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मौन व्रती साधु को चोर बताकर पीटा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2016 12:37 AM IST
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बस्ती। नगर थाना क्षेत्र के ग्राम बिरऊपुर में गाय ढूंढने आए एक साधु को
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ग्रामीणों ने गन्ने के खेत के बगल से जाते हुए देखा और चोर-चोर कहकर पीटना
शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पुलिस ने किसी तरह से साधु को बचाकर
उन्हें थाने ले आई। उनकी पहचान नगर थाना क्षेत्र के ग्राम पाल्हा में बने
एक मंदिर पर पुजारी मौनी बाबा के रूप में हुई।
नगर थाना क्षेत्र के ग्राम बिरऊपुर के सिवान मे दिन में लगभग तीन बजे गन्ने के खेत के बगल से गुजर रहे एक साधु को देखकर कुछ लोग चोर-चोर कहकर चिल्लाने लगे। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। लोगों ने उनसे नाम व पता पूछा तो वह कुछ नहीं बोले तो लोगों को शक हुआ कि यह चोर है। लोगों ने चोर समझकर उनकी पिटाई शुरू कर दी, लेकिन इसी बीच कुछ युवकों ने उन्हें बचाकर पुलिस को फोन किया।
मौके पर पहुंची नगर पुलिस उन्हें थाने लेकर आई। पुलिस ने जब उनसे नाम व पता पूछा तो उन्होंने इशारे से कागज और कलम मांगी। उन्होंने लिखकर बताया कि वह नगर थाना क्षेत्र के ग्राम पाल्हा के रामजानकी मंदिर के पुजारी हैं। उनका नाम मौनी बाबा है वह पिछले कई वर्ष से मौन व्रत पर हैं। पिछले दिनों उनकी गाय खो गई थी, उसे वह ढूंढते हुए बिरऊपुर के सिवान में चले आए। इसी बीच लोगों ने चोर-चोर कहकर पीटना शुरू कर दिया। लेकिन मौन व्रत होने के नाते वह पिटते रहे और कुछ नहीं बोल पाए।
पुलिस ने पाल्हा के ग्राम प्रधान लाल जी यादव पुत्र लक्ष्मन यादव से फोन पर बात कर साधू बाबा के बारे मे जानकारी ली। सूचना पाकर ग्राम प्रधान थाना पर आये और उनकी पहचान मौनी बाबा के रूप मे की और बताया कि वह पिछले आठ वर्षो से गांव मे बने रामजानकी मंदिर पर पुजारी हैं! थानाध्यक्ष नगर केडी सिंह ने कहा कि किसी को संदेह के आधार पर मारे-पीटें नहीं। ऐसा कोई व्यक्ति मिलता है तो पुलिस को सूचित करें।
नगर थाना क्षेत्र के ग्राम बिरऊपुर के सिवान मे दिन में लगभग तीन बजे गन्ने के खेत के बगल से गुजर रहे एक साधु को देखकर कुछ लोग चोर-चोर कहकर चिल्लाने लगे। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। लोगों ने उनसे नाम व पता पूछा तो वह कुछ नहीं बोले तो लोगों को शक हुआ कि यह चोर है। लोगों ने चोर समझकर उनकी पिटाई शुरू कर दी, लेकिन इसी बीच कुछ युवकों ने उन्हें बचाकर पुलिस को फोन किया।
मौके पर पहुंची नगर पुलिस उन्हें थाने लेकर आई। पुलिस ने जब उनसे नाम व पता पूछा तो उन्होंने इशारे से कागज और कलम मांगी। उन्होंने लिखकर बताया कि वह नगर थाना क्षेत्र के ग्राम पाल्हा के रामजानकी मंदिर के पुजारी हैं। उनका नाम मौनी बाबा है वह पिछले कई वर्ष से मौन व्रत पर हैं। पिछले दिनों उनकी गाय खो गई थी, उसे वह ढूंढते हुए बिरऊपुर के सिवान में चले आए। इसी बीच लोगों ने चोर-चोर कहकर पीटना शुरू कर दिया। लेकिन मौन व्रत होने के नाते वह पिटते रहे और कुछ नहीं बोल पाए।
पुलिस ने पाल्हा के ग्राम प्रधान लाल जी यादव पुत्र लक्ष्मन यादव से फोन पर बात कर साधू बाबा के बारे मे जानकारी ली। सूचना पाकर ग्राम प्रधान थाना पर आये और उनकी पहचान मौनी बाबा के रूप मे की और बताया कि वह पिछले आठ वर्षो से गांव मे बने रामजानकी मंदिर पर पुजारी हैं! थानाध्यक्ष नगर केडी सिंह ने कहा कि किसी को संदेह के आधार पर मारे-पीटें नहीं। ऐसा कोई व्यक्ति मिलता है तो पुलिस को सूचित करें।