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Basti News: अब काम-धंधे पर लौटने लगे परदेसी, रेलवे स्टेशन पर बढ़ी भीड़
Tue, 18 Mar 2025 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 18 Mar 2025 12:25 AM IST
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छपरा -मथुरा एक्सप्रेस में सवार होने की जद्दोजहद करते यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। होली का त्योहार बिताकर परदेसी काम-धंधे पर लौटने लगे हैं। दिल्ली, मुंबई, पंजाब व बंगलूरू आदि शहरों में कमाने वाले कामगारों से ट्रेनों में भारी भीड़ नजर आ रही है।
जनरल ही नहीं स्लीपर कोच में भी बैठने की जगह नहीं बच रही है। कुछ यात्रियों को सीट नहीं मिलने पर मजबूरी में शौचालय के पास ही बैठ कर यात्रा करनी पड़ी रही है।
होली के दूसरे दिन तक रेलवे और बस स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या बेहद कम थी। अब दूर की ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ होने लगी है। पूर्वांचल से बड़ी संख्या में लोग कमाने के लिए दिल्ली, मुंबई, गुजरात, बंगलूरू, पंजाब आदि शहरों को जाते हैं।
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विशेषकर होली, दीपावली, छठ पर्व अपने घर परिजनों के साथ मनाने के लिए वह जरूर लौटते हैं। होली पर घरों को लौटे परदेशी त्योहार मनाने के बाद काम पर लौटने लगे हैं।
रिजर्व सीट न मिलने पर वह जनरल टिकट लेकर यात्रा करने का विवश हैं। छपरा-मथुरा एक्सप्रेस रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो जनरल कोच ठसाठस भरे नजर आए। स्लीपर कोच में एक बर्थ पर पांच यात्री बैठकर यात्रा करते देखे गए। ट्रेन के स्टेशन पर रुकने पर कोच में जगह पाने के लिए यात्री मशक्कत करते नजर आए।
सोमवार को दोपहर बाद दिल्ली रूट की ट्रेनों से यात्रा के लिए रेलवे स्टेशन पर भीड़ जमा होने लगी। 5:30 बजे गोरखधाम एक्सप्रेस पहुंची तो कोच में खड़ा होने का जगह भी नहीं थी। कोच में जगह पाने के लिए यात्री धक्का-मुक्की करते नजर आए। रमई प्रसाद ने बताया कि दिल्ली मेें काम करते हैं। होली पर घर आए थे, अब वापस जा रहे हैं, टिकट वेटिंग है, ट्रेन में बैठने की जगह नहीं है, जाने कब तक खड़े होकर यात्रा करनी पड़ेगी।
आम्रपाली और वैशाली एक्सप्रेस के रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर ट्रेन में भीड़ नजर आई। स्टेशन अधीक्षक नसीम अहमद का कहना था कि होली की भीड़ है। एक-दो दिन और रहेगी। इसके बाद यात्रियों की संख्या कम होने के साथ ट्रेनों में सीट भी मिलने लगेगी।
उधर गंतव्य तक पहुंचने के लिए सुबह से यात्री ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचते रहे, मगर ट्रेनों के विलंब की सूचना पाकर वह निराश हुए। कुछ यात्रियों को स्टेशन पर बैठ कर घंटों ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।
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बस्ती। होली का त्योहार बिताकर परदेसी काम-धंधे पर लौटने लगे हैं। दिल्ली, मुंबई, पंजाब व बंगलूरू आदि शहरों में कमाने वाले कामगारों से ट्रेनों में भारी भीड़ नजर आ रही है।
जनरल ही नहीं स्लीपर कोच में भी बैठने की जगह नहीं बच रही है। कुछ यात्रियों को सीट नहीं मिलने पर मजबूरी में शौचालय के पास ही बैठ कर यात्रा करनी पड़ी रही है।
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होली के दूसरे दिन तक रेलवे और बस स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या बेहद कम थी। अब दूर की ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ होने लगी है। पूर्वांचल से बड़ी संख्या में लोग कमाने के लिए दिल्ली, मुंबई, गुजरात, बंगलूरू, पंजाब आदि शहरों को जाते हैं।
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विशेषकर होली, दीपावली, छठ पर्व अपने घर परिजनों के साथ मनाने के लिए वह जरूर लौटते हैं। होली पर घरों को लौटे परदेशी त्योहार मनाने के बाद काम पर लौटने लगे हैं।
रिजर्व सीट न मिलने पर वह जनरल टिकट लेकर यात्रा करने का विवश हैं। छपरा-मथुरा एक्सप्रेस रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो जनरल कोच ठसाठस भरे नजर आए। स्लीपर कोच में एक बर्थ पर पांच यात्री बैठकर यात्रा करते देखे गए। ट्रेन के स्टेशन पर रुकने पर कोच में जगह पाने के लिए यात्री मशक्कत करते नजर आए।
सोमवार को दोपहर बाद दिल्ली रूट की ट्रेनों से यात्रा के लिए रेलवे स्टेशन पर भीड़ जमा होने लगी। 5:30 बजे गोरखधाम एक्सप्रेस पहुंची तो कोच में खड़ा होने का जगह भी नहीं थी। कोच में जगह पाने के लिए यात्री धक्का-मुक्की करते नजर आए। रमई प्रसाद ने बताया कि दिल्ली मेें काम करते हैं। होली पर घर आए थे, अब वापस जा रहे हैं, टिकट वेटिंग है, ट्रेन में बैठने की जगह नहीं है, जाने कब तक खड़े होकर यात्रा करनी पड़ेगी।
आम्रपाली और वैशाली एक्सप्रेस के रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर ट्रेन में भीड़ नजर आई। स्टेशन अधीक्षक नसीम अहमद का कहना था कि होली की भीड़ है। एक-दो दिन और रहेगी। इसके बाद यात्रियों की संख्या कम होने के साथ ट्रेनों में सीट भी मिलने लगेगी।
उधर गंतव्य तक पहुंचने के लिए सुबह से यात्री ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचते रहे, मगर ट्रेनों के विलंब की सूचना पाकर वह निराश हुए। कुछ यात्रियों को स्टेशन पर बैठ कर घंटों ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।