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19 सजायाफ्ता कैदी सिद्घार्थनगर शिफ्ट
Updated Mon, 17 Dec 2018 11:51 PM IST
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19 सजायाफ्ता कैदी सिद्धार्थनगर शिफ्ट
ओवरक्राउडिंग पर लगाम के लिए शिफ्ट किए गए बंदी
480 की क्षमता के सापेक्ष कारागार में निरुद्ध हैं 1300 कैदी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। ओवरक्राउडिंग से जूझ रहे जिला कारागार के 19 कैदियों को सोमवार को सिद्धार्थनगर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। पिछले दिनों कुछ रसूखदार बंदियों के कारण जेल मैनुअल की धज्जियां उड़ाई जा रहीं थीं। चाह करके भी लगाम लगाने में नाकाम रहे जेल प्रशासन ने एक्शन लेना शुरू कर दिया। जल्द ही राजनैतिक पृष्ठभूमि के ऐसे बंदियों को भी यहां से हटाया जाएगा, जिनसे मिलने वालों की दिन भर लाइन लगी रहती है। पूर्व मंत्री रामकरन आर्य और पूर्व प्रमुख सुनील सिंह का नाम इसमें सबसे ऊपर है।
इस तरह पिछले डेढ़ महीने के भीतर पचास से अधिक बंदियों को यहां से दूसरे जिले की जेलों में भेजा जा चुका है। जेल अधीक्षक संतलाल यादव के अनुसार 480 बंदियों की क्षमता वाली जेल में 1300 से ज्यादा बंदी हैं। इसे लेकर उच्चस्तर पर लिखा-पढ़ी व अनुरोध के बाद 20 सजायाफ्ता कैदियों को यहां से ट्रांसफर करने की अनुमति मिली। इसके बाद कैदियों की शिफ्टिंग चालू हो गई है। अन्य को भी दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। हटाए गए बंदियों में हरिराम, गौरी शंकर, रामजी तिवारी, विजय बहादुर, इशा चरण, पंचम, रामजी पांडे, राधारमण, वंश बहादुर, शत्रुघ्न, संतराम, भवनाथ, कृष्ण नाथ उर्फ रामकृष्ण, परमात्मा पांडे, राजेंद्र प्रसाद पांडे, रामचंद्र, महबूब आलम, शिव कुमार तथा कमल पांडे शामिल हैं।
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ओवरक्राउडिंग पर लगाम के लिए शिफ्ट किए गए बंदी
480 की क्षमता के सापेक्ष कारागार में निरुद्ध हैं 1300 कैदी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। ओवरक्राउडिंग से जूझ रहे जिला कारागार के 19 कैदियों को सोमवार को सिद्धार्थनगर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। पिछले दिनों कुछ रसूखदार बंदियों के कारण जेल मैनुअल की धज्जियां उड़ाई जा रहीं थीं। चाह करके भी लगाम लगाने में नाकाम रहे जेल प्रशासन ने एक्शन लेना शुरू कर दिया। जल्द ही राजनैतिक पृष्ठभूमि के ऐसे बंदियों को भी यहां से हटाया जाएगा, जिनसे मिलने वालों की दिन भर लाइन लगी रहती है। पूर्व मंत्री रामकरन आर्य और पूर्व प्रमुख सुनील सिंह का नाम इसमें सबसे ऊपर है।
इस तरह पिछले डेढ़ महीने के भीतर पचास से अधिक बंदियों को यहां से दूसरे जिले की जेलों में भेजा जा चुका है। जेल अधीक्षक संतलाल यादव के अनुसार 480 बंदियों की क्षमता वाली जेल में 1300 से ज्यादा बंदी हैं। इसे लेकर उच्चस्तर पर लिखा-पढ़ी व अनुरोध के बाद 20 सजायाफ्ता कैदियों को यहां से ट्रांसफर करने की अनुमति मिली। इसके बाद कैदियों की शिफ्टिंग चालू हो गई है। अन्य को भी दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। हटाए गए बंदियों में हरिराम, गौरी शंकर, रामजी तिवारी, विजय बहादुर, इशा चरण, पंचम, रामजी पांडे, राधारमण, वंश बहादुर, शत्रुघ्न, संतराम, भवनाथ, कृष्ण नाथ उर्फ रामकृष्ण, परमात्मा पांडे, राजेंद्र प्रसाद पांडे, रामचंद्र, महबूब आलम, शिव कुमार तथा कमल पांडे शामिल हैं।
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