{"_id":"5e1a0d448ebc3e87a91f4a76","slug":"lucknow-mein-kiaa-chalan-basti-news-gkp3368463151","type":"story","status":"publish","title_hn":"कारनामा: बस्ती की स्कूटी का लखनऊ में कर दिया चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कारनामा: बस्ती की स्कूटी का लखनऊ में कर दिया चालान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कारनामा : बस्ती की स्कूटी का लखनऊ में चालान
बस्ती। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के पिपरा रामकिशुन निवासी चंपा पत्नी संजय कुमार गौतम की स्कूटी का 27 अगस्त 2019 को ई-चालान लखनऊ में हुआ है। इसकी जानकारी वाहन स्वामी को तब हुइ जब उन्हें 24 दिसंबर को नोटिस मिली। इसे लेकर परेशान वाहन स्वामी ने 26 दिसंबर को सीएम पोर्टल पर शिकायत की। पोर्टल से इस मामले का निस्तारण करने के लिए संभागीय परिवहन कार्यालय से संपर्क का सुझाव दिया गया, मगर अब तक मामला सुलझा नहीं है।
संजय गौतम ने अपनी पत्नी के नाम ने अगस्त 2018 में स्कूटी शहर से खरीदा। हालांकि यह स्कूटी कभी भी जिले से बाहर नहीं गई, मगर इसका ई-चालान लखनऊ में हो गया। इसकी जानकारी के बाद वाहन स्वामी ने सीएम पोर्टल पर 26 दिसंबर को शिकायत की। शिकायत के बाद सीएम पोर्टल ने आरटीओ से संपर्क करने का सुझाव दिया। जब पीड़ित ने आरटीओ एपी चौबे से संपर्क साधा तो इसे संज्ञान में लेकर आरटीओ ने समाधान के बजाय लखनऊ के आरटीओ आफिस से संपर्क करने का सुझाव दे दिया है। अब पीड़ित विभागीय गलती का दर्द स्वयं झेले और लखनऊ जाए। संजय कहते हैं कि जब स्कूटी कभी जिले के बाहर नहीं गई तो लखनऊ में इसका ई-चालान कैसे हो गया, यह समझ में नहीं आ रहा है। स्थानीय आरटीओ आफिस अब इसमें कुछ भी करने से पल्ला झाड़ लखनऊ जाने का सुुझाव दे रहा है। आरटीओ एपी चौबे ने कहा कि जल्दीबाजी में ऐसी गलती हो गई है। इसके लिए स्कूटी स्वामी को लखनऊ जाकर वहां से संबंधित विभाग में जाकर अपनी समस्या को अधिकारियों से बताए। इसका समाधान लखनऊ ही करेगा।
विज्ञापन
बस्ती। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के पिपरा रामकिशुन निवासी चंपा पत्नी संजय कुमार गौतम की स्कूटी का 27 अगस्त 2019 को ई-चालान लखनऊ में हुआ है। इसकी जानकारी वाहन स्वामी को तब हुइ जब उन्हें 24 दिसंबर को नोटिस मिली। इसे लेकर परेशान वाहन स्वामी ने 26 दिसंबर को सीएम पोर्टल पर शिकायत की। पोर्टल से इस मामले का निस्तारण करने के लिए संभागीय परिवहन कार्यालय से संपर्क का सुझाव दिया गया, मगर अब तक मामला सुलझा नहीं है।
संजय गौतम ने अपनी पत्नी के नाम ने अगस्त 2018 में स्कूटी शहर से खरीदा। हालांकि यह स्कूटी कभी भी जिले से बाहर नहीं गई, मगर इसका ई-चालान लखनऊ में हो गया। इसकी जानकारी के बाद वाहन स्वामी ने सीएम पोर्टल पर 26 दिसंबर को शिकायत की। शिकायत के बाद सीएम पोर्टल ने आरटीओ से संपर्क करने का सुझाव दिया। जब पीड़ित ने आरटीओ एपी चौबे से संपर्क साधा तो इसे संज्ञान में लेकर आरटीओ ने समाधान के बजाय लखनऊ के आरटीओ आफिस से संपर्क करने का सुझाव दे दिया है। अब पीड़ित विभागीय गलती का दर्द स्वयं झेले और लखनऊ जाए। संजय कहते हैं कि जब स्कूटी कभी जिले के बाहर नहीं गई तो लखनऊ में इसका ई-चालान कैसे हो गया, यह समझ में नहीं आ रहा है। स्थानीय आरटीओ आफिस अब इसमें कुछ भी करने से पल्ला झाड़ लखनऊ जाने का सुुझाव दे रहा है। आरटीओ एपी चौबे ने कहा कि जल्दीबाजी में ऐसी गलती हो गई है। इसके लिए स्कूटी स्वामी को लखनऊ जाकर वहां से संबंधित विभाग में जाकर अपनी समस्या को अधिकारियों से बताए। इसका समाधान लखनऊ ही करेगा।
विज्ञापन