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किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास
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किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास
अदालत ने 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
बस्ती। शादी का झांसा देकर किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो बृजेश मणि त्रिपाठी की अदालत ने सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन अधिकारी अखिलेश दुबे, कमलेश चौधरी, वंदना चौधरी, अरुण कुमार श्रीवास्तव, अरविंद पांडेय ने पीड़िता के पक्ष से पैरवी की। कोर्ट को बताया कि घटना 27 अक्तूबर 2017 की है। मुंडेरवा क्षेत्र के एक गांव की किशोरी ने गांव के ही युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि युवक ने शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाया। शादी का दबाव बनाने पर यह कह कर शादी से इंकार कर दिया कि वह अनुसूचित जाति की है। विवेचना के बाद पुलिस ने दुष्कर्म, पॉक्सो अधिनियम एससी एसटी एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व पचास हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया।
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अदालत ने 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
बस्ती। शादी का झांसा देकर किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो बृजेश मणि त्रिपाठी की अदालत ने सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन अधिकारी अखिलेश दुबे, कमलेश चौधरी, वंदना चौधरी, अरुण कुमार श्रीवास्तव, अरविंद पांडेय ने पीड़िता के पक्ष से पैरवी की। कोर्ट को बताया कि घटना 27 अक्तूबर 2017 की है। मुंडेरवा क्षेत्र के एक गांव की किशोरी ने गांव के ही युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि युवक ने शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाया। शादी का दबाव बनाने पर यह कह कर शादी से इंकार कर दिया कि वह अनुसूचित जाति की है। विवेचना के बाद पुलिस ने दुष्कर्म, पॉक्सो अधिनियम एससी एसटी एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व पचास हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया।
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