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चाचा ही निकला अपहरण का मास्टरमाइंड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2016 11:47 PM IST
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हर्रैया। सोमवार को हाइवे पर स्कूल जा रहे कक्षा एक के छात्र के अपहरण की
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घटना को किसी और ने नहीं बल्कि उसके सगे चाचा और उसके रिश्तेदारों ने अंजाम
दिया। ऐसा उन्होंने अपने ही गांव के कुछ लोगों को फंसाने के लिए किया।
अपहरण के मामले में पुलिस ने सोमवार की रात तीन लोगों को गिरफ्तार कर अपहृत
बच्चे को बरामद कर लिया था।
मासूम अन्नू उर्फ अंकित का चाचा ही अपहरण की घटना का मास्टर माइंड निकला। पड़ोसी वंशू की जमीन का फर्जी व्यक्ति से बैनामा कराने के बाद फंसने के डर से अपने बहनोई को मिलाकर अपहरण की साजिश रची। पड़ोसियाें को फंसाने की चाल उल्टी पड़ गई। पुलिस की तत्परता से सोमवार की रात मासूम की बरामदगी के बाद प्रकरण में शामिल चाचा सहित दो अन्य रिश्तेदारों को पुलिस ने मंगलवार को न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया।
मंगलवार को हर्रैया थाने पर एसपी शिवहरि मीणा ने बताया कि अपहृत अन्नू का चाचा फूल चंद्र चौधरी फैजाबाद डिपो में बस परिचालक है। करीब दो माह पूर्व उसने अपने गांव के वंशू की जमीन का बैनामा अपने बहनोई नीतेश के नाम करा दिया। वंशू का कई वर्षों से कोई अता पता नहीं है।
बैनामे की जानकारी होने पर वंशू के भाई ने एतराज जताया और फर्जी व्यक्ति से बैनामा करा लेने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर जांच करने की मांग की। मामला पुलिस के पास जाने की भनक लगते ही अन्नू के चाचा फूलचंद्र ने अपने ही भतीजे के अपहरण की योजना बनाई और इसमें अपने बहनोई नीतेश को शामिल करते हुए सोमवार को घटना को अंजाम दिया।
घटना के कुछ ही घंटों बाद पुलिस के हाथ लगे नीतेश से जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो सच सामने आ गया। नीतेश ने बताया कि अपने साले फूल चंद्र के कहने पर उसने हाइवे पर स्कूल जा रहे अन्नू को उठाया था। योजना थी कि अपहरण के केस में वंशू के भाई राम कुमार व उसके दामाद फंस जाएंगे।
बताया कि पुलिस को चकमा देने के लिए वह घटना के बाद वापस जिवधरपुर गांव गया, जिससे लोगों का उस पर शक न हो। बताया कि अपहरण की घटना में नीतेश का मौसेरा भाई छोटू उर्फ अभय पुत्र विजयपाल वर्मा निवासी अकबरहा थाना पूरा कलंदर फैजाबाद भी शामिल था। अपहरण के बाद अंकित को उसके ही पास रखा गया था। पुलिस टीम की सफलता पर एसपी ने पांच हजार रुपये का इनाम स्वाट टीम व हर्रैया थाने की पुलिस को देने की घोषणा की। पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त बाइक व मोबाइल फोन बरामद किया है।
मासूम अन्नू उर्फ अंकित का चाचा ही अपहरण की घटना का मास्टर माइंड निकला। पड़ोसी वंशू की जमीन का फर्जी व्यक्ति से बैनामा कराने के बाद फंसने के डर से अपने बहनोई को मिलाकर अपहरण की साजिश रची। पड़ोसियाें को फंसाने की चाल उल्टी पड़ गई। पुलिस की तत्परता से सोमवार की रात मासूम की बरामदगी के बाद प्रकरण में शामिल चाचा सहित दो अन्य रिश्तेदारों को पुलिस ने मंगलवार को न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया।
मंगलवार को हर्रैया थाने पर एसपी शिवहरि मीणा ने बताया कि अपहृत अन्नू का चाचा फूल चंद्र चौधरी फैजाबाद डिपो में बस परिचालक है। करीब दो माह पूर्व उसने अपने गांव के वंशू की जमीन का बैनामा अपने बहनोई नीतेश के नाम करा दिया। वंशू का कई वर्षों से कोई अता पता नहीं है।
बैनामे की जानकारी होने पर वंशू के भाई ने एतराज जताया और फर्जी व्यक्ति से बैनामा करा लेने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर जांच करने की मांग की। मामला पुलिस के पास जाने की भनक लगते ही अन्नू के चाचा फूलचंद्र ने अपने ही भतीजे के अपहरण की योजना बनाई और इसमें अपने बहनोई नीतेश को शामिल करते हुए सोमवार को घटना को अंजाम दिया।
घटना के कुछ ही घंटों बाद पुलिस के हाथ लगे नीतेश से जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो सच सामने आ गया। नीतेश ने बताया कि अपने साले फूल चंद्र के कहने पर उसने हाइवे पर स्कूल जा रहे अन्नू को उठाया था। योजना थी कि अपहरण के केस में वंशू के भाई राम कुमार व उसके दामाद फंस जाएंगे।
बताया कि पुलिस को चकमा देने के लिए वह घटना के बाद वापस जिवधरपुर गांव गया, जिससे लोगों का उस पर शक न हो। बताया कि अपहरण की घटना में नीतेश का मौसेरा भाई छोटू उर्फ अभय पुत्र विजयपाल वर्मा निवासी अकबरहा थाना पूरा कलंदर फैजाबाद भी शामिल था। अपहरण के बाद अंकित को उसके ही पास रखा गया था। पुलिस टीम की सफलता पर एसपी ने पांच हजार रुपये का इनाम स्वाट टीम व हर्रैया थाने की पुलिस को देने की घोषणा की। पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त बाइक व मोबाइल फोन बरामद किया है।