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महाअष्टमी आज: कन्यापूजन कर देवी भक्त मांगेंगे आशीष
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शहर के रौतापार चौराहा पर स्थापित दुर्गा प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु
बस्ती। शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर मंगलवार को महागौरी की पूजा की जाएगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखेंगे। ज्योतिषाचार्य देवस्य मिश्र के अनुसार महागौरी पूजन का शुभ मुहूर्त प्रातः 06:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक है। वैसे तो अष्टमी तिथि की शुरुआत सोमवार को शाम 4:31 बजे शुरू हो गई लेकिन उदया तिथि के हिसाब से मंगलवार को ही महाअष्टमी का व्रत रखना उत्तम होगा। मंगलवार को अष्टमी शाम 6:06 बजे समाप्त होगी।
विद्वानों के अनुसार अष्टमी-नवमी तिथि पर कन्या पूजन को बहुत ही शुभ और पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त उपवास, पूजा और अनुष्ठान करते हैं, जिससे जीवन के भय, विघ्न और शत्रुओं का नाश होकर सुख-समृद्धि की प्राप्त होती है। अष्टमी तिथि पर हवन, जप और दान और कन्या पूजन से देवी दुर्गा प्रसन्न होती हैं। शहर के रौता चौराहा स्थित दुर्गा मंदिर, आवास विकास स्थित मां काली मंदिर, पिकौरा शिवगुलाम मां काली मंदिर, रेलवे स्टेशन के निकट स्थित मां काली शक्ति पीठ, गायत्री शक्ति पीठ में दिन भर अनुष्ठान होगा।
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शहर में बढ़ी मेले की गहमागहमी
- शहर में नवरात्र महोत्सव की धूम अब गांवों से शहर तक फैल चुकी है। दुर्गा पंडालों की सजावट मन मोह रही है। रंग-बिरंगी झालर, आकर्षक रोशनी और भव्य मूर्तियों ने पंडालों को देखने लायक बना दिया है। शाम होते ही पंडालों की जगमगाहट श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही है। दशहरे के बाद शहर में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन और आयोजक पंडाल समितियां रोशनी, सजावट और सुरक्षा के साथ तैयार हैं। नगर प्रशासन और पुलिस विभाग ने भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक कंट्रोल, पंडालों के आसपास पुलिस चौकियां और चिकित्सा टीमों की व्यवस्था की गई है। इससे श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूजा कर सकेंगे।
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कन्या पूजन शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:37 से 5:25 बजे
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:47 से 12:35 बजे
- कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त: प्रातः 10:40 से 12:10 बजे
(ज्योतिषाचार्य देवस्य मिश्र के मुताबिक)
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विद्वानों के अनुसार अष्टमी-नवमी तिथि पर कन्या पूजन को बहुत ही शुभ और पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त उपवास, पूजा और अनुष्ठान करते हैं, जिससे जीवन के भय, विघ्न और शत्रुओं का नाश होकर सुख-समृद्धि की प्राप्त होती है। अष्टमी तिथि पर हवन, जप और दान और कन्या पूजन से देवी दुर्गा प्रसन्न होती हैं। शहर के रौता चौराहा स्थित दुर्गा मंदिर, आवास विकास स्थित मां काली मंदिर, पिकौरा शिवगुलाम मां काली मंदिर, रेलवे स्टेशन के निकट स्थित मां काली शक्ति पीठ, गायत्री शक्ति पीठ में दिन भर अनुष्ठान होगा।
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शहर में बढ़ी मेले की गहमागहमी
- शहर में नवरात्र महोत्सव की धूम अब गांवों से शहर तक फैल चुकी है। दुर्गा पंडालों की सजावट मन मोह रही है। रंग-बिरंगी झालर, आकर्षक रोशनी और भव्य मूर्तियों ने पंडालों को देखने लायक बना दिया है। शाम होते ही पंडालों की जगमगाहट श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही है। दशहरे के बाद शहर में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन और आयोजक पंडाल समितियां रोशनी, सजावट और सुरक्षा के साथ तैयार हैं। नगर प्रशासन और पुलिस विभाग ने भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक कंट्रोल, पंडालों के आसपास पुलिस चौकियां और चिकित्सा टीमों की व्यवस्था की गई है। इससे श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूजा कर सकेंगे।
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कन्या पूजन शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:37 से 5:25 बजे
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:47 से 12:35 बजे
- कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त: प्रातः 10:40 से 12:10 बजे
(ज्योतिषाचार्य देवस्य मिश्र के मुताबिक)