फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Half the city lost electricity...life came to a standstill

Basti News: आधे शहर की बिजली गुल... ठहर गई जिंदगी

Thu, 06 Feb 2025 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Thu, 06 Feb 2025 12:39 AM IST
विज्ञापन
Half the city lost electricity...life came to a standstill
गांधीनगर में बिजली के इंतजार में बैठे वेल्डर
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बस्ती। जिंदगी में बिजली की अहम भूमिका है। शहर में इस पर ज्यादा निर्भरता है। बुधवार को गांधीनगर उपकेंद्र को अपग्रेड किए जाने का कार्य शुरू हुआ तो आधे शहर की बिजली 12 घंटे के लिए कट गई। घंटे-दो घंटे बाद ही बिजली का न रहना अखरने लगा। घर से बाजार तक जिंदगी ठहर सी गई।
नहाने-धोने में भी लोग पानी का बचत करने लगे। घरों के खिड़की, दरवाजे खुले रखने के बाद भी दूधिया रोशनी की तरह कमरों में चमक-दमक नहीं दिखी। गनीमत यह कि गुनगुना मौसम होने के नाते ज्यादातर समय लोगों का बाहर या छतों पर धूप सेंकने में बीत गया।
विज्ञापन

बिजली निगम ने दो दिन पहले ही गांधीनगर उपकेंद्र से जुड़े मुख्य बाजार समेत दो दर्जन से अधिक मोहल्लों में बुधवार को दिनभर बिजली न रहने के लिए अलर्ट कर दिया था। तय समय पर सुबह आठ बजे बिजली कट गई। पहले से सजग रहे लोगों ने किसी तरह नित् क्रिया आदि से फुर्सत पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांधीनगर, तुरकहिया, बभनगांवा, मालीटोला, इंदिरा नगर, रहमतगंज, रगड़गंज, महरीखांवा, रामेश्वरपुरी, कंपनीबाग, पुराना डाकखाना, कटरा आदि मोहल्लों में सजगता के साथ दिनचर्या की शुरूआत हुई।
पहले से टंकियों में भरे गए पानी की बचत का ख्याल रखा गया। इनवर्टर की चार्जिंग को भी संभाल कर खर्च किया गया। बहुत जरूरत के बाद ही बल्ब जलाए गए। दिन में घरों के अंदर रोशनी के लिए खिड़की, दरवाजे आदि खुले रखे गए। सभी की चिंता शाम की रही। रात आठ बजे तक बिजली न रहने के दौरान इनवर्टर से रोशनी का इंतजाम होगा।
लाइटिंग से लकदक दिखने वाले शोरूम, दुकान, प्रतिष्ठान सभी की रौनक आधी हो गई थी। जहां दो दर्जन से अधिक बल्ब, हैलोजन आदि जलाकर दुकान की रोशन किया जाता रहा, वहीं इनवर्टर के सहारे एक-दो बल्ब ही दिनभर जलाए गए। बड़े प्रतिष्ठान और शोरूम में दिनभर जनरेटर चालू रखना पड़ा। इससे डीजल खर्च का भी बोझ कारोबारियों पर पड़ा। दो दर्जन से अधिक शॉपिंग मॉल में जनरेटर चलवाने में कारोबारियों को अनुमानित सात लाख रुपये खर्च करने पड़े।
बैंकों में चले जनरेटर ः गांधीनगर क्षेत्र स्थित एसबीआई मुख्य शाखा, कंपनीबाग शाखा, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा की दो शाखाएं, एसबीआई कोर्ट एरिया, इंडियन बैंक समेत एक दर्जन बैंक शाखाओं एवं इंश्योरेंस सेक्टर की शाखाओं में दिनभर जनरेटर चलाकर काम करना पड़ा है। इससे सड़कों के किनारे शोरगुल के अलावा प्रदूषण भी बढ़ा रहा।

35 हजार का खर्च हुआ डीजल ःगांधीनगर क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित कंपनी के मार्ट के मैनेजर नागेंद्र कुमार ने बताया कि बिजली न रहने से 35 हजार रुपये का डीजल खर्च बढ़ गया।
दिनभर जनरेटर के सहारे मार्ट में लाइटिंग एवं बिलिंग आदि का कार्य किया गया है। साढे़ तीन सौ लीटर से अधिक डीजल की खपत हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed