{"_id":"571fb5014f1c1bf631a91946","slug":"farmers-are-angered-over-suger-mills","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना मूल्य भुगतान न होने से गुस्सा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गन्ना मूल्य भुगतान न होने से गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
गन्ना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। चीनी मिलों की मनमानी से किसानों की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। उसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। मसौधा फैजाबाद, वाल्टरगंज और रुधौली चीनी मिल गन्ना मूल्य भुगतान में फिसड्डी साबित हो रही है।
कप्तानगंज ब्लाक के किसान अपना गन्ना मसौधा फैजाबाद, रुधौली और वाल्टरगंज चीनी मिलों को बेचते हैं। इन चीनी मिलों द्वारा समय से किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे किसानों के समक्ष संकट उत्पन्न हो गया है।
क्षेत्रीय किसान सर्वदेव दुबे, मनोज सिंह, राजेंद्र उपाध्याय, बलराम त्रिपाठी, राम जनक ने बताया कि अब तक मसौधा फैजाबाद चीनी मिल ने 15 फरवरी, वाल्टरगंज चीनी मिल ने 26 जनवरी, और रुधौली चीनी मिल ने 10 जनवरी तक का भुगतान किया है। इन लोगों का कहना कि सालभर दिन रात मेहनत करने के बाद भुगतान के लिए भटकना पड़ता है।
विज्ञापन
चीनी मिलों के विलंब से भुगतान के चलते हम लोगों की खेती समय से नहीं हो पा रही है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। गन्ना मूल्य का भुगतान के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार किया गया लेकिन उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस संबंध में वाल्टरगंज के जीएम केन बसंत पांडेय ने बताया कि मिलों से चीनी बेची जा रही है। जल्द ही किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
कप्तानगंज ब्लाक के किसान अपना गन्ना मसौधा फैजाबाद, रुधौली और वाल्टरगंज चीनी मिलों को बेचते हैं। इन चीनी मिलों द्वारा समय से किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे किसानों के समक्ष संकट उत्पन्न हो गया है।
विज्ञापन
क्षेत्रीय किसान सर्वदेव दुबे, मनोज सिंह, राजेंद्र उपाध्याय, बलराम त्रिपाठी, राम जनक ने बताया कि अब तक मसौधा फैजाबाद चीनी मिल ने 15 फरवरी, वाल्टरगंज चीनी मिल ने 26 जनवरी, और रुधौली चीनी मिल ने 10 जनवरी तक का भुगतान किया है। इन लोगों का कहना कि सालभर दिन रात मेहनत करने के बाद भुगतान के लिए भटकना पड़ता है।
विज्ञापन
चीनी मिलों के विलंब से भुगतान के चलते हम लोगों की खेती समय से नहीं हो पा रही है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। गन्ना मूल्य का भुगतान के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार किया गया लेकिन उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस संबंध में वाल्टरगंज के जीएम केन बसंत पांडेय ने बताया कि मिलों से चीनी बेची जा रही है। जल्द ही किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान करा दिया जाएगा।