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वार्डेद ने जताई जहर से मार देने की आशंका
Updated Sat, 02 Sep 2017 11:28 PM IST
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वार्डेन ने जताई जहर से मार देने की आशंका
बस्ती।
बहादुरपुर ब्लॉक स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की वार्डेन नीलम पांडेय ने अपने अधीनस्थों से जान को खतरा बताया है। जहर देकर मारने की आशंका जताते हुए डीएम और बीएसए से जानमाल की गुहार लगाई है। इस पर डीएम ने बीएसए और बीएसए ने बीईओ को जांच का आदेश दिया है।
बहादुरपुर कस्तूरबा विद्यालय में एक साल पहले वार्डेन और रसोइयों में मारपीट की घटना हो चुकी है। वार्डेन नीलम पांडेय के सिर में गंभीर चोर्टें आइं थीं, जिन्हें लखनऊ रेफर करना पड़ा था। वहीं, दोनों रसोइयों को भी मामूली चोटें आईं थी। इलाज के बाद जब वार्डेन ठीक होकर आईं तो उन्होंने बीएसए को लिखकर दिया था कि उनकी तैनाती बहादुरपुर में न की जाए। नहीं तो फिर से कोई गंभीर घटना हो सकती है। दोनों रसोइयों को बर्खास्त करने तक की नौबत आ गई थी। मगर दबाव में आकर तत्कालीन बीएसए मनीराम सिंह ने न सिर्फ वार्डेन की तैनाती उसी कस्तूरबा विद्यालय में कर दी, बल्कि दोनों रसोइयों को बर्खास्त करने के स्थान पर उसी विद्यालय में तैनात भी कर दिया। वार्डेन नीलम पांडेय का आरोप है कि पुरानी घटना को लेकर फिर उनके खिलाफ साजिश की जा रही है। उन्हें खाने में जहर देकर मारने का षडयंत्र किया जा रहा है। कहा कि तीनों फुल टाइम टीचर, लेखाकार और दोनों मुख्य एवं सहायक रसोइया उनके खिलाफ साजिश रच रही है। कहा कि डर के मारे वह भोजन विद्यालय का नहीं कर रही है। बल्कि खुद बनाकर भोजन करती हैं। लेखाकार द्वारा कार्यों में जबरिया हस्तक्षेप कर माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। किसी आदेश का पालन भी नहीं हो रहा है। उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। वार्डेन ने अफसरों से कार्यों में विघ्न डालने और अनुशासनहीनता करने वाले स्टाफ को किसी अन्य विद्यालय में तैनात करने की मांग की है। ताकि बालिकाओं की शिक्षा का विकास बेहतर तरीके से हो सके। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बहादुरपुर के खंड शिक्षा अधिकारी को जांच का आदेश दिया गया है।
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बस्ती।
बहादुरपुर ब्लॉक स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की वार्डेन नीलम पांडेय ने अपने अधीनस्थों से जान को खतरा बताया है। जहर देकर मारने की आशंका जताते हुए डीएम और बीएसए से जानमाल की गुहार लगाई है। इस पर डीएम ने बीएसए और बीएसए ने बीईओ को जांच का आदेश दिया है।
बहादुरपुर कस्तूरबा विद्यालय में एक साल पहले वार्डेन और रसोइयों में मारपीट की घटना हो चुकी है। वार्डेन नीलम पांडेय के सिर में गंभीर चोर्टें आइं थीं, जिन्हें लखनऊ रेफर करना पड़ा था। वहीं, दोनों रसोइयों को भी मामूली चोटें आईं थी। इलाज के बाद जब वार्डेन ठीक होकर आईं तो उन्होंने बीएसए को लिखकर दिया था कि उनकी तैनाती बहादुरपुर में न की जाए। नहीं तो फिर से कोई गंभीर घटना हो सकती है। दोनों रसोइयों को बर्खास्त करने तक की नौबत आ गई थी। मगर दबाव में आकर तत्कालीन बीएसए मनीराम सिंह ने न सिर्फ वार्डेन की तैनाती उसी कस्तूरबा विद्यालय में कर दी, बल्कि दोनों रसोइयों को बर्खास्त करने के स्थान पर उसी विद्यालय में तैनात भी कर दिया। वार्डेन नीलम पांडेय का आरोप है कि पुरानी घटना को लेकर फिर उनके खिलाफ साजिश की जा रही है। उन्हें खाने में जहर देकर मारने का षडयंत्र किया जा रहा है। कहा कि तीनों फुल टाइम टीचर, लेखाकार और दोनों मुख्य एवं सहायक रसोइया उनके खिलाफ साजिश रच रही है। कहा कि डर के मारे वह भोजन विद्यालय का नहीं कर रही है। बल्कि खुद बनाकर भोजन करती हैं। लेखाकार द्वारा कार्यों में जबरिया हस्तक्षेप कर माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। किसी आदेश का पालन भी नहीं हो रहा है। उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। वार्डेन ने अफसरों से कार्यों में विघ्न डालने और अनुशासनहीनता करने वाले स्टाफ को किसी अन्य विद्यालय में तैनात करने की मांग की है। ताकि बालिकाओं की शिक्षा का विकास बेहतर तरीके से हो सके। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बहादुरपुर के खंड शिक्षा अधिकारी को जांच का आदेश दिया गया है।
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