फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   मार्ग दुर्घटना मे घायल युवक की लखनऊ में मौत,

मार्ग दुर्घटना मे घायल युवक की लखनऊ में मौत,

Sat, 18 May 2019 12:27 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 May 2019 12:27 AM IST
विज्ञापन
मार्ग दुर्घटना मे घायल युवक की लखनऊ में मौत,
मार्ग दुर्घटना में घायल युवक की लखनऊ में मौत
विज्ञापन

मौत के बाद भी वेंटिलेटर पर रखकर आर्थिक शोषण का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
हर्रैया। छावनी थाना क्षेत्र के चपिलांव चौराहे पर 12 मई को ऑटो की ठोकर से घायल हुए युवक की पांच दिन बाद लखनऊ के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। मौत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने मृत शरीर को वेंटिलेटर पर रखा। परिजनों को शव देने से मना कर दिया। अस्पताल प्रशासन पहले पुलिस केस दर्ज कराने और अस्पताल का बिल देने के बाद ही शव देने की बात कह रहा है।

शेरवाडीह गांव निवासी राम शंकर वर्मा का 18 वर्षीय पुत्र आदर्श 12 मई को गांव के ही युवक अमृत वर्मा के साथ किसी कार्य से विक्रमजोत बाजार गया था। देर शाम करीब साढ़े सात बजे घर लौटते समय चपिलांव चौराहे पर ऑटो की ठोकर से दोनों बाइक सहित सड़क पर गिरकर घायल हो गए। उन्हें सीएचसी विक्रमजोत में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर आदर्श को जिला चिकित्सालय अयोध्या रेफर कर दिया। जहां से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर ले जाने की सलाह चिकित्सकों ने दी। परेशान परिजन एक प्राइवेट एंबुलेंस से लखनऊ ले गए। जानकारी के अभाव में चालक के कहने पर निराला नगर के इंडियन हॅास्पिटल में भर्ती करा दिए। तीन दिन तक चले इलाज में भारी खर्च करने के बाद भी जब कोई लाभ नहीं हुआ तो अस्पताल पहुंचे रिश्तेदार आदर्श को लेकर ट्रॉमा सेंटर ले गए। यहां जांच के बाद अस्पताल में वेंटिलेटर खाली नहीं होने पर भर्ती लेने से मना कर दिया गया। परिजन बृहस्पतिवार रात घायल को लेखराज के समीप एक अस्पताल में भर्ती कराए, जहां वेंटिलेटर पर रखा गया। शुक्रवार दोपहर को युवक की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने शव की मांग की तो अस्पताल प्रबंधन ने पहले अस्पताल का बिल जमा करने पर ही शव देने की बात कही। परिजनों का आरोप है भर्ती करते समय अस्पताल कर्मियों ने वेंटिलेटर पर रखने के लिए 10 से 15 हजार खर्च की बात कही थी, अब अधिक रकम मांग रहे हैं। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन के मोबाइल नंबर 7860021982 पर संपर्क करने पर रिसीव करने वाले कर्मी ने यह कहते हुए कि मालिक से बात कराता हूूं कहकर फोन काट दिया। परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed