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होली में अवैध शराब खपाने की जुगत
basti
Updated Sun, 25 Feb 2018 10:29 PM IST
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अवैध शराब का धंधेबाज पकड़ा गया।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। होली पर शराब के धंधेबाजों की नजर है। बाजार में लाइसेंसी शराब जैसे फ्लेवर और इसी नाम से बोतल में नकली रैपर और अवैैध शराब की खेप भेजने की जुगाड़ धंधेबाज कर रहे हैं। इसके लिए वे शहर से लेकर दूर-दराज गांवों तक नेटवर्क को तेज करने में जुुटे हैं। हालांकि, आबकारी विभाग के अधिकारी ऐसे काले धंधे पर पैनी दृष्टि रखने की बात तो कर रहे हैं मगर उनकी बात में कोई दम नजर नहीं आ रहा है।
यहां पकड़ी गई थी अवैध शराब
करीब तीन वर्ष पूर्व कप्तानगंज में पुलिस ने एक गोदाम पर छापा मारा, जहां बड़े पैमाने पर अवैैध शराब बन रही थी। पुलिस ने बड़ी मात्रा में अल्कोहल व अर्द्धनिर्मित शराब के अलावा बोतल, रैपर और ढक्कन बरामद किया। यहां पुलिस के हत्थे दो लोग चढ़े मगर वे मजदूर थे। हालांकि, पुलिस ने इन्हें आबकारी अधिनियम व कॉपी राइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया मगर असली आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा। इसके कुछ ही दिनों बाद शहर के आवास विकास कालोनी में भी ऐसे ही अवैध शराब निर्माण का कारखाना पुलिस ने पकड़ा और यहां भी वही नाम सामने आया जो कप्तानगंज में काले धंधे को अंजाम देता था। दो वर्ष पूर्व शहर से सटे पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के चैनपुरवा गांव में भी पुलिस व आबकारी टीम ने बड़े पैमाने पर अवैध शराब निर्माण कारखाने का भांडा फोड़ा, मगर यहां भी मुख्य किरदार गायब पाया गया। आधा दर्जन लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ और तो और यहां कई ड्रम में एकत्रित कर रखी गई अपमिश्रित शराब बरामद हुई। कैरियरों पर कार्रवाई के बाद पुलिस व आबकारी विभाग चुप्पी साध गया।
जिले के तीस गांव कच्ची शराब के लिए संवेदनशील
आबकारी विभाग ने अवैध व कच्ची शराब पर शिकंजा कसने के लिए जिले को दो सर्किल में बांटा है। इसमें सदर सर्किल एक तथा हर्रैया सहित माझा क्षेत्र सर्किल दो में आता है। यहां सर्किल एक में मुंडेरवा की करवल कालोनी, बोदवल व बनकटी संवेदनशील सूची में है, वह्रीं, सर्किल दो में कप्तानगंज क्षेत्र का थूहा, खोभा के अलावा, बगौड़ा, बलुआ, रखिया, मेढ़उवा, भरू, धर्मसिंघपुर, सोमा, कस्बामहराजगंज, सरवाहनपुर, तेलियाडीहा, ऐकटेकवा, ओझागंज, लहिलवारा, मदनपुरा, हरैया थाना क्षेत्र के महुआलखनपुर, खेमराजपुर, गंगापुर, पिनेसर, छावनी क्षेत्र के छतौना, संदलपुर, सीतारामपुर बाघानाला, मलौली गोसाई, तुर्शी, माझिल गांव, सिटकहा, शिवपुर दुधौरा, बघुआपार सहित कुल 27 गांव सूची में हैं।
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अब तक 20 हजार लीटर कच्ची शराब बरामद
जिले में कच्ची शराब का धंधा खूब फल-फूल रहा है। यह ऐसे ही नहीं कहा जा रहा है। क्योंकि दोनों सर्किलों में करीब बीस हजार लीटर कच्ची शराब वर्ष भर में आबकारी ने बरामद किया है। इस बरामदगी से एक बात तो साफ हो ही गई है कि यहां कच्ची शराब का धंधा पूरी रौ में है।
पड़ोसी जिले तक जाती है कच्ची शराब
महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार कप्तानगंज क्षेत्र के थूहा व खोभा के अलावा हर्रैया, परशुरामपुर, छावनी क्षेत्र के दर्जनों गांवों में निर्मित कच्ची शराब पड़ोसी जनपदों में बिक्री के लिए जाती है। पहले जहां कच्ची शराब के बनने की विधि दूसरी हुआ करती थी, वहीं हाईवे बन जाने के बाद अब वाहनों से अल्कोहल खरीद कर इसका अवैध निर्माण किया जाता है।
विक्रमजोत का माझा कच्ची शराब का हब
विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार घाघरा नदी का हजारों हेक्टेयर में फैला माझा क्षेत्र कच्ची शराब का हब बन गया है। पुलिस व आबकारी की टीम यहां खूब कार्रवाई भी करती है, मगर इस धंधे पर अब तक रोक नहीं लग सकी है। फरवरी माह में पुलिस ने दो सौ लीटर कच्ची शराब बरामद की। दर्जनों भट्ठियां तोड़ीं, उपकरण बरामद किए, मगर कच्ची शराब के धंधे पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
आबकारी अधिकारी की सुनें
जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र कहते हैं कि कच्ची शराब के कारोबार को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई चल रही है। यह सही है कि होली पर्व पर धंधेबाज अवैध शराब की खपत बाजार में कराना चाहते हैं, मगर विभाग ऐसा नहीं होने देगा। क्योंकि विभागीय तंत्र सक्रिय है। उसकी पैनी निगाह इस पर है। क्योंकि अवैध धंधेबाजों के नेटवर्क का खाका तैयार कर लिया गया है। इस धंधे के मुख्य किरदारों के ठिकानों पर विभाग की नजर है।
शराब के धंधेबाज से 210 लीटर स्प्रिट बरामद
बभनान। होली के मौसम में शराब की बढ़ी मांग को पूरी करने के लिए धंधेबाज कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। गौर क्षेत्र के महुआडाबर में एसएसटी और गौर पुलिस ने छापामार कर धंधेबाज से 210 लीटर स्प्रिट और देसी शराब के अलावा खाली शीशी, ढक्कन और उपकरण बरामद किया है। इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया।
गौर थाना क्षेत्र के महुआडाबर गांव में शनिवार की शाम एसएसटी प्रभारी एवं गौर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर संयुक्त छापेमारी की। बभनान पुलिस चौकी प्रभारी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि महुआडाबर में शराब बनाने का अवैध धंधा चल रहा है। इसकी जानकारी पुलिस को मिली थी। रंगेहाथ पकड़ने के लिए पुलिस काफी दिनों से हाथ-पांव मार रही थी। शनिवार की शाम एसएसटी प्रभारी विजय कुमार गौतम, कांस्टेबल राघवेंद्र, बुद्ध देश, रविंद्र, धनंजय, अभिषेक कुमार, अनवर अली, धर्मेंद्र कुमार और चौकी प्रभारी की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर गांव जाने वाले मार्ग पर एक व्यक्ति को पकड़ लिया। उसके पास गैलन में भरी रेक्टिफाइड स्प्रिट बरामद हुई। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अजय सिंह निवासी महुआडाबर थाना गौर बताया।
शीशी, ढक्कन और शराब बनाने के उपकरण मिले
पुलिस ने अजय से कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो धंधे की सारी हकीकत बता दी। आरोपी अजय ने कबूल किया है कि वह देसी शराब का अवैध धंधा अपने घर से करता है। घर में छापेमारी पार सात गैलन से 210 लीटर रेक्टिफाइड स्प्रिट और 37 शीशी देेसी शराब मिली। इसके अलावा बड़ी मात्रा में खाली शीशी, ढक्कन व शराब बनाने के उपकरण बरामद हुआ है। चौकी प्रभारी ने बताया कि अजय सिंह के खिलाफ अवैध शराब बनाने के संबंध में विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया है।
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यहां पकड़ी गई थी अवैध शराब
करीब तीन वर्ष पूर्व कप्तानगंज में पुलिस ने एक गोदाम पर छापा मारा, जहां बड़े पैमाने पर अवैैध शराब बन रही थी। पुलिस ने बड़ी मात्रा में अल्कोहल व अर्द्धनिर्मित शराब के अलावा बोतल, रैपर और ढक्कन बरामद किया। यहां पुलिस के हत्थे दो लोग चढ़े मगर वे मजदूर थे। हालांकि, पुलिस ने इन्हें आबकारी अधिनियम व कॉपी राइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया मगर असली आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा। इसके कुछ ही दिनों बाद शहर के आवास विकास कालोनी में भी ऐसे ही अवैध शराब निर्माण का कारखाना पुलिस ने पकड़ा और यहां भी वही नाम सामने आया जो कप्तानगंज में काले धंधे को अंजाम देता था। दो वर्ष पूर्व शहर से सटे पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के चैनपुरवा गांव में भी पुलिस व आबकारी टीम ने बड़े पैमाने पर अवैध शराब निर्माण कारखाने का भांडा फोड़ा, मगर यहां भी मुख्य किरदार गायब पाया गया। आधा दर्जन लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ और तो और यहां कई ड्रम में एकत्रित कर रखी गई अपमिश्रित शराब बरामद हुई। कैरियरों पर कार्रवाई के बाद पुलिस व आबकारी विभाग चुप्पी साध गया।
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जिले के तीस गांव कच्ची शराब के लिए संवेदनशील
आबकारी विभाग ने अवैध व कच्ची शराब पर शिकंजा कसने के लिए जिले को दो सर्किल में बांटा है। इसमें सदर सर्किल एक तथा हर्रैया सहित माझा क्षेत्र सर्किल दो में आता है। यहां सर्किल एक में मुंडेरवा की करवल कालोनी, बोदवल व बनकटी संवेदनशील सूची में है, वह्रीं, सर्किल दो में कप्तानगंज क्षेत्र का थूहा, खोभा के अलावा, बगौड़ा, बलुआ, रखिया, मेढ़उवा, भरू, धर्मसिंघपुर, सोमा, कस्बामहराजगंज, सरवाहनपुर, तेलियाडीहा, ऐकटेकवा, ओझागंज, लहिलवारा, मदनपुरा, हरैया थाना क्षेत्र के महुआलखनपुर, खेमराजपुर, गंगापुर, पिनेसर, छावनी क्षेत्र के छतौना, संदलपुर, सीतारामपुर बाघानाला, मलौली गोसाई, तुर्शी, माझिल गांव, सिटकहा, शिवपुर दुधौरा, बघुआपार सहित कुल 27 गांव सूची में हैं।
