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Basti News: फोरलेन निर्माण में भूल गए नाला निर्माण का मानक...जलभराव से सांसत झेल रहे मोहल्लेवासी
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जीएसटी कार्यालय में नाला ऊंचा होने के बाद जलभराव। संवाद
- कटरा, आवास विकास आंशिक, पतेलवा, पुराना डाकखाना के लोग झेल रहे समस्या
- बारिश में जलभराव होने से घुटने तक भर जाता है पानी, घरों में हो रहा है जलभराव
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर वासियों को फोरलेन का तोहफा तो मिल गया, लेकिन साथ में नई मुसीबत भी सामने आ गई है। बारिश होने के बाद कटरा, बड़ेवन, आवास विकास आंशिक, पतेलवा, पुराना डाकखाना के तमाम घरों में पानी भर जा रहा है। फोरलेन बनाने में पीडब्ल्यूडी के अफसर मानक भूल गए। सड़क और नाला ऊंचा होने से मोहल्लों से निकलने वाला पानी जमा हो जा रहा है। घरों में पानी भर रहा है। इससे पांच हजार से ज्यादा घरों के 25 हजार से ज्यादा लोगों के लिए यह नई समस्या सामने आई है।
बड़ेवन-कंपनीबाग फोरलेन कटरा से कंपनीबाग के बीच में कई स्थानों पर जलभराव की समस्या है। सड़क की ऊंचाई का मानक ही नहीं नाला निर्माण का भी मानक बिगड़ गया है। नाले की ऊंचाई घरों और सड़क से काफी ऊंचा कर दिया गया है। इससे उसमें पानी नहीं जा पा रहा है। लोगों ने जलभराव से बचाव के लिए नाले में होल कर दिए हैं, लेकिन जब नाला ओवरफ्लो होता है तो उसका पानी होल से घरों में चला जाता है। इस मुसीबत को लोग झेलते हुए अब पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका से समस्या से निजात की मांग कर रहे हैं।
बताते हैं कि निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी को पहले सड़क परियोजना को पूरा करने में लेटलतीफी की मार झेलनी पड़ी थी। अब नाला निर्माण की ढिलाई मुसीबत बन रही। अक्तूबर 2024 तक यह सड़क बनकर तैयार हो जानी थी। मगर, 2025 लगने और जुलाई बीत जाने के बाद भी अभी कई कार्य फंसे हैं। बताया जा रहा है कि सड़क पूरी हो चुकी है, लेकिन नाला और पटरियों की इंटरलॉकिंग का कार्य चल रहा है। जल्द ही उसे पूरा करेंगे।
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यहां आ रही है नाला ऊंचाई से समस्या
बड़ेवन-कंपनीबाग तक सड़क का निर्माण विवादों में रहा है। अब नया बखेड़ा जलभराव का खड़ा हो गया है। बड़ेवन दुलारी वाटिका से लेकर फौव्वारा तक एक लेन का पानी आसानी से नाले में नहीं जा रहा है। नालों का पानी घरों में रह जा रहा। किसी तरह लोग वैकल्पिक व्यवस्था बनाए हैं। इसी प्रकार दूसरी लेन चुंगी से पतेलवा तक समस्या है। आईटीआई और पानी टंकी से लेकर कंपनीबाग तक मामला फंसा है। नाले में पानी नहीं जा रहा। आईटीआई समेत राज्यकर कार्यालय में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जा रही है। कटरा के पास लोग जलभराव से निजात को खुद ही ओवरफ्लो नाले का ढक्कन हटाकर साफ करते दिखे।
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1.70 किमी. बन कर तैयार हो रहा है फोरलेन
