी आवंटन के अभाव में बेकार साबित हो रही है।
जरूरी सुविधाओं का अभाव
नगर पंचायत के वार्ड नंबर आठ बाबा बागेश्वर नगर के वार्ड सदस्य अभिषेक तिवारी, वार्ड नंबर चार भगत सिंह नगर की वार्ड सदस्य राधिका सोनी एवं वार्ड नंबर ग्यारह चंद्रशेखर आजाद नगर के राजमणि पटेल ने बताया कि पूरे नगर पंचायत में वाटर सप्लाई का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। कई करोड़ की लागत से बनी पानी की टंकी का सप्लाई चालू होने से पहले टूटकर ध्वस्त हो गया है। कस्बे में जाम की समस्या बनी रहती है।
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क्या कहते हैं ईओ
बभनान नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी रमेश गुप्ता ने बताया कि बहुत पहले दुकानों के आवंटन के लिए बोर्ड की बैठक में तय हुआ। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते मामला लटकता गया। जिससे अभी तक दुकानों का आवंटन नहीं हो पाया है। इस समय आचार संहिता लागू है। अब जो भी प्रक्रिया होना है, वह चुनाव के बाद ही संभव हो पाएगा।
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- 2014-15 में 4.93 करोड़ से हुआ नवीन सब्जी मंडी का निर्माण
- व्यवसायियों के लिए अनुपयोगी साबित हो रही योजना
राम ललित यादव
गौर। आदर्श नगर पंचायत बभनान के व्यवसायियों को आज भी रोजगार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वर्ष 2014-15 में कस्बे में रोजगार बढ़ाने के लिए 4.93 करोड़ से शासन स्तर से नवीन सब्जी मंडी का निर्माण कराया गया। तब लोगों में उम्मीद जगी कि अब रोजगार मुहैया होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, सात साल बीत गए मगर अभी तक दुकानों का आवंटन न होने से सब्जी मंडी व्यवसायियों के लिए अनुपयोगी साबित हो रही है।
वर्ष 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने बभनान को नगर पंचायत बनाए जाने की घोषणा की। उसके बाद वर्ष 2006 में नगर पंचायत का पहला चुनाव हुआ। तब बभनान की जनता को उम्मीद जगी कि कस्बा शहर जैसा गुलजार होगा और हर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। व्यवसायियों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन स्थिति बदतर है। व्यवसायियों को न तो रोजगार मुहैया हुआ और न ही कस्बे की सूरत बदली। नवीन सब्जी मंडी के कांप्लेक्स में कुल 66 दुकानें बनाई गई हैं। साथ ही एक बड़ा टीन शेड भी बनाया गया है, जहां लाइट का भी भरपूर प्रबंध किया गया है। सारी सुविधाओं से युक्त सब्जी मंडी आवंटन के अभाव में बेकार साबित हो रही है।
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जरूरी सुविधाओं का अभाव
नगर पंचायत के वार्ड नंबर आठ बाबा बागेश्वर नगर के वार्ड सदस्य अभिषेक तिवारी, वार्ड नंबर चार भगत सिंह नगर की वार्ड सदस्य राधिका सोनी एवं वार्ड नंबर ग्यारह चंद्रशेखर आजाद नगर के राजमणि पटेल ने बताया कि पूरे नगर पंचायत में वाटर सप्लाई का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। कई करोड़ की लागत से बनी पानी की टंकी का सप्लाई चालू होने से पहले टूटकर ध्वस्त हो गया है। कस्बे में जाम की समस्या बनी रहती है।
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क्या कहते हैं ईओ
बभनान नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी रमेश गुप्ता ने बताया कि बहुत पहले दुकानों के आवंटन के लिए बोर्ड की बैठक में तय हुआ। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते मामला लटकता गया। जिससे अभी तक दुकानों का आवंटन नहीं हो पाया है। इस समय आचार संहिता लागू है। अब जो भी प्रक्रिया होना है, वह चुनाव के बाद ही संभव हो पाएगा।