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अब तक 20 हजार लीटर कच्ची शराब बरामद
जिले में कच्ची शराब का धंधा खूब फल-फूल रहा है। यह ऐसे ही नहीं कहा जा रहा है। क्योंकि दोनों सर्किलों में करीब बीस हजार लीटर कच्ची शराब वर्ष भर में आबकारी ने बरामद किया है। इस बरामदगी से एक बात तो साफ हो ही गई है कि यहां कच्ची शराब का धंधा पूरी रौ में है।
पड़ोसी जिले तक जाती है कच्ची शराब
महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार कप्तानगंज क्षेत्र के थूहा व खोभा के अलावा हर्रैया, परशुरामपुर, छावनी क्षेत्र के दर्जनों गांवों में निर्मित कच्ची शराब पड़ोसी जनपदों में बिक्री के लिए जाती है। पहले जहां कच्ची शराब के बनने की विधि दूसरी हुआ करती थी, वहीं हाईवे बन जाने के बाद अब वाहनों से अल्कोहल खरीद कर इसका अवैध निर्माण किया जाता है।
विक्रमजोत का माझा कच्ची शराब का हब
विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार घाघरा नदी का हजारों हेक्टेयर में फैला माझा क्षेत्र कच्ची शराब का हब बन गया है। पुलिस व आबकारी की टीम यहां खूब कार्रवाई भी करती है, मगर इस धंधे पर अब तक रोक नहीं लग सकी है। फरवरी माह में पुलिस ने दो सौ लीटर कच्ची शराब बरामद की। दर्जनों भट्ठियां तोड़ीं, उपकरण बरामद किए, मगर कच्ची शराब के धंधे पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
आबकारी अधिकारी की सुनें
जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र कहते हैं कि कच्ची शराब के कारोबार को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई चल रही है। यह सही है कि होली पर्व पर धंधेबाज अवैध शराब की खपत बाजार में कराना चाहते हैं, मगर विभाग ऐसा नहीं होने देगा। क्योंकि विभागीय तंत्र सक्रिय है। उसकी पैनी निगाह इस पर है। क्योंकि अवैध धंधेबाजों के नेटवर्क का खाका तैयार कर लिया गया है। इस धंधे के मुख्य किरदारों के ठिकानों पर विभाग की नजर है।
शराब के धंधेबाज से 210 लीटर स्प्रिट बरामद
बभनान। होली के मौसम में शराब की बढ़ी मांग को पूरी करने के लिए धंधेबाज कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। गौर क्षेत्र के महुआडाबर में एसएसटी और गौर पुलिस ने छापामार कर धंधेबाज से 210 लीटर स्प्रिट और देसी शराब के अलावा खाली शीशी, ढक्कन और उपकरण बरामद किया है। इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया।
गौर थाना क्षेत्र के महुआडाबर गांव में शनिवार की शाम एसएसटी प्रभारी एवं गौर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर संयुक्त छापेमारी की। बभनान पुलिस चौकी प्रभारी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि महुआडाबर में शराब बनाने का अवैध धंधा चल रहा है। इसकी जानकारी पुलिस को मिली थी। रंगेहाथ पकड़ने के लिए पुलिस काफी दिनों से हाथ-पांव मार रही थी। शनिवार की शाम एसएसटी प्रभारी विजय कुमार गौतम, कांस्टेबल राघवेंद्र, बुद्ध देश, रविंद्र, धनंजय, अभिषेक कुमार, अनवर अली, धर्मेंद्र कुमार और चौकी प्रभारी की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर गांव जाने वाले मार्ग पर एक व्यक्ति को पकड़ लिया। उसके पास गैलन में भरी रेक्टिफाइड स्प्रिट बरामद हुई। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अजय सिंह निवासी महुआडाबर थाना गौर बताया।
शीशी, ढक्कन और शराब बनाने के उपकरण मिले
पुलिस ने अजय से कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो धंधे की सारी हकीकत बता दी। आरोपी अजय ने कबूल किया है कि वह देसी शराब का अवैध धंधा अपने घर से करता है। घर में छापेमारी पार सात गैलन से 210 लीटर रेक्टिफाइड स्प्रिट और 37 शीशी देेसी शराब मिली। इसके अलावा बड़ी मात्रा में खाली शीशी, ढक्कन व शराब बनाने के उपकरण बरामद हुआ है। चौकी प्रभारी ने बताया कि अजय सिंह के खिलाफ अवैध शराब बनाने के संबंध में विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया है।