बड़ेवन से कंपनीबाग तक फोरलेन बनाने में करीब 17 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसकी लंबाई 1.70 किमी. है। अधिकांश जगहों पर सड़क पर ही पानी भर रहा है। इससे लोग गुणवत्ता पर भी सवाल कर रहे। नाला अधूरा है। जहां बना है, वहां मानक फेल दिख रहा है, जो बनाए भी हैं वहां ढक्कन नहीं है। इससे लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। पशुओं के साथ ही मनुष्य भी गिरकर घायल हो रहे हैं। यही हाल जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के पास का है। यहां भी नाला अधूरा है। जलभराव की स्थिति हमेशा बनी रहती है। पानी के सड़ने से लोग परेशान हैं।
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बोले स्थानीय नागरिक
पुराना नाला तोड़कर नया बनाया गया, लेकिन सड़क और घर से ऊंचाई काफी है। इससे घर का पानी और बारिश का पानी नहीं निकल पाता है। संक्रमण फैलने का डर रहता है।
-जमीर अहमद
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सड़क की ऊंचाई और नाले की ऊंचाई का मानक पूरा नहीं किया गया है। बारिश होने पर घुटने तक पानी भर जाता है। कई घंटे पानी नहीं निकलता। इससे बच्चे, महिलाएं परेशान हैं।
-इमरान
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फोरलेन का आधा-अधूरा नाला मुसीबत बन गया है। जीएसटी कार्यालय और आईटीआई के पास पानी नहीं निकल पाता है। घरों से निकलने वाला पानी बीच में ही जमा रहता है।
-हेमंत कुमार चौधरी
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सड़क और नाले की ऊंचाई को फिर से दुरुस्त करके जलभराव की समस्या से निजात दिलाई जाए। ढक्कन लगाया जाए ताकि हादसे रुके। जलभराव से सांसत झेलते-झेलते सभी परेशान हैं।
-कौसर
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जहां नाला ऊंचा हो गया है, जलभराव हो रहा, वहां नाले में होल कराया जाएगा। नालियों को उससे कनेक्ट किया जाएगा, ताकि बारिश और घरों का पानी आसानी से निकल जाए। अभी काम चल रहा है। सड़क पर हो रहे जलभराव को भी डिवाइडर में होल कराकर खत्म किया जाएगा। ठेकेदार को इस बाबत निर्देश दिए गए हैं। ढक्कन लगाने का कार्य और अधूरे नाले को जल्द पूरा कराया जाएगा।
-अभिषेक सिंह, जेई, पीडब्ल्यूडी, निर्माण खंड-वन
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- बारिश में जलभराव होने से घुटने तक भर जाता है पानी, घरों में हो रहा है जलभराव
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर वासियों को फोरलेन का तोहफा तो मिल गया, लेकिन साथ में नई मुसीबत भी सामने आ गई है। बारिश होने के बाद कटरा, बड़ेवन, आवास विकास आंशिक, पतेलवा, पुराना डाकखाना के तमाम घरों में पानी भर जा रहा है। फोरलेन बनाने में पीडब्ल्यूडी के अफसर मानक भूल गए। सड़क और नाला ऊंचा होने से मोहल्लों से निकलने वाला पानी जमा हो जा रहा है। घरों में पानी भर रहा है। इससे पांच हजार से ज्यादा घरों के 25 हजार से ज्यादा लोगों के लिए यह नई समस्या सामने आई है।
बड़ेवन-कंपनीबाग फोरलेन कटरा से कंपनीबाग के बीच में कई स्थानों पर जलभराव की समस्या है। सड़क की ऊंचाई का मानक ही नहीं नाला निर्माण का भी मानक बिगड़ गया है। नाले की ऊंचाई घरों और सड़क से काफी ऊंचा कर दिया गया है। इससे उसमें पानी नहीं जा पा रहा है। लोगों ने जलभराव से बचाव के लिए नाले में होल कर दिए हैं, लेकिन जब नाला ओवरफ्लो होता है तो उसका पानी होल से घरों में चला जाता है। इस मुसीबत को लोग झेलते हुए अब पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका से समस्या से निजात की मांग कर रहे हैं।
