{"_id":"68fe87cfa85f414f2f0e427c","slug":"gorakhpur-sabarmati-express-will-remain-cancelled-today-basti-news-c-207-1-sgkp1006-146486-2025-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: आज निरस्त रहेगी गोरखपुर साबरमती एक्सप्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: आज निरस्त रहेगी गोरखपुर साबरमती एक्सप्रेस
Mon, 27 Oct 2025 02:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 27 Oct 2025 02:12 AM IST
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की प्रतीक्षा करते यात्री।संवाद
बस्ती। छठ त्योहार को लेकर बड़े शहरों से आने वाले परदेसियों की सहूलियत के लिए रेलवे की ओर से पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन कराया जा रहा है। इसी बीच सोमवार को जाने वाली गोरखपुर-साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन अपरिहार्य कारणों से निरस्त कर दी गई है।
जबकि रविवार को कई एक्सप्रेस ट्रेनें निर्धारित समय से कई घंटे की देरी से चलीं। इससे छठ पर्व पर समय से यात्री घर नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे प्रशासन की ओर से 27 अक्टूबर को गोरखपुर रेलवे जंक्शन से बस्ती के रास्ते जाने वाली गोरखपुर-साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन अपरिहार्य कारणों निरस्त कर दी गई है। रविवार को मुजफ्फरपुर-साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन निरस्त रही।
विज्ञापन
एक्सप्रेस ट्रेनें निरस्त होने से सबसे ज्यादा परेशानी छठ महापर्व पर पहले से टिकट ले चुके यात्रियों को हुई। दूसरी ट्रेन में खड़े होने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। छठ मइया का प्रसाद पाने के लिए हर परदेसी जैसे-तैसे धक्का-मुक्की खाते हुए घर पहुंच रहा है।
विज्ञापन
जबकि रविवार को कई एक्सप्रेस ट्रेनें निर्धारित समय से कई घंटे की देरी से चलीं। इससे छठ पर्व पर समय से यात्री घर नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
रेलवे प्रशासन की ओर से 27 अक्टूबर को गोरखपुर रेलवे जंक्शन से बस्ती के रास्ते जाने वाली गोरखपुर-साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन अपरिहार्य कारणों निरस्त कर दी गई है। रविवार को मुजफ्फरपुर-साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन निरस्त रही।
विज्ञापन
एक्सप्रेस ट्रेनें निरस्त होने से सबसे ज्यादा परेशानी छठ महापर्व पर पहले से टिकट ले चुके यात्रियों को हुई। दूसरी ट्रेन में खड़े होने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। छठ मइया का प्रसाद पाने के लिए हर परदेसी जैसे-तैसे धक्का-मुक्की खाते हुए घर पहुंच रहा है।