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संशोधित महिला अस्पताल में जेनरिक दवाओं से चिकित्सकों का परहेज

Sun, 01 May 2022 11:55 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 May 2022 11:55 PM IST
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Janeric medicine has not written from doctor
मरीजों को जेनेरिक दवाएं नहीं लिखते अधिकतर डॉक्टर
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बस्ती। मरीजों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के तीन सरकारी अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं। आरोप है कि अधिकतर डॉक्टर जन औषधि केंद्रों पर मिलने वाली दवाओं को लिखते ही नहीं हैं। इस कारण इन केंद्रों की दवाएं बिक नहीं पातीं। दूसरी ओर, मरीजों को सस्ती दवाएं नहीं मिल पाती हैं। वहीं, सीएमओ का कहना है कि जन औषधि केंद्रों पर सभी दवाएं नहीं मिल पाती हैं इस कारण परेशानी होती है।
वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने गरीबों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने की मुहिम के तहत हर जिले में पीएम जन औषधि केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया। इसी के तहत जिले में तीन जन औषधि केंद्र खोले गए। कुछ दिन ठीक-ठाक चलने के बाद कोरोना कॉल में इन केंद्रों को झटका लगा। तीनों अस्पतालों में ओपीडी और आपरेशन बंद हो गया। नतीजतन तमाम दवाएं दो साल में खराब हो गईं। केंद्र के कर्मियों का आरोप है कि अधिकतर डॉक्टर जेनेरिक दवाएं नहीं लिखते हैं। इसके बावजूद यदि कोई मरीज खरीद लेता है और डॉक्टर को जाकर दिखाता है तो वे गुणवत्ता विहीन बताकर वापस करा देते हैं। वहीं, महिला चिकित्सालय में दवा वापस करने आई गर्भवती महिलाओं ने बताया कि चिकित्सक ने दवाओं को गुणवत्ता विहीन बताया है। इसी उपेक्षा के कारण जन औषधि केंद्रों पर बंदी का संकट खड़ा हो गया है।
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बोले कर्मी
पीएम जन औषधि केंद्र के कर्मियों ने कहा कि कुछेक चिकित्सक तो जेनेरिक दवाएं लिखते हैं, लेकिन अधिकतर डॉक्टर नहीं लिखते हैं। ऐसे में मरीजों को 30-40 रुपये की दवा 150-200 में खरीदनी पड़ती है। कोरोना कॉल ने वैसे ही तोड़ दिया, अब चिकित्सक भी दवा को वापस करा दे रहे हैं, जिससे गरीबों को सस्ती दवाएं मुहैया कराने का केंद्र सरकार का सपना टूट रहा है।
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ये दवाएं उपलब्ध
केंद्र के कर्मियों ने बताया कि शुगर की दवा 14 से लेकर 26 रुपये तक है, लेकिन बाजार में इसकी कीमत 60 से 70 रुपये पत्ता बताई जाती है। ब्लड प्रेशर की दवा छह रुपये पत्ता, जबकि बाजार में 50 रुपये पत्ता है। एंटी बायोटिक अधिकतम 25 रुपये है, लेकिन बाजार में इसकी कीमत 200 से ढाई सौ रुपये है। एंटीबायोटिक सिफरॉक्जिम की कीमत जन औषधि केंद्र पर 105 रुपये पत्ता है, जबकि इसकी बाजार में कीमत 709 रुपये है।
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छह माह से नहीं मिली दवा
जन औषधि केंद्र के कर्मियों ने बताया कि केंद्र पर पैरासिटामॉल, आयरन, दर्द आदि की दवाएं समाप्त हो गई हैं। पिछले छह माह से जब भी डिमांड करते हैं, रिजेक्ट हो जाता है। फिल्हाल आश्वासन मिला है कि एक दो दिन में दवाएं मिल जाएंगी।
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बोली गर्भवती
जिला महिला अस्पताल में इलाज करा कर दवा वापस करने पहुंची नीलम, खुशबू व संगीता ने बताया कि जो एंटीबायोटिक चिकित्सक ने लिखी है, वह यहां है जरूर, मगर चिकित्सक उसे गुणवत्ता विहीन बताकर वापस करा रहे हैं। बाहर से खरीदा तो यह कई गुना महंगी है। कहा कि चिकित्सक अपनी जेब भरने के चक्कर में पीएम औषधि केंद्र की जेनेरिक दवाएं लिखने से मना करते हैं।

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बोले सीएमओ
वैसे तो चिकित्सकों को निर्देश दिया गया है कि वे पीएम जन औषधि केंद्र की दवाएं लिखें, मगर अधिकतर दवाएं मरीज को नहीं मिल पातीं। ऐसे में चिकित्सक मजबूर होकर बाहर की दवाएं लिखते हैं। पीएम जन औषधि केंद्र की दवाएं शत प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण हैं। यदि सभी दवाएं उपलब्ध हो जाएं तो न मरीज परेशान होगा न चिकित्सक को दवा लिखने में कोई दिक्कत होगी।
- डॉ. चंद्रशेखर, सीएमओ
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