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बताते हैं कि निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी को पहले सड़क परियोजना को पूरा करने में लेटलतीफी की मार झेलनी पड़ी थी। अब नाला निर्माण की ढिलाई मुसीबत बन रही। अक्तूबर 2024 तक यह सड़क बनकर तैयार हो जानी थी। मगर, 2025 लगने और जुलाई बीत जाने के बाद भी अभी कई कार्य फंसे हैं। बताया जा रहा है कि सड़क पूरी हो चुकी है, लेकिन नाला और पटरियों की इंटरलॉकिंग का कार्य चल रहा है। जल्द ही उसे पूरा करेंगे।
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यहां आ रही है नाला ऊंचाई से समस्या
बड़ेवन-कंपनीबाग तक सड़क का निर्माण विवादों में रहा है। अब नया बखेड़ा जलभराव का खड़ा हो गया है। बड़ेवन दुलारी वाटिका से लेकर फौव्वारा तक एक लेन का पानी आसानी से नाले में नहीं जा रहा है। नालों का पानी घरों में रह जा रहा। किसी तरह लोग वैकल्पिक व्यवस्था बनाए हैं। इसी प्रकार दूसरी लेन चुंगी से पतेलवा तक समस्या है। आईटीआई और पानी टंकी से लेकर कंपनीबाग तक मामला फंसा है। नाले में पानी नहीं जा रहा। आईटीआई समेत राज्यकर कार्यालय में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जा रही है। कटरा के पास लोग जलभराव से निजात को खुद ही ओवरफ्लो नाले का ढक्कन हटाकर साफ करते दिखे।
1.70 किमी. बन कर तैयार हो रहा है फोरलेन
बड़ेवन से कंपनीबाग तक फोरलेन बनाने में करीब 17 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसकी लंबाई 1.70 किमी. है। अधिकांश जगहों पर सड़क पर ही पानी भर रहा है। इससे लोग गुणवत्ता पर भी सवाल कर रहे। नाला अधूरा है। जहां बना है, वहां मानक फेल दिख रहा है, जो बनाए भी हैं वहां ढक्कन नहीं है। इससे लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। पशुओं के साथ ही मनुष्य भी गिरकर घायल हो रहे हैं। यही हाल जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के पास का है। यहां भी नाला अधूरा है। जलभराव की स्थिति हमेशा बनी रहती है। पानी के सड़ने से लोग परेशान हैं।
बोले स्थानीय नागरिक
पुराना नाला तोड़कर नया बनाया गया, लेकिन सड़क और घर से ऊंचाई काफी है। इससे घर का पानी और बारिश का पानी नहीं निकल पाता है। संक्रमण फैलने का डर रहता है।
-जमीर अहमद
सड़क की ऊंचाई और नाले की ऊंचाई का मानक पूरा नहीं किया गया है। बारिश होने पर घुटने तक पानी भर जाता है। कई घंटे पानी नहीं निकलता। इससे बच्चे, महिलाएं परेशान हैं।
-इमरान
फोरलेन का आधा-अधूरा नाला मुसीबत बन गया है। जीएसटी कार्यालय और आईटीआई के पास पानी नहीं निकल पाता है। घरों से निकलने वाला पानी बीच में ही जमा रहता है।
-हेमंत कुमार चौधरी
सड़क और नाले की ऊंचाई को फिर से दुरुस्त करके जलभराव की समस्या से निजात दिलाई जाए। ढक्कन लगाया जाए ताकि हादसे रुके। जलभराव से सांसत झेलते-झेलते सभी परेशान हैं।
-कौसर
जहां नाला ऊंचा हो गया है, जलभराव हो रहा, वहां नाले में होल कराया जाएगा। नालियों को उससे कनेक्ट किया जाएगा, ताकि बारिश और घरों का पानी आसानी से निकल जाए। अभी काम चल रहा है। सड़क पर हो रहे जलभराव को भी डिवाइडर में होल कराकर खत्म किया जाएगा। ठेकेदार को इस बाबत निर्देश दिए गए हैं। ढक्कन लगाने का कार्य और अधूरे नाले को जल्द पूरा कराया जाएगा।
-अभिषेक सिंह, जेई, पीडब्ल्यूडी, निर्माण खंड-वन